अमित शाह के भोपाल दौरे से पहले पटवारी का सरकार पर हमला: जहरीली शराब-कफ सिरप कांड में किसकी राजनीतिक जिम्मेदारी?

कांग्रेस नेता ने आदिवासी बच्चों की मौत, जहरीली शराब, दूषित पेयजल, प्रशासनिक समन्वय और बढ़ते कर्ज से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने इन मामलों में जांच, जिम्मेदारी तय करने और सरकारी खर्च व कर्ज का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है।

अमित शाह के भोपाल दौरे से पहले पटवारी का सरकार पर हमला: जहरीली शराब-कफ सिरप कांड में किसकी राजनीतिक जिम्मेदारी?

कांग्रेस ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भोपाल दौरे से पहले उनसे बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत, सागर में जहरीली शराब से मौतों की जवाबदेही तय करने की मांग की

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भोपाल दौरे से पहले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मध्य प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। पटवारी ने जहरीली कफ सिरप से मौतों, सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों और इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि इन घटनाओं की राजनीतिक जिम्मेदारी आखिर किस मंत्री या नेता की तय हुई। उन्होंने अमित शाह से प्रदेश सरकार से जवाब मांगने की अपील की।

पटवारी का शाह से सीधा सवाल—मौतों की जिम्मेदारी किसकी?

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मध्य प्रदेश दौरे से पहले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार को घेरते हुए कई सवाल खड़े किए हैं। पटवारी ने कहा कि अमित शाह भोपाल आ रहे हैं तो उन्हें प्रदेश में हाल के समय में हुई गंभीर घटनाओं पर सरकार से सवाल करना चाहिए।

उन्होंने खास तौर पर जहरीली कफ सिरप से हुई मौतों का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि इतनी बड़ी घटना के लिए राजनीतिक जिम्मेदारी किसकी तय की गई।

जहरीली कफ सिरप से मौतों पर सरकार को घेरा

पटवारी ने सवाल किया कि जहरीली कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामले में जिम्मेदारी किस मंत्री की है। उन्होंने कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि ऐसी घटनाओं के लिए केवल प्रशासनिक कार्रवाई होगी या राजनीतिक जवाबदेही भी तय की जाएगी।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने केंद्रीय गृह मंत्री से मांग की कि वे प्रदेश सरकार और संगठन के साथ चर्चा कर इन मामलों में जिम्मेदारी स्पष्ट करें।

सागर शराब कांड पर भी उठाया बड़ा सवाल

पटवारी ने सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने सवाल किया कि अवैध और जहरीली शराब के कारण हुई मौतों की जिम्मेदारी किसकी थी और आबकारी विभाग के मंत्री की इस मामले में क्या जवाबदेही है।

उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इतने गंभीर मामले के बाद राजनीतिक स्तर पर किसकी जिम्मेदारी तय की गई।

इंदौर में दूषित पानी से मौतों का भी मुद्दा

कांग्रेस नेता ने इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों का मुद्दा भी उठाया। पटवारी ने पूछा कि इस घटना के लिए राजनीतिक जिम्मेदारी किसकी थी और क्या सरकार ने इस मामले में जवाबदेही तय की।

उन्होंने कहा कि अलग-अलग घटनाओं में आम लोगों की जान जाने के बाद सरकार को जनता के सामने जवाब देना चाहिए।

पटवारी बोले—25 साल की सरकार, फिर भी कुपोषण क्यों?

पटवारी ने मध्य प्रदेश में कुपोषण के मुद्दे को भी सरकार के सामने रखा। उन्होंने सवाल किया कि लंबे समय से भाजपा की सरकार होने के बावजूद प्रदेश में कुपोषण की समस्या गंभीर क्यों बनी हुई है और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

उन्होंने अमित शाह से कहा कि वे प्रदेश सरकार से इन सवालों का जवाब लें और जनता को स्पष्ट स्थिति बताएं।

कर्ज को लेकर भी सरकार पर निशाना

पटवारी ने मध्य प्रदेश के बढ़ते कर्ज और सरकारी खर्च को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश पर लाखों करोड़ रुपये का कर्ज है और प्रति व्यक्ति कर्ज का बोझ भी बढ़ रहा है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सरकारी सुविधाओं और खर्चों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब प्रदेश आर्थिक दबाव में है तो सरकार को खर्च और कर्ज को लेकर जनता के सामने पूरी तस्वीर रखनी चाहिए।

राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर कलेक्टर-SP पर हमला

पटवारी ने राहुल गांधी के बालाघाट कार्यक्रम को लेकर भी प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष के कार्यक्रम के दौरान बालाघाट कलेक्टर और एसपी मौके पर मौजूद नहीं थे।

पटवारी ने कहा कि राहुल गांधी के कार्यक्रम में सुरक्षा और प्रोटोकॉल से जुड़े इंतजामों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

कलेक्टर-SP के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस

पटवारी ने कहा कि बालाघाट कलेक्टर और एसपी के खिलाफ विधानसभा में विशेषाधिकार हनन की शिकायत की जाएगी। कांग्रेस की ओर से केंद्रीय गृह मंत्री और राष्ट्रपति को भी पत्र भेजे जाने की बात कही गई है।

उन्होंने कहा कि अधिकारियों की शिकायत आईएएस और आईपीएस एसोसिएशन के स्तर पर भी की जाएगी।

अमित शाह से निष्पक्ष जांच की मांग

पटवारी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बालाघाट मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उनका कहना है कि नेता प्रतिपक्ष के कार्यक्रम में प्रोटोकॉल का पालन हुआ या नहीं, इसकी जांच होनी चाहिए और यदि कहीं लापरवाही हुई है तो जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

अमित शाह के भोपाल दौरे से पहले पटवारी के इन सवालों ने मध्य प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है। अब कांग्रेस की ओर से उठाए गए इन सवालों पर सरकार और भाजपा की प्रतिक्रिया का इंतजार है।