डबरा में पुरानी रंजिश का खौफनाक बदला, बिना नंबर की कार से रास्ता रोककर किया हमला; पुलिस ने तीन आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाकर कराया सीन रिएक्शन, जुलूस भी निकाला
ग्वालियर-झांसी हाईवे पर टेकनपुर के पास एक स्कूल बस चालक पर गोली चला दी, जिससे बस में सवार 50 बच्चे दहशत में आ गए। पुलिस ने 8 घंटे के भीतर तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया, जिसमें मुख्य आरोपित अर्जुन यादव ने पुरानी रंजिश के चलते वारदात को अंजाम दिया था।
बस ड्राइवर खेम सिंह यादव ने चार साल पहले हुई एक घटना में कुछ लोगों द्वारा रंजिश रखे जाने की बात पुलिस को बताई. पुलिस ने इसी आधार पर अभिषेक यादव, भीमा यादव और शुभम यादव को गिरफ्तार कर लिया. उन्होंने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया
डबरा में पुरानी रंजिश का खौफनाक बदला, बिना नंबर की कार से रास्ता रोककर किया हमला; पुलिस ने तीन आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाकर कराया सीन रिएक्शन, जुलूस भी निकाला
मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा इलाके में शनिवार सुबह बच्चों से भरी स्कूल बस पर फायरिंग की घटना से हड़कंप मच गया। टेकनपुर स्थित ग्लोरियस स्कूल की बस करीब 50 बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी। इसी दौरान पिछोर थाना क्षेत्र के बड़ी अकबई गांव के पास बिना नंबर की सफेद स्विफ्ट कार सवार बदमाशों ने बस को रास्ते में रोक लिया। आरोपियों ने पहले बस के ड्राइवर खेम सिंह को धक्का लगाने के बहाने नीचे बुलाया और उसके साथ मारपीट की। इसके बाद उस पर चार गोलियां दाग दीं।
फायरिंग में बस ड्राइवर घायल हो गया। घटना के समय बस में करीब 50 बच्चे सवार थे। गोली चलने के बाद बच्चों में दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया। पुलिस ने घायल ड्राइवर को अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे ग्वालियर रेफर कर दिया गया।
बिना नंबर की सफेद स्विफ्ट से आए थे आरोपी
घटना शनिवार सुबह की बताई जा रही है। टेकनपुर के ग्लोरियस स्कूल की बस बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी। बस को खेम सिंह चला रहे थे। जैसे ही बस बड़ी अकबई गांव की सड़क पर पहुंची, तभी एक बिना नंबर की सफेद स्विफ्ट कार सड़क के बीच में आकर रुक गई।
कार सवार युवकों ने बस को रुकवाया। बताया जा रहा है कि उन्होंने बस में धक्का लगने की बात कहकर ड्राइवर खेम सिंह को नीचे बुलाया। जैसे ही खेम सिंह नीचे आए, आरोपियों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद आरोपियों ने उन पर फायरिंग कर दी।
बताया गया है कि आरोपियों ने करीब चार गोलियां चलाईं। गोली लगने से खेम सिंह घायल हो गए। अचानक हुई फायरिंग से बस में बैठे बच्चों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए मामला बेहद गंभीर हो गया।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
फायरिंग की सूचना मिलते ही डबरा एसडीओपी सौरभ कुमार और पिछोर थाना प्रभारी शिवम सिंह राजावत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और घायल ड्राइवर को उपचार के लिए अस्पताल भेजा।
प्राथमिक उपचार के बाद खेम सिंह की हालत को देखते हुए उन्हें ग्वालियर रेफर कर दिया गया। पुलिस ने मौके से घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाए और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया।
मामला बच्चों से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया। पुलिस कप्तान धर्मवीर सिंह यादव ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जिले की करीब 10 पुलिस टीमों को लगाया।
CCTV से खुला आरोपियों का राज
पुलिस की जांच में आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज अहम साबित हुई। फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान भीमा यादव, राहुल यादव, अभिषेक यादव और शुभम यादव के रूप में की।
पहचान होने के बाद पुलिस टीमों ने आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस ने बीती शाम ग्वालियर के अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में भीमा यादव, राहुल यादव और अभिषेक यादव बताए गए हैं। वहीं चौथा आरोपी शुभम यादव अभी फरार है।
पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर घटना में इस्तेमाल हथियार और वाहन के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
घटनास्थल पर ले जाकर कराया सीन रिएक्शन
रविवार को पुलिस ने गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को घटना वाली जगह पर पहुंचाया। डबरा एसडीओपी सौरभ कुमार, पिछोर थाना प्रभारी शिवम सिंह राजावत और गिजौर्रा थाना प्रभारी उपेंद्र धाकड़ की मौजूदगी में पुलिस ने आरोपियों से घटनाक्रम का सीन रिएक्शन कराया।
पुलिस ने आरोपियों से यह समझने की कोशिश की कि उन्होंने किस तरह बस को रोका, ड्राइवर को किस स्थान पर नीचे बुलाया और उसके बाद किस तरह फायरिंग की। इसके साथ ही पुलिस ने आरोपियों का जुलूस भी निकाला।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य घटनाक्रम को मौके पर दोबारा समझना और जांच में सामने आए तथ्यों का सत्यापन करना था।
पुरानी रंजिश में वारदात को दिया अंजाम
पुलिस की प्रारंभिक जांच में इस वारदात के पीछे पुरानी रंजिश सामने आई है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2022 में खेम सिंह और आरोपी भीमा उर्फ अर्जुन का बड़ा भाई श्रीकृष्ण साथ में डबरा पहुंचे थे।
इसी दौरान एक दुर्घटना में श्रीकृष्ण की मौत हो गई थी। आरोप है कि उस घटना के बाद खेम सिंह वहां से चला गया था। इसके बाद से ही दोनों परिवारों के बीच विवाद और रंजिश बनी हुई थी।
आरोपी पक्ष को कथित तौर पर शक था कि श्रीकृष्ण की मौत के लिए खेम सिंह जिम्मेदार था। इसी पुरानी रंजिश के चलते भीमा ने अपने साथियों के साथ मिलकर खेम सिंह को निशाना बनाने की योजना बनाई।
पुलिस के अनुसार, शनिवार सुबह आरोपियों ने इसी इरादे से खेम सिंह की बस को रास्ते में रोका और उस पर फायरिंग कर दी।
जान से मारने की नीयत से हमला करने का आरोप
पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि आरोपियों का उद्देश्य केवल डराना नहीं, बल्कि खेम सिंह को जान से मारना था। इसी वजह से उन्होंने बस को रोककर ड्राइवर को नीचे बुलाया और उसके बाद गोलियां चलाईं।
घटना की गंभीरता इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि जिस समय हमला किया गया, उस समय बस में करीब 50 स्कूली बच्चे मौजूद थे। यदि फायरिंग के दौरान गोली बस के अंदर लगती या बच्चों में से किसी को निशाना बनाती, तो हादसा और भी भयावह हो सकता था।
फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और फरार आरोपी शुभम यादव की तलाश में जुटी है।
पुलिस की 10 टीमों ने शुरू किया था ऑपरेशन
बच्चों से भरी बस में फायरिंग की सूचना मिलते ही पुलिस ने तेजी से कार्रवाई शुरू की। पुलिस कप्तान धर्मवीर सिंह यादव ने आरोपियों को पकड़ने के लिए करीब 10 टीमें गठित कीं। अलग-अलग स्थानों पर पुलिस टीमों ने दबिश दी और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई।
कुछ ही समय में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। अब पुलिस फरार आरोपी को पकड़ने के साथ-साथ यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों के पास हथियार कहां से आए और फायरिंग में इस्तेमाल हथियार कौन उपलब्ध कराता था।
बच्चों की सुरक्षा बनी सबसे बड़ी चिंता
इस घटना ने स्कूल बसों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस समय बस को रोका गया, उस समय उसमें करीब 50 बच्चे मौजूद थे। पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए स्कूल बस को रोककर फायरिंग करना बेहद गंभीर मामला माना जा रहा है।
फिलहाल घायल ड्राइवर का उपचार चल रहा है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस