जेल प्रहरी ने अंडरगारमेंट-जूतों में छिपाई चरस, बीड़ी और तंबाकू: इंदौर जिला जेल के गेट पर तलाशी में पकड़ाया, ड्यूटी से हटाया
मध्य प्रदेश के आर्थिक राजधानी इंदौर स्थित जेल से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां जेल के ही एक प्रहरी द्वारा कैदियों तक प्रतिबंधित और नशीला सामान पहुंचाने की कोशिश का भंडाफोड़ हुआ है। मुख्य गेट पर चेकिंग के दौरान एर प्रहरी के अंडरगारमेंट्स और जूतों के अंदर छिपाकर रखे गए बीड़ी और तंबाकू के पैकेट बरामद किए गए हैं।
इस शर्मनाक वाकये ने इंदौर जिला जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और स्टाफ की साख पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभी कुछ ही दिन पहले जेल की बैरक नंबर 4 के भीतर एक कुख्यात बंदी ‘सोनू खरगोश’ पर प्रतिबंधित चाइनीज चाकू से जानलेवा हमला किया गया था, जिसके बाद उसे आनन-फानन में सेंट्रल जेल भेजना पड़ा था
इंदौर। जिला जेल में कैदियों तक चोरी-छिपे नशीले पदार्थ और प्रतिबंधित सामग्री पहुंचाने की कोशिश का मामला सामने आया है। जेल के मुख्य गेट पर चेकिंग के दौरान एक जेल प्रहरी के कपड़ों और जूतों से बीड़ी, तंबाकू के पैकेट और कथित तौर पर चरस बरामद होने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद जेल प्रशासन ने प्रहरी को जेल ड्यूटी से हटा दिया है और मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, सोमवार रात जिला जेल के मुख्य गेट पर उप जेलर राकेश उपाध्याय, चंद्रिका पटेल, नानूराम सोनी और विजय आर्य की ड्यूटी थी। इसी दौरान रात करीब 2 बजे जेल प्रहरी देवेंद्र चौहान ड्यूटी पर पहुंचा। जेल परिसर में प्रवेश से पहले नियमानुसार उसकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसके अंडरगारमेंट्स, अंदरूनी कपड़ों और जूतों में कुछ सामान छिपाकर रखा हुआ मिला।
जेल गेट पर तैनात कर्मचारियों ने जब संदिग्ध सामान की जांच की तो बीड़ी और तंबाकू के पैकेट बरामद हुए। सूत्रों के अनुसार, तलाशी में चरस भी मिलने की बात कही जा रही है। हालांकि, जेल अधीक्षक जवाहर मंडलोई ने बीड़ी और तंबाकू बरामद होने की पुष्टि की है, जबकि उन्होंने चरस मिलने से इनकार किया है। ऐसे में चरस की बरामदगी को लेकर आधिकारिक पुष्टि और जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
CCTV कैमरों के सामने हुई तलाशी और जब्ती
जेल प्रशासन के अनुसार, मुख्य गेट पर की गई तलाशी और जब्ती की प्रक्रिया जेल परिसर में लगे CCTV कैमरों की निगरानी में हुई। इससे पूरी कार्रवाई का रिकॉर्ड उपलब्ध होने की बात कही जा रही है। घटना सामने आने के बाद जेल प्रशासन ने प्रहरी को तत्काल जेल ड्यूटी से अलग कर दिया।
मामले को गंभीर इसलिए माना जा रहा है क्योंकि जेल में कैदियों तक किसी भी तरह की नशीली या प्रतिबंधित सामग्री पहुंचना सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ा खतरा हो सकता है। जेल के मुख्य प्रवेश द्वार पर कर्मचारियों और अधिकारियों की भी तलाशी की व्यवस्था होती है। ऐसे में ड्यूटी पर आने वाले प्रहरी के पास से आपत्तिजनक सामान मिलने के बाद सुरक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।
कैदी को देने की थी कथित योजना
सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक पूछताछ में देवेंद्र चौहान ने कथित तौर पर बताया कि चरस की खेप जिला जेल में बंद शुभम नेपाली तक पहुंचानी थी। बताया जा रहा है कि शुभम नेपाली पर द्वारकापुरी क्षेत्र में नशे के कारोबार से जुड़े होने का आरोप है और वह वर्तमान में जेल में बंद है।
इसके अलावा, बीड़ी और तंबाकू के पैकेट अन्य बैरकों में बंद कैदियों तक पहुंचाने की योजना होने की भी जानकारी सामने आई है। सूत्रों का दावा है कि इस काम के बदले प्रहरी को बड़ी रकम मिलने वाली थी। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
जेल प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि प्रहरी के पास यह सामान कहां से आया और क्या इससे पहले भी वह इस तरह की कोई सामग्री जेल के भीतर पहुंचा चुका है। जांच में उसके मोबाइल संपर्क, ड्यूटी रिकॉर्ड और जेल के भीतर संभावित संपर्कों की भी पड़ताल की जा सकती है।
पहले भी सामने आ चुकी है जेल की सुरक्षा में चूक
इंदौर जिला जेल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर इससे पहले भी सवाल उठ चुके हैं। कुछ दिन पहले खजराना के बिल्डर मनोज नागर पर हमले के आरोपी ‘सोनू खरगोश’ पर जेल के भीतर चाइनीज चाकू से हमला किए जाने का मामला सामने आया था। घटना के बाद उसे सेंट्रल जेल शिफ्ट किया गया था।
अब जेल प्रहरी के पास से कथित तौर पर नशीली सामग्री और तंबाकू मिलने की घटना ने एक बार फिर जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि जब जेल में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की तलाशी ली जाती है, तो प्रतिबंधित सामग्री लेकर आने की कोशिश कैसे हुई और क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है।
विभागीय जांच में सामने आएगी पूरी सच्चाई
फिलहाल जेल प्रशासन ने प्रहरी को ड्यूटी से हटा दिया है। विभागीय जांच के जरिए यह पता लगाया जा रहा है कि बरामद सामग्री वास्तव में क्या थी, उसे जेल के भीतर किसे पहुंचाया जाना था और इस पूरे मामले में किसी अन्य कर्मचारी या कैदी की भूमिका थी या नहीं।
यदि जांच में चरस की बरामदगी की पुष्टि होती है, तो मामला और गंभीर हो सकता है। वहीं बीड़ी और तंबाकू जैसे प्रतिबंधित सामान का जेल के भीतर पहुंचना भी जेल नियमों और सुरक्षा व्यवस्था के उल्लंघन के रूप में देखा जा रहा है।
इस पूरे मामले में जेल प्रशासन की जांच रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। CCTV फुटेज, तलाशी के दौरान तैयार किए गए रिकॉर्ड और पूछताछ में सामने आई जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल जेल प्रहरी को ड्यूटी से हटाए जाने के बाद विभागीय जांच जारी है
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस