BJP नेता से TI बोले- ‘नौटंकी मत कर, FIR ठोक दूंगा’: कोरेक्स तस्कर को बचाने थाने पहुंचे नेता, गेट पर बैठने को लेकर हुआ विवाद
रीवा के सिविल लाइन थाने में उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब एनडीपीएस कार्रवाई के विरोध में साहू समाज और स्थानीय व्यापारी थाने पहुंच गए. बीजेपी नेता बंसीलाल साहू जब थाने के मुख्य गेट पर बैठ गए, तो टीआई विजय सिंह ने उन्हें हाथ पकड़कर उठाया और तीखी बहस शुरू हो गई.
रीवा में भाजपा नेता बंसीलाल साहू नशीली कफ सिरप के आरोपी के समर्थन में थाने पहुंच गए और थाने के गेट के बाहर बैठ गए. इस दौरान थाना प्रभारी विजय सिंह ने उन्हें उठाने का प्रयास किया तो दोनों में बहस बढ़ गई. भाजपा नेता का कहना है कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ बदतमीजी की.
रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा में भाजपा नेता और थाना प्रभारी के बीच तीखी बहस का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। घटना सिविल लाइन थाने की है, जहां भाजपा नेता बंसीलाल साहू अपने समर्थकों के साथ नशीली कफ सिरप यानी कोरेक्स के मामले में हिरासत में लिए गए युवक के पक्ष में पहुंचे थे। भाजपा नेता का कहना है कि वे आरोपी को निर्दोष मानते हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर पुलिस को आवेदन देना चाहते थे। इसी दौरान थाने के मुख्य गेट पर बैठने को लेकर भाजपा नेता और थाना प्रभारी विजय सिंह के बीच विवाद हो गया।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में थाना प्रभारी विजय सिंह भाजपा नेता को गेट से उठाते हुए और उनका हाथ पकड़ते दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान दोनों के बीच काफी देर तक बहस होती नजर आती है। थाना प्रभारी कथित तौर पर भाजपा नेता से कहते सुनाई दे रहे हैं कि ‘नौटंकी मत कर, वरना FIR ठोक दूंगा।’ वीडियो में बातचीत के दौरान तू-तड़ाक और तीखे शब्दों का इस्तेमाल भी दिखाई-सुनाई दे रहा है।
कोरेक्स सिरप की 12 सीसी बरामद होने के बाद कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, सिविल लाइन पुलिस ने एक आइसक्रीम ठेले से नशीली कफ सिरप की 12 सीसी बरामद की थीं। पुलिस ने इस मामले में पुनीत साहू उर्फ पंकज को हिरासत में लिया है। पुलिस का कहना है कि सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई और मौके से प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप बरामद होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई शुरू की गई।
इसी मामले को लेकर भाजपा नेता बंसीलाल साहू अपने समर्थकों के साथ सिविल लाइन थाने पहुंचे। उनका कहना था कि जिस युवक को पुलिस ने हिरासत में लिया है, वह निर्दोष है। भाजपा नेता पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करना चाहते थे।
बताया गया कि भाजपा नेता और उनके समर्थक थाने पहुंचे तो वहां पुलिस से बातचीत हुई। भाजपा नेता का आरोप है कि पुलिसकर्मी उनका आवेदन लेने को तैयार नहीं थे। उनका कहना है कि वे किसी तरह का दबाव बनाने नहीं, बल्कि अपनी शिकायत और आपत्ति पुलिस के सामने रखने पहुंचे थे।
सुनवाई नहीं होने पर गेट पर बैठ गए भाजपा नेता
भाजपा नेता बंसीलाल साहू के मुताबिक, जब थाने में उनकी बात नहीं सुनी गई तो उन्होंने विरोध जताने के लिए थाने के मुख्य गेट पर बैठने का फैसला किया। इसके बाद थाना प्रभारी विजय सिंह मौके पर पहुंचे और उन्हें गेट से उठाने लगे।
इसी दौरान दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। वीडियो में थाना प्रभारी भाजपा नेता को गेट से हटने के लिए कहते नजर आ रहे हैं। वहीं भाजपा नेता भी अपनी बात रखने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। कुछ ही देर में बातचीत तीखी बहस में बदल गई।
वीडियो में थाना प्रभारी यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि थाने के गेट पर बैठकर सरकारी काम में बाधा डालना सही नहीं है। उन्होंने भीड़ के दबाव में काम नहीं करने की बात कही और नियम तोड़ने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
TI ने दी FIR दर्ज करने की चेतावनी
वायरल वीडियो में थाना प्रभारी विजय सिंह का भाजपा नेता से विवाद काफी बढ़ता दिखाई दे रहा है। बातचीत के दौरान TI ने कथित तौर पर कहा कि ‘नौटंकी मत कर, FIR ठोक दूंगा।’ उनके इस कथित बयान को लेकर अब राजनीतिक और पुलिस महकमे में भी चर्चा हो रही है।
वीडियो में थाना प्रभारी भाजपा नेता को थाने के गेट से हटाते और उनका हाथ पकड़ते नजर आ रहे हैं। भाजपा नेता का आरोप है कि इसी दौरान उनके सिर पर थप्पड़ भी मारा गया। उन्होंने थाना प्रभारी पर बदसलूकी और अपमानित करने का आरोप लगाया है।
हालांकि, पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस का पक्ष अलग है। थाना प्रभारी का कहना है कि पुलिस अपना काम कानून और नियम के अनुसार कर रही थी। किसी भी व्यक्ति को भीड़ के साथ थाने में दबाव बनाने या सरकारी काम में बाधा डालने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
भाजपा नेता बोले- मेरा अपमान किया गया
घटना के बाद भाजपा नेता बंसीलाल साहू ने पुलिस के रवैये पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि वे आरोपी युवक के पक्ष में आवेदन देने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करने थाने पहुंचे थे।
बंसीलाल साहू का आरोप है कि पुलिस ने उनकी बात सुनने के बजाय उनके साथ बदसलूकी की। उन्होंने कहा कि थाने के अंदर उनकी शिकायत नहीं सुनी गई, जिसके बाद उन्हें विरोध के लिए गेट पर बैठना पड़ा।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी ने उनके साथ तू-तड़ाक से बात की और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। उनका कहना है कि जनप्रतिनिधि या राजनीतिक कार्यकर्ता के साथ इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है।
उन्होंने पुलिस के व्यवहार पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यदि किसी मामले में उन्हें शिकायत या आपत्ति है तो उन्हें अपनी बात रखने का अधिकार है। उनका उद्देश्य मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करना था।
TI बोले- कानून से ऊपर कोई नहीं
वहीं थाना प्रभारी विजय सिंह ने पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई को नियमों के अनुसार बताया। उनका कहना है कि पुलिस को नशीली कफ सिरप की बिक्री या अवैध कारोबार की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आइसक्रीम ठेले से 12 सीसी कोरेक्स सिरप बरामद की।
TI के मुताबिक, बरामदगी के आधार पर पुलिस ने पुनीत साहू उर्फ पंकज को हिरासत में लिया है और मामले की जांच की जा रही है। उनका कहना है कि यदि भाजपा नेता को पुलिस की कार्रवाई पर कोई आपत्ति थी तो वे लिखित आवेदन देकर या बातचीत के जरिए अपनी बात रख सकते थे।
थाना प्रभारी ने कहा कि पुलिस को अपना काम करने देना चाहिए। थाने के मुख्य गेट पर बैठना और सरकारी कार्य में बाधा डालना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस किसी राजनीतिक या सामाजिक दबाव में काम नहीं करेगी।
थाने में भीड़ के दबाव में नहीं होगा काम
विजय सिंह ने कहा कि थाने में भीड़ जुटाकर किसी मामले में दबाव बनाना स्वीकार नहीं किया जाएगा। पुलिस प्रत्येक मामले में उपलब्ध तथ्यों और कानून के आधार पर कार्रवाई करेगी।
उन्होंने नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी। TI का कहना है कि पुलिस ने जो कार्रवाई की है, वह बरामदगी और सूचना के आधार पर की गई है। अब मामले की जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ी चर्चा
भाजपा नेता और TI के बीच हुई बहस का वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में थाने के मुख्य गेट पर दोनों के बीच हुई बहस और पुलिस अधिकारी द्वारा भाजपा नेता को हटाने की कोशिश साफ दिखाई दे रही है।
घटना ने एक तरफ पुलिस की कार्रवाई और दूसरी तरफ थाने में राजनीतिक हस्तक्षेप के सवाल को चर्चा में ला दिया है। भाजपा नेता जहां पुलिस पर बदसलूकी का आरोप लगा रहे हैं, वहीं थाना प्रभारी सरकारी काम में बाधा डालने और भीड़ के दबाव में काम न करने की बात कह रहे हैं।
फिलहाल कोरेक्स सिरप बरामदगी के मामले की जांच पुलिस कर रही है। आरोपी युवक के निर्दोष होने के भाजपा नेता के दावे और पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई, दोनों पहलुओं की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। वहीं वायरल वीडियो को लेकर भी अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। पूरे घटनाक्रम में आगे पुलिस की जांच और अधिकारियों की कार्रवाई पर नजर रहेगी।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस