गोविंद सिंह राजपूत ने सपरिवार की मां राजराजेश्वरी की आराधना, 20 हजार श्रद्धालुओं संग महाहवन में दी आहुति लाल परेड ग्राउंड में रावतपुरा सरकार के सान्निध्य में हुआ एक करोड़ अर्चन का भव्य महाअनुष्ठान
गोविंद सिंह राजपूत ने सपरिवार लिया मां राजराजेश्वरी के महाअनुष्ठान में हिस्सा, 20 हजार श्रद्धालुओं संग किया महाहवन-रावतपुरा सरकार के सान्निध्य में लाल परेड ग्राउंड पर एक करोड़ अर्चन का भव्य आयोजन, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मंत्री ने दी आहुतियां
सनातन संस्कृति के ध्वजवाहक बने कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत
रावतपुरा सरकार के महाअनुष्ठान में सपरिवार हुए शामिल, 20 हजार श्रद्धालुओं संग किया महाहवन
भोपाल ।राजधानी का ऐतिहासिक लाल परेड ग्राउंड की शाम एक अलौकिक आध्यात्मिक चेतना और सनातन संस्कृति के गौरव का गवाह बना। राष्ट्र संत पूज्य गुरुदेव रावतपुरा सरकार के पावन सान्निध्य में जगत जननी मां राजराजेश्वरी का 'हरिद्रा कोटि कुंकुमार्चन' (एक करोड़ अर्चन) महाअनुष्ठान विधि-विधान से संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक और भव्य धार्मिक महोत्सव में मध्य प्रदेश सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत अपनी धार्मिक आस्था और सनातन मूल्यों को आगे बढ़ाते हुए अपनी पत्नी सागर की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सविता सिंह राजपूत के साथ सपरिवार शामिल हुए।
कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत शुरू से ही अपनी गहरी धार्मिक आस्था और सनातन परंपराओं के संरक्षण के लिए जाने जाते हैं। इस महाअनुष्ठान में उनका सपरिवार शामिल होना उनकी इसी सोच को प्रदर्शित करता है, जो नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और सनातन संस्कृति से जोड़ने का संदेश देती है। शाम 7 बजे शुरू हुए इस दिव्य अनुष्ठान में मंत्री श्री राजपूत ने न केवल विधि-विधान से पूजन किया, बल्कि वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 20 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के साथ बैठकर महाहवन में आहुतियां भी दीं। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की।
सनातन ही हमारी पहचान और संस्कार है : राजपूत
इस अलौकिक आयोजन का हिस्सा बनने के बाद कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने अपनी गहरी आध्यात्मिक भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा, परम पूज्य रावतपुरा सरकार महाराज के सान्निध्य में मां राजराजेश्वरी का यह एक करोड़ अर्चन और महाहवन केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति की शक्ति का प्रकटीकरण है। सनातन धर्म ही हमारी पहचान, हमारे संस्कार और विश्व कल्याण का मार्ग है। आज अपनी धर्मपत्नी और परिवार के साथ इस महायज्ञ में आहुति देकर मुझे असीम मानसिक शांति और आत्मिक संतोष की अनुभूति हुई है। मेरा सदैव यह प्रयास रहता है कि हम अपनी व्यस्तताओं के बीच भी अपनी गौरवशाली वैदिक परंपराओं को न भूलें और आने वाली पीढ़ी को इन संस्कारों से जोड़कर रखें। मां राजराजेश्वरी और पूज्य गुरुदेव से यही प्रार्थना है कि हमारा मध्य प्रदेश हमेशा सुख, समृद्धि और शांति के पथ पर आगे बढ़ता रहे। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि इस महोत्सव का मुख्य आकर्षण सामूहिक महाहवन रहा, जिसमें 238 प्रकार की दुर्लभ जड़ी-बूटियों, सुगंधित द्रव्यों और विशेष सामग्रियों से आहुतियां दी गईं। पूरा लाल परेड ग्राउंड वैदिक ऋचाओं, मंत्रों की गूंज और धूप-सामग्री की दिव्य सुगंध से महक उठा। मां राजराजेश्वरी के चरणों में एक करोड़ अर्चन का यह दृश्य श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करने वाला था।
देशभर से उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब
राष्ट्र संत रावतपुरा सरकार के दर्शन और इस अद्वितीय कोटि कुंकुमार्चन का हिस्सा बनने के लिए केवल भोपाल ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों सहित देश के दूसरे राज्यों से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। पूरा कार्यक्रम जप, अर्चन और हवन की विशुद्ध वैदिक प्रक्रियाओं पर केंद्रित रहा, जिसने राजधानी में एक अभूतपूर्व आध्यात्मिक माहौल तैयार कर दिया।
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और उनके परिवार की इस भव्य अनुष्ठान में सक्रिय सहभागिता ने यह सिद्ध किया कि जनसेवा के साथ-साथ अपनी संस्कृति, धर्म और सनातन परंपराओं का संवर्धन करना ही एक सच्चे राष्ट्रभक्त और लोकसेवक का परम कर्तव्य है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस