मेडिकल कॉलेज उरई में नर्सिंग छात्रों और जूनियर डॉक्टरों के बीच जमकर मारपीट, क्लिनिकल ड्यूटी का विवाद सड़क तक पहुंचा; VIDEO वायरल, दोनों पक्षों का प्रदर्शन

राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में मंगलवार को क्लिनिकल ड्यूटी के दौरान नर्सिंग विद्यार्थियों और एमबीबीएस इंटर्न के बीच विवाद के बाद मारपीट का मामला सामने आया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कॉलेज परिसर में दोनों पक्षों की ओर से प्रदर्शन किया गया। नर्सिंग विद्यार्थियों ने लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है। कॉलेज प्रशासन मामले की जांच में जुटा है।

मेडिकल कॉलेज उरई में नर्सिंग छात्रों और जूनियर डॉक्टरों के बीच जमकर मारपीट, क्लिनिकल ड्यूटी का विवाद सड़क तक पहुंचा; VIDEO वायरल, दोनों पक्षों का प्रदर्शन

मेडिकल कॉलेज उरई में नर्सिंग छात्रों और जूनियर डॉक्टरों में मारपीट, VIDEO वायरल

क्लिनिकल ड्यूटी के दौरान कहासुनी के बाद बिगड़ा मामला, दोनों पक्षों ने किया प्रदर्शन; नर्सिंग छात्रों ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग उठाई

उरई। राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में मंगलवार 22 सितंबर को क्लिनिकल ड्यूटी के दौरान नर्सिंग विद्यार्थियों और एमबीबीएस इंटर्न के बीच विवाद का मामला सामने आया। बताया जा रहा है कि किसी बात को लेकर शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते विवाद में बदल गई और दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई। घटना के बाद मेडिकल कॉलेज परिसर में माहौल गरमा गया। इस पूरे घटनाक्रम से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब 12:30 बजे नर्सिंग विद्यार्थी और एमबीबीएस इंटर्न अपनी-अपनी क्लिनिकल ड्यूटी में मौजूद थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। शुरुआत में मामला बातचीत तक सीमित बताया जा रहा है, लेकिन कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच हाथापाई की स्थिति बन गई।

घटना के बाद मेडिकल कॉलेज परिसर में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। विवाद की जानकारी मिलने के बाद कॉलेज प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया। इस बीच घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला और चर्चा में आ गया।

क्लिनिकल ड्यूटी के दौरान शुरू हुआ विवाद

बताया जा रहा है कि विवाद क्लिनिकल ड्यूटी के दौरान हुआ। हालांकि विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई, इसे लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग बातें सामने आ सकती हैं। फिलहाल पूरे घटनाक्रम की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

नर्सिंग विद्यार्थियों की ओर से कॉलेज प्रशासन को लिखित प्रार्थना पत्र दिया गया है। इसमें मामले की निष्पक्ष जांच कराने और घटना में शामिल लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की गई है। विद्यार्थियों का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष तरीके से जांच होनी चाहिए।

मारपीट के बाद नर्सिंग छात्रों ने किया प्रदर्शन

घटना के बाद नर्सिंग विद्यार्थियों में नाराजगी देखने को मिली। विद्यार्थियों ने अपनी मांगों को लेकर काम का बहिष्कार किया और कॉलेज प्रशासन के सामने प्रदर्शन किया। छात्रों ने सुरक्षा और कार्रवाई से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए प्रशासन से मामले में स्पष्ट कदम उठाने की मांग की।

नर्सिंग विद्यार्थियों का कहना है कि क्लिनिकल ड्यूटी के दौरान किसी भी तरह का विवाद विद्यार्थियों की पढ़ाई और प्रशिक्षण को प्रभावित करता है। उनका कहना है कि मेडिकल कॉलेज जैसे संस्थान में सभी पक्षों के बीच अनुशासन और बेहतर समन्वय जरूरी है।

विद्यार्थियों की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र में मामले की निष्पक्ष जांच की मांग प्रमुख रूप से रखी गई है। साथ ही घटना में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई करने की मांग भी की गई है।

जूनियर डॉक्टरों की ओर से भी प्रदर्शन

घटना के बाद जूनियर डॉक्टरों की ओर से भी मेडिकल कॉलेज परिसर में प्रदर्शन किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस तरह विवाद के बाद दोनों पक्ष अपनी-अपनी मांगों और शिकायतों को लेकर सामने आ गए।

मेडिकल कॉलेज प्रशासन के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती दोनों पक्षों के बीच स्थिति को सामान्य बनाए रखना है। कॉलेज में बड़ी संख्या में विद्यार्थी और मेडिकल स्टाफ क्लिनिकल गतिविधियों से जुड़े रहते हैं। ऐसे में किसी भी तरह का विवाद मरीजों की सेवाओं और विद्यार्थियों की ट्रेनिंग को प्रभावित कर सकता है।

वायरल वीडियो से बढ़ी चर्चा

मारपीट की घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया। वीडियो में कुछ लोगों के बीच विवाद और हाथापाई जैसी स्थिति दिखाई देने की बात कही जा रही है। हालांकि वायरल वीडियो के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पुष्टि नहीं की जा सकती।

वीडियो कब और किस परिस्थिति में बनाया गया, इसमें दिखाई दे रहे सभी लोग कौन हैं और विवाद की शुरुआत किस वजह से हुई, इन सभी बिंदुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। इसलिए वायरल वीडियो को लेकर सामने आ रहे अलग-अलग दावों को भी जांच के निष्कर्ष आने तक अंतिम तथ्य नहीं माना जा सकता।

दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच जरूरी

मामले में दोनों पक्षों की ओर से अपने-अपने दावे और शिकायतें सामने आने की संभावना है। ऐसे में कॉलेज प्रशासन के सामने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच करने की जिम्मेदारी है।

जांच के दौरान घटना के समय मौजूद विद्यार्थियों और अन्य लोगों के बयान लिए जा सकते हैं। इसके अलावा परिसर में उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो की भी जांच की जा सकती है। इससे विवाद की शुरुआत और उसके बाद हुए घटनाक्रम को समझने में मदद मिल सकती है।

नर्सिंग विद्यार्थियों की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसी तरह दूसरे पक्ष से जुड़े आरोपों की भी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही मानी जाएगी।

कॉलेज प्रशासन की कार्रवाई पर नजर

घटना के बाद अब कॉलेज प्रशासन की ओर से की जाने वाली कार्रवाई पर सभी की नजर है। विद्यार्थियों की मांग है कि मामले में किसी पक्ष के साथ भेदभाव न हो और तथ्यों के आधार पर निर्णय लिया जाए।

मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई के साथ-साथ मरीजों की देखभाल भी होती है। ऐसे में छात्र-छात्राओं और जूनियर डॉक्टरों के बीच विवाद का असर अस्पताल की व्यवस्थाओं पर नहीं पड़े, यह सुनिश्चित करना भी प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण है।

फिलहाल कॉलेज प्रशासन मामले की जांच कर रहा है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी, मारपीट की स्थिति कैसे बनी और घटना के