निलंबित CSP नेहा पच्चीसिया समेत तीन आरोपियों पर 10-10 हजार का इनाम, लुकआउट नोटिस जारी; अग्रिम जमानत पर आज सुनवाई-कटनी जमीन सौदा और फर्जीवाड़ा मामला
एसआइटी को सीएसपी के सील किए गए कार्यालय की जांच करनी थी, लेकिन पिछले तीन दिन से टीम अभी कार्यालय में दस्तावेजों की जांच करने नहीं पहुंची है।
निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज और मारुफ अहमद के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। हत्या के आरोपित को बचाने के लिए जमीन के मामले में फरार तीनों आरोपित अग्रिम जमानत पाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि एसआईटी उनकी तलाश में जुटी है।
कटनी। मध्य प्रदेश के कटनी में बहुचर्चित जमीन सौदे, पद के कथित दुरुपयोग और फर्जीवाड़े के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। मामले की मुख्य आरोपी निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया समेत तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पुलिस ने तीनों आरोपियों पर 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। साथ ही उनकी तलाश के लिए लुकआउट नोटिस जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। एफआईआर दर्ज होने के बाद से तीनों आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।
इस मामले में शनिवार को निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया की अग्रिम जमानत याचिका पर एडीजे कोर्ट में सुनवाई होनी है। पिछली सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने अदालत के समक्ष अपनी दलीलें रखी थीं, लेकिन बहस पूरी नहीं हो सकी थी। अब शनिवार को शेष बहस पूरी होने के बाद अदालत अग्रिम जमानत याचिका पर अपना रुख स्पष्ट कर सकती है।
तीन आरोपी, सभी पर 10-10 हजार का इनाम
मामले में निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया के अलावा क्षितिज राज बारापात्रे और मारूफ अहमद हनफी को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस के अनुसार क्षितिज राज बारापात्रे मामले में मुख्य फाइनेंसर की भूमिका में बताया जा रहा है, जबकि मारूफ अहमद हनफी पर कागजी खरीदार के तौर पर शामिल होने का आरोप है।
कुठला थाने में मामला दर्ज होने के बाद से तीनों आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक आरोपी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के संभावित ठिकानों की लगातार जानकारी जुटाई जा रही है और अलग-अलग टीमों को उनकी तलाश में लगाया गया है।
पुलिस ने आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए साइबर सर्विलांस की भी मदद ली है। इसके अलावा मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही है।
हत्या के आरोपी को फायदा पहुंचाने का आरोप
पूरे मामले की जांच के दौरान पुलिस के सामने कई गंभीर आरोप सामने आए हैं। जांच के अनुसार, मामला कथित तौर पर हत्या के आरोपी रमेश लोधी को अनुचित लाभ पहुंचाने और पद के दुरुपयोग से जुड़ा है।
पुलिस की जांच में आरोप लगाया गया है कि नियमों के मुताबिक निर्धारित अवधि में अदालत में चार्जशीट पेश नहीं की गई। आरोप है कि करीब 90 दिनों तक चार्जशीट पेश नहीं होने दी गई, जिससे हत्या के आरोपी को डिफॉल्ट जमानत का लाभ मिलने की स्थिति बन सके।
जांच एजेंसियों का आरोप है कि यह पूरा घटनाक्रम महज लापरवाही नहीं था, बल्कि इसके पीछे कथित तौर पर एक सुनियोजित व्यवस्था काम कर रही थी। हालांकि इन आरोपों पर अदालत में सुनवाई जारी है और अंतिम स्थिति न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
करीब 1.07 करोड़ की जमीन का मामला
जांच में जमीन सौदे को भी इस पूरे प्रकरण की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार, हत्या के आरोपी रमेश लोधी के नाम अथवा उससे संबंधित करीब 1 करोड़ 7 लाख रुपए कीमत की जमीन को कथित तौर पर कम कीमत पर दूसरे लोगों के नाम कराने का आरोप है।
जांच में यह आरोप सामने आया है कि उक्त जमीन को निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया से जुड़े करीबियों के नाम कथित तौर पर काफी कम कीमत पर लिखवाया गया। पुलिस अब जमीन के दस्तावेज, लेन-देन, रकम के भुगतान और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि जमीन के सौदे में वास्तविक रूप से कितनी राशि का लेन-देन हुआ और दस्तावेजों में दर्ज कीमत तथा कथित बाजार मूल्य के बीच कितना अंतर था।
एफआईआर के बाद मोबाइल बंद
पुलिस के अनुसार, एफआईआर दर्ज होने के बाद से तीनों आरोपियों के मोबाइल फोन बंद बताए जा रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश के लिए तकनीकी निगरानी बढ़ा दी है। एसआईटी के साथ पुलिस की अलग-अलग टीमें और साइबर सेल आरोपियों के संभावित ठिकानों की जानकारी जुटा रहे हैं।
पुलिस ने आरोपियों से जुड़े लोगों, संपर्कों और संभावित आवाजाही के बारे में भी जानकारी जुटाई है। इसी आधार पर अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी जा रही है।
लोकेशन मिली, लेकिन हाथ नहीं आया मारूफ
जांच के दौरान साइबर सेल को फरार आरोपी मारूफ अहमद हनफी के संभावित ठिकाने की लोकेशन मिलने की जानकारी सामने आई है। इस लोकेशन के आधार पर पुलिस टीम ने संबंधित स्थान पर दबिश दी, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी वहां से निकल चुका था।
इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश के लिए अन्य संभावित ठिकानों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को पकड़ने के लिए तकनीकी संसाधनों के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर मुखबिर तंत्र की भी मदद ली जा रही है।
एसआईटी और साइबर सेल की निगरानी
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए एसआईटी और पुलिस की अलग-अलग टीमों को सक्रिय किया गया है। साइबर सेल आरोपियों की डिजिटल गतिविधियों और संभावित संपर्कों की जानकारी जुटा रहा है।
पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा द्वारा तीनों आरोपियों पर इनाम घोषित किए जाने के बाद उनकी तलाश और तेज कर दी गई है। पुलिस का प्रयास है कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर मामले की जांच को आगे बढ़ाया जाए।
लुकआउट नोटिस जारी होने के बाद आरोपियों के देश से बाहर जाने की संभावनाओं पर भी निगरानी रखने की व्यवस्था की गई है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है।
अग्रिम जमानत पर आज होगी सुनवाई
इधर, निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। इस याचिका पर शनिवार को एडीजे कोर्ट में सुनवाई होगी।
पिछली सुनवाई में अभियोजन और बचाव पक्ष के वकीलों ने अपने-अपने तर्क अदालत के सामने रखे थे। हालांकि बहस पूरी नहीं होने के कारण सुनवाई आगे बढ़ा दी गई थी। अब शेष दलीलें सुने जाने के बाद अदालत अग्रिम जमानत के आवेदन पर निर्णय ले सकती है।
अदालत के फैसले पर पुलिस और आरोपियों दोनों की नजर है। यदि अग्रिम जमानत मिलती है तो जांच की दिशा और आगे की कानूनी कार्रवाई उसी के अनुसार होगी। वहीं, जमानत आवेदन खारिज होने की स्थिति में पुलिस गिरफ्तारी की कार्रवाई आगे बढ़ा सकती है।
कई सवालों के जवाब तलाश रही जांच
जमीन सौदे और पद के कथित दुरुपयोग से जुड़े इस मामले में जांच एजेंसियां कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब तलाश रही हैं। चार्जशीट में कथित देरी क्यों हुई, जमीन का सौदा किन परिस्थितियों में हुआ, जमीन की वास्तविक कीमत क्या थी, भुगतान किसने किया और आरोपियों के बीच कथित लेन-देन का स्वरूप क्या था—इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि मामले में सामने आए आरोपों में प्रत्येक आरोपी की वास्तविक भूमिका क्या थी। जांच में सामने आने वाले दस्तावेज और साक्ष्य आगे की कानूनी कार्रवाई का आधार बनेंगे।
फिलहाल तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है और पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। वहीं, नेहा पच्चीसिया की अग्रिम जमानत पर शनिवार को होने वाली सुनवाई इस पूरे मामले में अगला महत्वपूर्ण घटनाक्रम मानी जा रही है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस