राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी का बड़ा बयान: नगरीय निकायों की खरीदी पर उठे सवाल, GeM से टेंडर तक होगी उच्च स्तरीय जांच
मध्यप्रदेश में GeM पोर्टल के जरिए होने वाली खरीदी और निर्माण कार्यों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी। राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने कहा कि कीमतों में अत्यधिक अंतर या किसी भी तरह की अनियमितता मिलने पर जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों में खरीदी में सामने आई करोड़ों की गड़बड़ी. मंत्री प्रतिमा बागरी ने दिए कार्रवाई के संकेत
भोपाल। मध्यप्रदेश में सरकारी खरीदी और निर्माण कार्यों में पारदर्शिता को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने कहा है कि GeM (Government e-Marketplace) पोर्टल के माध्यम से होने वाली खरीदी के साथ-साथ निर्माण कार्यों और ठेकेदारी से जुड़े टेंडरों की भी उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी। यह निर्णय वायरल वीडियो सामने आने के बाद लिया गया है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि विभाग में होने वाले सभी खरीदी और निर्माण संबंधी कार्यों की निगरानी की जाती है और यदि जांच के दौरान किसी भी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वायरल वीडियो के बाद मामले ने पकड़ा तूल
GeM पोर्टल से सरकारी विभागों द्वारा की जाने वाली खरीदी को लेकर सामने आए वायरल वीडियो के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। वीडियो में सरकारी खरीदी की प्रक्रिया और कीमतों को लेकर सवाल उठाए जाने की बात सामने आई है। इसके बाद नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है।
राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने कहा कि वायरल वीडियो के आधार पर सामने आए तथ्यों की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी मामले में केवल आरोपों के आधार पर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है, इसलिए पूरे मामले की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
मंत्री के मुताबिक जांच में यह देखा जाएगा कि संबंधित खरीदी या निर्माण कार्यों में निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किया गया या नहीं। साथ ही यह भी जांच का विषय होगा कि कहीं किसी स्तर पर प्रक्रिया में लापरवाही अथवा अनियमितता तो नहीं हुई।
GeM पोर्टल से होने वाली खरीदी पर रहेगी नजर
राज्य मंत्री ने कहा कि विभाग के अंतर्गत GeM पोर्टल के माध्यम से होने वाली खरीदी की विभागीय स्तर पर निगरानी की जाती है। सरकारी विभागों में सामान और सेवाओं की खरीदी के लिए GeM पोर्टल का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियमों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी खरीदी में सामान्य बाजार कीमत और पोर्टल पर उपलब्ध कीमत के बीच अत्यधिक अंतर दिखाई देता है, तो उसकी पड़ताल की जाएगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित खरीदी के दस्तावेजों, प्रक्रिया और भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की जा सकती है।
मंत्री ने संकेत दिया कि जांच का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। यदि जांच में गड़बड़ी नहीं मिलती है तो स्थिति स्पष्ट होगी और यदि अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कीमतों में अत्यधिक अंतर मिला तो होगी जांच
प्रतिमा बागरी ने कहा कि सरकारी खरीदी में कीमतों का अंतर एक महत्वपूर्ण विषय है। यदि किसी उत्पाद की कीमत सामान्य परिस्थितियों की तुलना में असामान्य रूप से अधिक पाई जाती है, तो उसके कारणों की जांच की जाएगी।
जांच के दौरान यह देखा जा सकता है कि संबंधित वस्तु की गुणवत्ता, स्पेसिफिकेशन, मात्रा, आपूर्ति की शर्तें और अन्य तकनीकी पहलू क्या थे। इसके आधार पर यह निर्धारित किया जाएगा कि कीमत में अंतर उचित था या नहीं।
उन्होंने कहा कि किसी उत्पाद की कीमत अलग-अलग परिस्थितियों में अलग हो सकती है, इसलिए केवल कीमत देखकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। लेकिन यदि जांच में नियमों के विपरीत खरीद या अनुचित लाभ का कोई मामला सामने आता है तो उसे गंभीरता से लिया जाएगा।
पोर्टल को समय-समय पर किया जाता है अपग्रेड
राज्य मंत्री ने बताया कि GeM पोर्टल को समय-समय पर अपग्रेड भी किया जाता है। इसका उद्देश्य खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना तथा संभावित अनियमितताओं के कारणों और तरीकों की पहचान करना है।
उन्होंने कहा कि तकनीकी व्यवस्था में बदलाव के साथ-साथ खरीद प्रक्रिया की निगरानी भी जरूरी है। सरकारी धन से होने वाली प्रत्येक खरीदी में नियमों का पालन होना चाहिए और प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए जिससे किसी भी स्तर पर सवाल उठने की गुंजाइश कम से कम रहे।
विभागीय स्तर पर निगरानी के साथ यदि किसी मामले में शिकायत या गंभीर आरोप सामने आते हैं तो उसकी जांच कर वास्तविक तथ्यों का पता लगाया जाएगा।
निर्माण कार्य और ठेकेदारी टेंडर भी जांच के दायरे में
मंत्री प्रतिमा बागरी ने स्पष्ट किया कि मामला केवल GeM पोर्टल से होने वाली खरीदी तक सीमित नहीं रहेगा। विभाग से जुड़े निर्माण कार्यों और ठेकेदारी टेंडरों की प्रक्रिया की भी उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी।
निर्माण कार्यों में टेंडर प्रक्रिया, स्वीकृत लागत, कार्य की गुणवत्ता, भुगतान और निर्धारित नियमों के पालन जैसे बिंदुओं की जांच की जा सकती है। यदि किसी कार्य में निर्धारित प्रक्रिया का उल्लंघन या वित्तीय अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका भी जांची जाएगी।
विभाग की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि सरकारी परियोजनाओं में गुणवत्ता और पारदर्शिता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
राज्य मंत्री ने कहा कि उच्च स्तरीय जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में किसी अधिकारी, कर्मचारी, ठेकेदार या अन्य संबंधित व्यक्ति की जिम्मेदारी सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना है। किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन होने पर उसे नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही सामने आएगी। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी को दोषी मानना उचित नहीं है।
सरकारी खरीदी में पारदर्शिता पर जोर
सरकारी विभागों में होने वाली खरीदी और निर्माण कार्यों में पारदर्शिता को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में GeM पोर्टल के माध्यम से होने वाली खरीद की निगरानी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विभाग का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से होने वाली खरीद में नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी की जाती है।
राज्य मंत्री के बयान के बाद अब संबंधित मामलों की जांच पर नजर रहेगी। जांच के दौरान यदि कीमतों में असामान्य अंतर, टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी, नियमों की अनदेखी या किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता सामने आती है तो उसके आधार पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
सरकार के इस रुख से साफ है कि सरकारी खरीदी और निर्माण कार्यों में किसी भी तरह की अनियमितता को लेकर विभाग गंभीर है। अब उच्च स्तरीय जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस