स्कूल में प्रधानाध्यापक पर चप्पलों से हमला, पति ने पकड़ा कॉलर: श्योपुर में रसोइया ने दौड़ाकर पीटा; खाना बनाने को लेकर शुरू हुआ विवाद
श्योपुर के सरकारी स्कूल में प्रधानाध्यापक और महिला रसोइया के बीच बच्चों के भोजन को लेकर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि रसोइया और उसके पति ने प्रधानाध्यापक का कॉलर पकड़ा और महिला ने चप्पल से दौड़ाकर पीटा।
बच्चों के खाने को लेकर पहले से चल रहा था विवाद
विभाग में शिकायत की बात पर भड़का मामला
पति ने पकड़ा कॉलर, प्रधानाध्यापक को गिराने की कोशिश का आरोप
श्योपुर। मध्य प्रदेश के श्योपुर में स्कूल के भीतर प्रधानाध्यापक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। किला रोड स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय में शुक्रवार सुबह उस समय हंगामा हो गया, जब स्कूल की महिला रसोइया और उसके पति ने प्रधानाध्यापक से कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि महिला रसोइया ने प्रधानाध्यापक को चप्पल से पीटा और बचने के लिए भाग रहे प्रधानाध्यापक का पीछा भी किया।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। वीडियो में स्कूल परिसर में विवाद और मारपीट होती दिखाई दे रही है। प्रधानाध्यापक का आरोप है कि रसोइया के पति ने उनका कॉलर पकड़कर उन्हें गिराने की कोशिश की, जबकि महिला ने चप्पल से हमला किया। घटना के बाद प्रधानाध्यापक स्कूल के कुछ छात्रों के साथ कोतवाली थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।
बच्चों के भोजन को लेकर पहले से था विवाद
प्रधानाध्यापक कमलजीत सिंह सिसोदिया के मुताबिक, शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे स्कूल में पुताई का काम चल रहा था। वह मजदूरों से स्कूल परिसर की पुताई करवा रहे थे। इसी दौरान स्कूल की रसोइया नसीर बानो अपने पति इस्माइल के साथ वहां मौजूद थीं।
प्रधानाध्यापक ने बताया कि उन्होंने नसीर बानो से कहा कि उनके हाथ से बनाया गया खाना बच्चों को पसंद नहीं आ रहा है। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। प्रधानाध्यापक के अनुसार, रसोइया के काम और भोजन की गुणवत्ता को लेकर पहले भी विभाग में लिखित शिकायत की जा चुकी थी।
बताया जा रहा है कि इसी शिकायत को लेकर रसोइया पक्ष नाराज था। शुक्रवार को जब प्रधानाध्यापक ने भोजन को लेकर टिप्पणी की तो मामला अचानक बढ़ गया।
पुताई का काम रुकवाने के बाद शुरू हुआ विवाद
प्रधानाध्यापक का आरोप है कि बातचीत के दौरान रसोइया और उसके पति ने पुताई का काम रुकवा दिया। इसके बाद दोनों ने उनके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। प्रधानाध्यापक ने जब उन्हें गाली देने से मना किया तो विवाद और बढ़ गया।
आरोप है कि इस्माइल ने प्रधानाध्यापक को पकड़ लिया और उनका कॉलर पकड़कर जमीन पर गिराने की कोशिश की। इसी दौरान नसीर बानो ने हाथ में चप्पल ले ली और प्रधानाध्यापक पर हमला कर दिया।
प्रधानाध्यापक ने बताया कि अचानक हुई मारपीट से वह बचने के लिए वहां से भागने लगे। महिला रसोइया ने उनका पीछा किया और कथित तौर पर दौड़ाकर चप्पल से पीटा। स्कूल परिसर में मौजूद लोगों ने किसी तरह बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।
स्कूल स्टाफ ने बीच में आकर बचाया
घटना के समय विद्यालय में शिक्षक और अन्य कर्मचारी भी मौजूद थे। प्रधानाध्यापक के अनुसार, जब उनके साथ मारपीट की जा रही थी, तब प्राथमिक शिक्षिका मीनू चौधरी, नरगिस आरा और मनोरमा गुप्ता ने बीच-बचाव किया।
पुताई का काम कर रहे प्रीतम ने भी हस्तक्षेप कर प्रधानाध्यापक को आरोपियों से बचाने की कोशिश की। स्टाफ के हस्तक्षेप के बाद मामला कुछ देर के लिए शांत हुआ।
प्रधानाध्यापक ने पुलिस को बताया कि मारपीट के दौरान उनकी पीठ में चोट आई है। घटना के बाद उन्होंने स्कूल में रुकने के बजाय पुलिस थाने जाकर शिकायत करना उचित समझा।
छात्रों के साथ थाने पहुंचे प्रधानाध्यापक
मारपीट की घटना के बाद प्रधानाध्यापक कमलजीत सिंह सिसोदिया स्कूल के छात्रों के साथ कोतवाली थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और रसोइया नसीर बानो तथा उसके पति इस्माइल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कोतवाली पुलिस के मुताबिक, प्रधानाध्यापक की शिकायत पर दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस घटना से जुड़े वीडियो और शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
वीडियो सामने आने के बाद मामला गरमाया
इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में स्कूल परिसर में कुछ लोगों के बीच विवाद और मारपीट होती दिखाई दे रही है। प्रधानाध्यापक के साथ कथित मारपीट के दौरान उन्हें बचने की कोशिश करते हुए भी देखा जा रहा है।
वीडियो सामने आने के बाद स्कूल में हुई इस घटना को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्कूल परिसर में शिक्षक और रसोइया के बीच विवाद का इस तरह मारपीट में बदल जाना शिक्षा व्यवस्था और विद्यालय के अनुशासन दोनों के लिहाज से गंभीर मामला माना जा रहा है।
विभागीय शिकायत से जुड़ा था मामला
प्रधानाध्यापक का कहना है कि नसीर बानो के खिलाफ पहले ही विभाग में लिखित शिकायत की जा चुकी थी। शिकायत में बच्चों को दिए जाने वाले भोजन को लेकर आपत्ति जताई गई थी। शुक्रवार को इसी मुद्दे पर बातचीत के दौरान विवाद बढ़ने की बात सामने आई है।
हालांकि, रसोइया पक्ष की ओर से इस मामले में क्या जवाब दिया गया है, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों और घटना से जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है।
स्कूल में विवाद ने खड़े किए सुरक्षा पर सवाल
स्कूल में बच्चों की मौजूदगी के दौरान प्रधानाध्यापक के साथ मारपीट की घटना ने विद्यालय की सुरक्षा और अनुशासन व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस समय विवाद हुआ, उस दौरान स्कूल में शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी मौजूद थे।
स्कूल परिसर में किसी विवाद के हिंसक रूप लेने से बच्चों पर भी इसका असर पड़ सकता है। ऐसे में घटना के कारणों के साथ यह भी महत्वपूर्ण है कि विद्यालय में बाहरी लोगों के प्रवेश और विवाद की स्थिति से निपटने की व्यवस्था कैसी थी।
फिलहाल पुलिस ने प्रधानाध्यापक की शिकायत पर कार्रवाई शुरू कर दी है। मारपीट में शामिल लोगों की भूमिका, वीडियो की सत्यता और घटना की पूरी परिस्थितियों की जांच के बाद ही मामले की तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।
श्योपुर के किला रोड स्थित सरकारी स्कूल में हुई यह घटना इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि बच्चों के लिए भोजन तैयार करने से जुड़े एक विवाद ने देखते ही देखते प्रधानाध्यापक और रसोइया पक्ष के बीच हाथापाई का रूप ले लिया। अब पुलिस जांच और दोनों पक्षों के बयान से यह स्पष्ट होगा कि विवाद की शुरुआत किस बात से हुई और मारपीट के दौरान वास्तव में क्या-क्या हुआ।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस