मंत्री विजय शाह के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे पूर्व सैनिक, रिटायर्ड मेजर जनरल बोले- यह लाखों सैनिकों का अपमान
मंत्री विजय शाह के विवादित बयान को लेकर कांग्रेस के पूर्व सैनिक विभाग ने कड़ा विरोध जताया है. विभाग ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई कथित टिप्पणी को भारतीय सेना का अपमान बताते हुए विजय शाह को मंत्री पद से हटाने और सख्त कार्रवाई की मांग की है.
मध्य प्रदेश के मंत्री कुंवर विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई अभद्र टिप्पणी के खिलाफ रिटायर्ड मेजर जनरल श्याम श्रीवास्तव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार को घेरा और कड़ी कार्रवाई की मांग की।
भोपाल। मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कुंवर विजय शाह द्वारा भारतीय सेना की महिला अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का विवाद एक बार फिर गरमा गया है। इस मामले में अब पूर्व सैनिकों ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की चेतावनी दी है। गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पूर्व सैनिक विभाग के पूर्व अध्यक्ष एवं मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) श्याम श्रीवास्तव ने मध्य प्रदेश सरकार और मंत्रिमंडल पर जमकर निशाना साधा।
मेजर जनरल श्याम श्रीवास्तव ने कहा कि भारतीय सेना के जवान देश की सीमाओं की रक्षा के लिए अपने प्राणों तक का बलिदान देते हैं। ऐसे में सेना की एक महिला अधिकारी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले मंत्री के प्रति सरकार का रवैया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जिस सेना के सम्मान के लिए देश का प्रत्येक नागरिक गर्व महसूस करता है, उसी सेना की अधिकारी का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
ऑपरेशन सिंदूर का किया जिक्र
प्रेस वार्ता के दौरान मेजर जनरल श्याम श्रीवास्तव ने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों ने निर्दोष नागरिकों को उनके परिवारों के सामने निशाना बनाया था। इस हमले के जवाब में भारतीय सेना और सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकवादियों के ठिकानों पर कार्रवाई की।
उन्होंने कहा कि इस सैन्य कार्रवाई के दौरान देश और दुनिया के सामने भारतीय सेना का पक्ष प्रभावी ढंग से रखने में कर्नल सोफिया कुरैशी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने सेना की ओर से अभियान से जुड़ी जानकारी को जिम्मेदारी के साथ देश के सामने रखा। ऐसे अधिकारी पर गर्व करने के बजाय उनके खिलाफ अभद्र टिप्पणी किया जाना सेना के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला है।
महिला सैन्य अधिकारी को लेकर टिप्पणी पर जताया आक्रोश
मेजर जनरल ने आरोप लगाया कि महू के नजदीक आयोजित एक जनसभा में मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा कि इस टिप्पणी से केवल एक सैन्य अधिकारी का नहीं, बल्कि देश की सेवा करने वाले लाखों सैनिकों और उनके परिवारों का अपमान हुआ है।
उन्होंने कहा कि सेना में किसी सैनिक की पहचान उसके धर्म या जाति से नहीं होती। सैनिक की पहली पहचान भारतीय होना है। सीमा पर जवान एक-दूसरे के साथ कंधे से कंधा मिलाकर देश की रक्षा करते हैं और जरूरत पड़ने पर अपने प्राणों की आहुति देते हैं।
सेना में सभी धर्मों का सम्मान
श्याम श्रीवास्तव ने कहा कि भारतीय सेना सर्वधर्म समभाव की मिसाल है। सैन्य इकाइयों में अलग-अलग धर्मों से जुड़े सैनिक एक साथ रहते हैं। उन्होंने कहा कि सेना की छावनियों में मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और चर्च तक मौजूद होते हैं और सैनिक सभी धर्मों के त्योहारों को मिलकर मनाते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसी सेना की महिला अधिकारी को धार्मिक या सांप्रदायिक नजरिए से देखना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। सैनिकों के बीच धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाता और सेना की यही भावना देश की एकता को मजबूत करती है। इसलिए किसी सैन्य अधिकारी के खिलाफ धर्म आधारित टिप्पणी करना गंभीर विषय है।
सरकार पर मंत्री को बचाने का आरोप
पूर्व सैनिकों ने मध्य प्रदेश सरकार के रुख पर भी सवाल उठाए। मेजर जनरल श्याम श्रीवास्तव ने कहा कि विवादित टिप्पणी के बाद मंत्री विजय शाह को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए था। यदि उन्होंने स्वयं इस्तीफा नहीं दिया तो मुख्यमंत्री को उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बजाय सरकार और मंत्रिमंडल की ओर से मंत्री को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह समझना चाहिए कि पूर्व सैनिक और देश के नागरिक सेना के सम्मान से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं करेंगे।
सड़कों पर उतरने की चेतावनी
मेजर जनरल श्याम श्रीवास्तव ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मंत्री विजय शाह के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो पूर्व सैनिक आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा में अपना जीवन समर्पित करने वाले सैनिकों के सम्मान की रक्षा करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि सरकार पूर्व सैनिकों के धैर्य की परीक्षा न ले। यदि सरकार ने अपने रुख में बदलाव नहीं किया और मंत्री के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो पूर्व सैनिक सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। उनका कहना था कि यह लड़ाई किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि भारतीय सेना की गरिमा और सैनिकों के सम्मान के लिए होगी।
राजनीतिक विवाद और बढ़ने के आसार
मंत्री विजय शाह की कथित टिप्पणी को लेकर पहले से ही राजनीतिक विवाद जारी है। विपक्ष लगातार सरकार से मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग करता रहा है। अब पूर्व सैनिकों के खुलकर सामने आने से मामला और गंभीर राजनीतिक मुद्दा बनता दिखाई दे रहा है।
पूर्व सैनिकों का कहना है कि सेना के जवान देश की रक्षा में जाति, धर्म और क्षेत्र से ऊपर उठकर काम करते हैं। इसलिए उनके साथ जुड़े किसी अधिकारी के सम्मान को राजनीतिक विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।
मेजर जनरल श्याम श्रीवास्तव ने कहा कि सेना देश की सबसे सम्मानित संस्थाओं में से एक है और उसके मनोबल को बनाए रखना सरकार तथा समाज दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सैनिकों और सैन्य अधिकारियों के सम्मान से जुड़ा कोई भी मामला हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।
अब सभी की नजर मध्य प्रदेश सरकार के अगले कदम पर है। यदि सरकार मंत्री विजय शाह के खिलाफ कार्रवाई करती है या अपने मौजूदा रुख पर कायम रहती है, दोनों ही परिस्थितियों में इस मुद्दे का राजनीतिक असर देखने को मिल सकता है। वहीं, पूर्व सैनिकों की ओर से आंदोलन की चेतावनी के बाद आने वाले दिनों में यह विवाद और तूल पकड़ सकता है।
सेना किसी दल की नहीं, पूरे देश की है"
पूर्व सैनिक विभाग ने अपने बयान में कहा कि भारतीय सेना किसी राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि पूरे देश की सेना है. सेना के किसी अधिकारी या जवान के प्रति अपमानजनक टिप्पणी देश के करोड़ों नागरिकों की भावनाओं और सैनिकों के त्याग का अनादर है. विभाग का मानना है कि सेना और सैन्य अधिकारियों का सम्मान राजनीति से ऊपर होना चाहिए.
विभाग ने केंद्र सरकार और मध्य प्रदेश सरकार से मांग की है कि मंत्री विजय शाह के खिलाफ निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई की जाए. साथ ही उन्हें मंत्री पद से हटाने का भी आग्रह किया है. विभाग का कहना है कि इससे यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि सेना के सम्मान के मामले में किसी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी.
आंदोलन की चेतावनी
पूर्व सैनिक विभाग ने कहा है कि यदि इस मामले में जल्द उचित कार्रवाई नहीं की गई तो पूर्व सैनिक भारतीय सेना की गरिमा और अपने सम्मान की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे. विभाग ने कहा कि ऐसी स्थिति बनने पर इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी.
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस