कांग्रेस राज में मंत्री की हत्या हुई, हमने बालाघाट से माओवाद खत्म किया: सीएम मोहन यादव; अब बैगा आदिवासी अंचलों में विकास पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता

बालाघाट के बिरसा ब्लॉक में अज्ञात बीमारी से बच्चों की मौत के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रभावित आदिवासी गांवों का दौरा किया। उन्होंने मृत बच्चों के परिवारों को दो-दो लाख रुपये सहायता देने और क्षेत्र में स्वास्थ्य, पोषण व रोजगार सुविधाएं बढ़ाने का आश्वासन दिया।

कांग्रेस राज में मंत्री की हत्या हुई, हमने बालाघाट से माओवाद खत्म किया: सीएम मोहन यादव; अब बैगा आदिवासी अंचलों में विकास पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता

बीमारी से प्रभावित गांव पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान माओवादियों ने मंत्री की हत्या तक कर दी थी, लेकिन प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के नेतृत्व में हमने बालाघाट से माओवादी हिंसा का पूरी तरह खात्मा किया है।

बालाघाट। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट के माओवादी प्रभावित और दूरस्थ आदिवासी क्षेत्र का दौरा कर ग्रामीणों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के समय माओवादियों का प्रभाव इतना गंभीर था कि उन्होंने मंत्री तक की हत्या कर दी थी। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री के नेतृत्व में बालाघाट से माओवादी हिंसा का पूरी तरह खात्मा किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सरकार के सामने इससे भी बड़ी चुनौती इन दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले बैगा आदिवासी समाज तक विकास की हर सुविधा पहुंचाने की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों तक माओवादी गतिविधियों के साए में रहने के कारण बैगा आदिवासी समाज विकास की मुख्यधारा से पीछे रह गया। अब सरकार का लक्ष्य इन क्षेत्रों में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, पोषण और आजीविका से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अंदरूनी और दूरस्थ क्षेत्रों में पहुंचकर वहां की वास्तविक समस्याओं और विकास की जरूरतों की पहचान की जाए तथा प्राथमिकता के आधार पर उनका समाधान किया जाए।

माओवादी हिंसा खत्म, अब विकास की चुनौती

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि एक समय बालाघाट का यह इलाका माओवादी गतिविधियों के लिए जाना जाता था। सुरक्षा के लिहाज से भी यहां पहुंचना बड़ी चुनौती माना जाता था। लेकिन सुरक्षा बलों और सरकार के प्रयासों से माओवादी हिंसा पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है।

उन्होंने कहा कि अब सरकार का ध्यान केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि उन इलाकों के सामाजिक और आर्थिक विकास पर भी है, जहां लंबे समय तक माओवादी प्रभाव के कारण सरकारी योजनाओं और मूलभूत सुविधाओं की पहुंच सीमित रही।

सीएम ने कहा कि सरकार चाहती है कि बैगा आदिवासी परिवारों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए और उन्हें सम्मान के साथ बेहतर जीवन जीने के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।

बैगा समाज के लिए आजीविका के नए अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि बैगा आदिवासी परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए पारंपरिक संसाधनों के साथ-साथ आय के नए साधन विकसित किए जाएंगे। इसके तहत पशुपालन, बकरी पालन और कुक्कुट पालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने की बात कही गई।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं से जोड़ा जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि योजनाओं का लाभ कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि सीधे जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बैगा समाज के समग्र उत्थान के लिए आजीविका के साथ उनके रहन-सहन, पोषण और स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर

दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्र में पोषण व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और उपलब्ध अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत कर यह समझने का प्रयास किया कि उन्हें सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ किस स्तर तक मिल रहा है और किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। गर्भवती महिलाओं, बच्चों और अन्य जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाएगा।

उन्होंने पोषण आहार की उपलब्धता और उसकी गुणवत्ता पर भी जोर दिया। सरकार का प्रयास रहेगा कि कुपोषण की समस्या को दूर करने के लिए स्थानीय स्तर पर प्रभावी योजनाएं लागू की जाएं।

शिक्षा और रोजगार पर भी सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी समाज के विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बेहद जरूरी है। इसलिए बैगा आदिवासी अंचलों में बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा किए जाएंगे। सरकार चाहती है कि आदिवासी क्षेत्रों के युवा अपनी प्रतिभा और क्षमता के आधार पर आगे बढ़ें और उन्हें रोजगार के लिए दूसरे क्षेत्रों पर निर्भर न रहना पड़े।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार रोजगार और आजीविका के मॉडल तैयार किए जाएं, ताकि ग्रामीण परिवारों की आय में स्थायी वृद्धि हो सके।

वनाधिकार पट्टों की समस्याएं भी सामने आईं

दौरे के दौरान स्थानीय विधायकों ने मुख्यमंत्री को क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया। इनमें वनाधिकार पट्टों से संबंधित मामले और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी समस्याएं प्रमुख थीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वनाधिकार से जुड़े पात्र लोगों के मामलों का नियमानुसार समाधान किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को स्थानीय स्तर पर मामलों की जानकारी जुटाकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

सीएम ने कहा कि आदिवासी परिवारों को उनके अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी देना भी जरूरी है, ताकि वे पात्र होने के बावजूद किसी योजना के लाभ से वंचित न रहें।

25 साल बाद पहली बार पहुंचे अंदरूनी क्षेत्र में

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वह और उनके मंत्रिमंडल के सदस्य पिछले करीब 25 वर्षों में पहली बार इस अंदरूनी क्षेत्र में पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र लंबे समय तक नक्सल प्रभावित इलाकों में शामिल रहा है।

सीएम ने कहा कि ऐसे क्षेत्रों में सरकार और प्रशासन की सीधी पहुंच बढ़ाना बेहद जरूरी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अब विकास कार्यों को दूरस्थ इलाकों तक ले जाने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केवल जिला मुख्यालयों और शहरों तक सीमित विकास नहीं चाहती, बल्कि अंतिम छोर पर रहने वाले व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं और सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करना उसका लक्ष्य है।

प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के नेतृत्व को दिया श्रेय

मुख्यमंत्री ने बालाघाट में माओवादी गतिविधियों के समाप्त होने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री के नेतृत्व को दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से माओवादी हिंसा के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई हुई है।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा के मोर्चे पर मिली सफलता के बाद अब सरकार विकास के मोर्चे पर आगे बढ़ेगी। जिन इलाकों में कभी भय का माहौल था, वहां अब शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

आदिवासी महिलाओं ने बांधी राखी

मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान आदिवासी महिलाओं ने उनकी कलाई पर राखी भी बांधी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महिलाओं से बातचीत की और उनकी समस्याओं एवं जरूरतों के बारे में जानकारी ली।

उन्होंने कहा कि सरकार आदिवासी समाज के विकास और सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। महिलाओं और परिवारों को आजीविका के बेहतर साधन उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जाएगा।

बराबरी का दर्जा दिलाने का संकल्प

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि बैगा आदिवासी समाज को विकास की मुख्यधारा में लाकर समाज में बराबरी का दर्जा दिलाया जाए। इसके लिए केवल एक-दो योजनाओं के भरोसे नहीं रहा जाएगा, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, रोजगार, आवास, वनाधिकार और आजीविका सहित विभिन्न क्षेत्रों में समग्र रूप से काम किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश होगी कि जिन क्षेत्रों तक पहुंचना कभी कठिन माना जाता था, वहां प्रशासन नियमित रूप से पहुंचे और लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान करे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बालाघाट सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। माओवादी हिंसा का दौर समाप्त होने के बाद अब इस क्षेत्र की नई पहचान विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों से होनी चाहिए। सरकार इसी दिशा में आगे बढ़ रही है और बैगा आदिवासी समाज के सर्वांगीण विकास के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।