नरोत्तम मिश्रा 15 मिनट तक लिफ्ट में फंसे रहे, ग्वालियर में दूसरे फ्लोर पर झटके के साथ अचानक रुकी लिफ्ट; कर्मचारियों ने मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला
ग्वालियर: MP के पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा जयेंद्रगंज में एक स्पोकन इंग्लिश कोचिंग सेंटर के उद्घाटन के दौरान लिफ्ट में फंस गए। तकनीकी खराबी के कारण लिफ्ट दूसरे फ्लोर पर रुक गई। करीब 10-15 मिनट बाद कर्मचारियों ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।
मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा सोमवार को एक इमारत की लिफ्ट में अचानक तकनीकी खराबी आने के कारण फंस गए। लिफ्ट दो मंजिलों के बीच में रुक जाने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षाकर्मियों में हड़कंप व्याप्त हो गया। बाद में बुलाई गई रेस्क्यू टीम ने मशक्कत के बाद उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा सोमवार शाम ग्वालियर में एक अप्रत्याशित घटना का शिकार हो गए। शहर के जयेंद्रगंज इलाके में एक स्पोकन इंग्लिश कोचिंग संस्थान की नई शाखा का उद्घाटन करने पहुंचे डॉ. मिश्रा उस समय परेशानी में पड़ गए, जब जिस लिफ्ट से वह ऊपर जा रहे थे, वह अचानक दूसरे फ्लोर पर तेज झटके के साथ रुक गई। लिफ्ट में तकनीकी खराबी आने के कारण वह करीब 10 से 15 मिनट तक अंदर फंसे रहे। बाद में इमारत के कर्मचारियों ने काफी मशक्कत के बाद लिफ्ट का दरवाजा खोला और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।
इस घटना के दौरान मौके पर मौजूद आयोजकों, सुरक्षाकर्मियों और अन्य लोगों में चिंता का माहौल बन गया। लिफ्ट में पूर्व मंत्री के फंसने की जानकारी मिलने के बाद कर्मचारियों ने तुरंत उन्हें बाहर निकालने के प्रयास शुरू किए। काफी कोशिशों के बाद लिफ्ट का दरवाजा खोला जा सका। घटना के दौरान मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने इसका वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, इस घटना के बाद डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने अपना कार्यक्रम जारी रखा और कोचिंग संस्थान की नई शाखा का उद्घाटन भी किया।
जयेंद्रगंज में कोचिंग संस्थान के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे थे पूर्व मंत्री
जानकारी के मुताबिक, ग्वालियर के लश्कर क्षेत्र में जयेंद्रगंज स्थित संजय कॉम्प्लेक्स के सामने 'ग्वालियर नंबर 01 स्पोकन इंग्लिश क्लासेस' की नई शाखा का उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम को लेकर संस्थान के संचालकों और आयोजकों ने तैयारियां की थीं। संस्थान से जुड़े लोगों को उम्मीद थी कि पूर्व मंत्री के आगमन से कार्यक्रम को विशेष पहचान मिलेगी और विद्यार्थियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
सोमवार शाम डॉ. मिश्रा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उद्घाटन स्थल पर पहुंचे। यहां संस्थान की नई शाखा का उद्घाटन किया जाना था। जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने के लिए वह इमारत की लिफ्ट से ऊपर जा रहे थे। इसी दौरान लिफ्ट में अचानक तकनीकी खराबी आ गई और वह दूसरे फ्लोर पर पहुंचते ही झटके के साथ रुक गई।
लिफ्ट के अचानक रुकने से उसके भीतर मौजूद लोग बाहर नहीं निकल सके। शुरुआत में यह समझने की कोशिश की गई कि लिफ्ट सामान्य रूप से दोबारा चलने लगेगी, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण ऐसा नहीं हो पाया। इसके बाद इमारत में मौजूद कर्मचारियों और आयोजकों को स्थिति की जानकारी दी गई।
दूसरे फ्लोर पर अचानक आई तकनीकी खराबी
बताया गया कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा पहली मंजिल से तीसरी मंजिल की ओर जा रहे थे। इसी दौरान लिफ्ट दूसरे फ्लोर पर पहुंचकर अचानक रुक गई। लिफ्ट रुकने के समय झटका महसूस होने की बात सामने आई है। अचानक हुई इस घटना के कारण कुछ देर के लिए असमंजस की स्थिति बन गई।
लिफ्ट के बंद होने के बाद उसके अंदर मौजूद लोगों के बाहर निकलने का रास्ता बंद हो गया। ऐसे में कर्मचारियों को लिफ्ट का दरवाजा खोलने के लिए प्रयास करने पड़े। इमारत में मौजूद लोग भी यह जानने के लिए उत्सुक थे कि अंदर फंसे लोगों को किस तरह सुरक्षित बाहर निकाला जाएगा।
इस तरह की घटनाओं में लिफ्ट का दरवाजा खोलना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि लिफ्ट किस मंजिल पर रुकी है और उसकी तकनीकी स्थिति क्या है, इसका ध्यान रखना जरूरी होता है। इस मामले में भी कर्मचारियों ने प्रयास जारी रखे और करीब 10 से 15 मिनट की मशक्कत के बाद लिफ्ट का दरवाजा खोला जा सका।
इसके बाद डॉ. मिश्रा को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात यह रही कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस घटना में उनके घायल होने की कोई सूचना सामने नहीं आई।
10 से 15 मिनट तक चली मशक्कत, मौके पर बढ़ी चिंता
लिफ्ट में पूर्व मंत्री के फंसने की जानकारी मिलते ही कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों की चिंता बढ़ गई। आयोजकों के साथ-साथ उनके सुरक्षाकर्मी और पुलिसकर्मी भी स्थिति पर नजर बनाए हुए थे। सभी की कोशिश थी कि बिना किसी परेशानी के लिफ्ट का दरवाजा खोला जाए और डॉ. मिश्रा को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
कर्मचारियों ने लिफ्ट को खोलने के लिए लगातार प्रयास किए। करीब 10 से 15 मिनट तक चली इस मशक्कत के बाद आखिरकार दरवाजा खोलने में सफलता मिली। जैसे ही डॉ. मिश्रा बाहर निकले, वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।
घटना के दौरान किसी तरह की बड़ी अनहोनी नहीं हुई, लेकिन इसने इमारत में लगी लिफ्ट की तकनीकी स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए। सार्वजनिक और व्यावसायिक इमारतों में लिफ्ट का इस्तेमाल बड़ी संख्या में लोग करते हैं। ऐसे में समय-समय पर उनकी जांच और रखरखाव बेहद जरूरी माना जाता है।
हालांकि, इस घटना में लिफ्ट के खराब होने की सटीक वजह क्या थी, इसकी विस्तृत तकनीकी जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि खराबी किस उपकरण में आई थी या लिफ्ट के अचानक रुकने के पीछे कौन-सा तकनीकी कारण जिम्मेदार था।
लिफ्ट से निकलने के बाद भी जारी रखा कार्यक्रम
इस अप्रत्याशित घटना के बावजूद डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने अपना कार्यक्रम रद्द नहीं किया। लिफ्ट से सुरक्षित बाहर निकलने के बाद वह उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए और कोचिंग संस्थान की नई शाखा का रिबन काटकर उद्घाटन किया।
संस्थान के संचालकों और कार्यक्रम के आयोजकों के लिए यह राहत की बात रही कि घटना के कारण कार्यक्रम पूरी तरह बाधित नहीं हुआ। डॉ. मिश्रा ने कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और निर्धारित गतिविधि पूरी की।
उद्घाटन के बाद उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कार्यक्रम से संबंधित तस्वीरें और वीडियो भी साझा किए। उन्होंने कोचिंग संस्थान को युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक बेहतर विकल्प बताया। स्पोकन इंग्लिश जैसी शिक्षा आज के समय में विद्यार्थियों और नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए उपयोगी मानी जाती है। अंग्रेजी में संवाद करने की क्षमता कई क्षेत्रों में रोजगार और करियर के अवसर बढ़ाने में मदद कर सकती है।
इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए शहर में संचालित कोचिंग संस्थान अपनी नई शाखा के माध्यम से विद्यार्थियों तक पहुंच बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ घटना का वीडियो
लिफ्ट में पूर्व मंत्री के फंसने की घटना का वीडियो मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने रिकॉर्ड कर लिया। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया गया, जिसके बाद यह तेजी से लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
वीडियो में लिफ्ट से जुड़ी घटना और लोगों की गतिविधियों को लेकर इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के बीच चर्चा हो रही है। किसी वरिष्ठ राजनीतिक नेता के सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान इस तरह की घटना होने के कारण भी लोगों का ध्यान इसकी ओर गया।
सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो अक्सर किसी घटना को व्यापक स्तर पर पहुंचा देते हैं। हालांकि, वीडियो में दिखाई देने वाले दृश्यों के आधार पर घटना के तकनीकी कारणों या अन्य परिस्थितियों के बारे में अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। इस मामले में भी लिफ्ट के अचानक रुकने की वास्तविक वजह की पुष्टि के लिए तकनीकी जांच से जुड़ी जानकारी आवश्यक होगी।
लिफ्ट की सुरक्षा और नियमित रखरखाव पर फिर उठा सवाल
ग्वालियर में हुई यह घटना सार्वजनिक इमारतों में लिफ्ट की सुरक्षा व्यवस्था के महत्व को भी रेखांकित करती है। व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, कार्यालयों, अस्पतालों, होटलों और कोचिंग संस्थानों जैसी इमारतों में लिफ्ट लोगों के आवागमन का एक प्रमुख साधन है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इनका इस्तेमाल करते हैं।
ऐसे में लिफ्ट की नियमित जांच, तकनीकी रखरखाव और आपातकालीन स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की व्यवस्था जरूरी है। लिफ्ट में खराबी आने पर घबराने के बजाय प्रशिक्षित कर्मचारियों और तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता लेना महत्वपूर्ण होता है।
विशेष रूप से इमारतों के संचालकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि लिफ्ट की नियमित सर्विसिंग हो, आपातकालीन अलार्म और संचार व्यवस्था काम कर रही हो तथा जरूरत पड़ने पर सहायता उपलब्ध हो सके। इसके अलावा, कर्मचारियों को भी ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए उचित प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।
ग्वालियर की इस घटना में करीब 10 से 15 मिनट बाद डॉ. नरोत्तम मिश्रा को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और इसके बाद उन्होंने अपना कार्यक्रम भी पूरा किया। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, घटना में किसी बड़ी अनहोनी की सूचना नहीं है। हालांकि, लिफ्ट में आई तकनीकी खराबी का वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं हुआ है।
कुल मिलाकर, कोचिंग संस्थान के उद्घाटन कार्यक्रम में हुई यह घटना कुछ समय के लिए चिंता का कारण बनी, लेकिन पूर्व मंत्री के सुरक्षित बाहर निकलने और कार्यक्रम जारी रखने के बाद स्थिति सामान्य हो गई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के चलते यह मामला चर्चा में है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस