नवागंतुक जिलाधिकारी समीर ने संभाली जालौन की कमान, कोषागार पहुंचकर ग्रहण किया पदभार; जनकल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता और विकास कार्यों की गुणवत्ता पर दिया जोर

नवागंतुक जिलाधिकारी समीर ने शनिवार को कोषागार पहुंचकर जालौन के जिलाधिकारी पद का कार्यभार संभाला। पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने जनकल्याणकारी योजनाओं को पात्र लोगों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाने और आमजन की शिकायतों के त्वरित निस्तारण को प्राथमिकता बताया।

नवागंतुक जिलाधिकारी समीर ने संभाली जालौन की कमान, कोषागार पहुंचकर ग्रहण किया पदभार; जनकल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता और विकास कार्यों की गुणवत्ता पर दिया जोर

विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता पर रहेगा जोर, अधिकारियों को टीम भावना से जनहित में काम करने के निर्देश; प्रशासन को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और संवेदनशील बनाने पर दिया बल

उरई। जालौन जनपद को नए जिलाधिकारी के रूप में समीर की तैनाती के बाद शनिवार को उन्होंने विधिवत रूप से जिले की प्रशासनिक कमान संभाल ली। नवागंतुक जिलाधिकारी समीर ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित कोषागार पहुंचकर जिलाधिकारी पद का कार्यभार ग्रहण किया। पदभार संभालने के बाद उन्होंने कलेक्ट्रेट की प्रशासनिक व्यवस्था, विभिन्न विभागों के कामकाज और शासन की प्राथमिकताओं को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनपद में शासन की योजनाओं को धरातल तक पहुंचाना, आमजन की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना और विकास कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखना उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।

जिलाधिकारी समीर के पदभार ग्रहण करने के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उनका स्वागत किया। कार्यभार ग्रहण करने के बाद जिलाधिकारी ने अधिकारियों के साथ प्रारंभिक स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली को समझने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिले में शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं और विकास कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।

पात्र लाभार्थियों तक समय से पहुंचे योजनाओं का लाभ

जिलाधिकारी समीर ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ पात्र लोगों तक बिना किसी बाधा के समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए और पात्र लाभार्थियों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी केवल योजनाओं का संचालन करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना जरूरी है कि योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा।

आमजन की समस्याओं का त्वरित निस्तारण प्राथमिकता

नवागंतुक जिलाधिकारी ने कहा कि आम जनता को प्रशासन से काफी उम्मीदें होती हैं। ऐसे में लोगों की समस्याओं और शिकायतों का त्वरित, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनसुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और निर्धारित समयसीमा के भीतर उनका समाधान सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में केवल औपचारिकता नहीं होनी चाहिए, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान होना चाहिए। अधिकारियों को मौके की परिस्थितियों को समझते हुए आवश्यक कार्रवाई करने और शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर

जिलाधिकारी समीर ने जनपद में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता को लेकर भी स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जिले में होने वाले निर्माण एवं विकास कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप होने चाहिए। किसी भी परियोजना में गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा में पूरी हों। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का लाभ आम जनता को सीधे दिखाई देना चाहिए। इसके लिए विभागीय अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।

प्रशासन को बनाया जाएगा अधिक जवाबदेह और संवेदनशील

जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जिले की प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, जवाबदेह एवं संवेदनशील बनाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से टीम भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि प्रशासन में बेहतर समन्वय से ही जनहित के कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकता है। सभी विभागों को अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करते हुए एक-दूसरे के साथ समन्वय बनाकर कार्य करना होगा।

जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि जनहित प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। अधिकारियों को कार्यालयों में आने वाले लोगों के साथ संवेदनशील व्यवहार करने और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनने की आवश्यकता है।

विभागीय व्यवस्थाओं की ली जानकारी

पदभार ग्रहण करने के बाद जिलाधिकारी समीर ने कलेक्ट्रेट परिसर में संचालित विभिन्न विभागों एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से उनके विभागों की प्रमुख जिम्मेदारियों, चल रही योजनाओं और विकास कार्यों की स्थिति के बारे में जानकारी हासिल की।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शासन स्तर से निर्धारित लक्ष्यों को समयसीमा के भीतर पूरा करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर काम किया जाए। साथ ही योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करते हुए जहां भी किसी प्रकार की समस्या सामने आए, उसका तत्काल समाधान किया जाए।

बेहतर समन्वय से विकास को मिलेगी गति

जिलाधिकारी समीर ने कहा कि जनपद के समग्र विकास के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल बेहद जरूरी है। किसी एक विभाग के प्रयास से विकास की प्रक्रिया को अपेक्षित गति नहीं दी जा सकती। इसके लिए प्रशासन के सभी अंगों को एक टीम के रूप में काम करना होगा।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप विकास योजनाओं को आगे बढ़ाते हुए आम जनता को बेहतर प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता को प्राथमिकता दी जाएगी।

नवागंतुक जिलाधिकारी के पदभार ग्रहण करने के साथ ही जनपद में प्रशासनिक स्तर पर नई कार्ययोजना और प्राथमिकताओं को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं। अब आने वाले समय में जिले में शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन, विकास कार्यों की प्रगति, जनसुनवाई और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी की कार्यशैली पर विशेष नजर रहेगी।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राजीव राज, नगर मजिस्ट्रेट सुनील कुमार, उप जिलाधिकारी उरई उत्तम तिवारी, वरिष्ठ कोषाधिकारी आनंद सिंह सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने नवागंतुक जिलाधिकारी का स्वागत करते हुए प्रशासनिक कार्यों में पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया।