रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद पहली बार बोला आश्रम, 8 दिन की चुप्पी टूटी; अनिरुद्ध आचार्य ने भी किया प्रेमानंद का बचाव
प्रेमानंद महाराज के वृंदावन स्थित 'श्रीहित राधा केली कुंज' आश्रम ने रसिक दुलारी की मौत मामले में एक प्रेस नोट जारी कर अपना बयान साझा किया है. प्रेस नोट में आश्रम ने लिखा कि साधक दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की दुखद मृत्यु से संत प्रेमानंद व समस्त आश्रम परिवार आहत है. ट्रस्ट साधक के परिवार के साथ पूरी तरह संवेदना और सहानुभूति प्रकट करता है.
प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत के 8 दिन बाद आश्रम की ओर से पहला बयान आया है। इसमें बताया गया है कि 25 सितंबर की घटना से प्रेमानंद महाराज और परिकर आहत हैं।
वृंदावन। उत्तर प्रदेश के वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षित साधक रसिक दुलारी शरण की मौत के आठ दिन बाद राधा केलि कुंज आश्रम की ओर से पहली बार लिखित बयान सामने आया है। श्री हित राधा केलि कुंज ट्रस्ट की ओर से जारी बयान में साधक की मौत पर गहरा दुख जताते हुए कहा गया है कि घटना से संत प्रेमानंद महाराज और उनका पूरा परिकर काफी आहत है। ट्रस्ट ने मृतक साधक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि घटना की निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच में पुलिस प्रशासन का पूरा सहयोग किया जा रहा है।
ट्रस्ट ने अपने बयान में श्रद्धालुओं, साधकों और आमजन से अपील की है कि जांच पूरी होने तक किसी भी तरह की अपुष्ट जानकारी, अफवाह या अनुमान के आधार पर कोई निष्कर्ष न निकाला जाए। साथ ही महाराज की छवि को लेकर भी किसी प्रकार की भ्रामक बात फैलाने से बचने को कहा गया है। ट्रस्ट का कहना है कि उसे पूरा विश्वास है कि पुलिस प्रशासन की निष्पक्ष जांच के बाद घटना से जुड़े वास्तविक तथ्य सामने आएंगे।
मौत के बाद लगातार उठ रहे सवाल
रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद से ही इस घटना को लेकर कई तरह की चर्चाएं और सवाल सोशल मीडिया पर सामने आते रहे हैं। घटना को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। ऐसे में आश्रम की ओर से जारी यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि घटना के आठ दिन बाद ट्रस्ट ने आधिकारिक तौर पर अपना पक्ष रखा है।
ट्रस्ट ने किसी भी तरह के आरोप या अटकलों पर टिप्पणी करने के बजाय जांच एजेंसियों पर भरोसा जताया है। बयान में स्पष्ट किया गया है कि पुलिस प्रशासन घटना की जांच कर रहा है और आश्रम की ओर से जांच में हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है।
ट्रस्ट ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर सामने आने वाली हर जानकारी को सच न मानें। जब तक जांच एजेंसियों की ओर से आधिकारिक तथ्य सामने नहीं आते, तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
हाई कोर्ट में याचिका दाखिल
दूसरी ओर इस मामले में मथुरा के वकील प्रहलाद कृष्ण शुक्ला ने SIT/ मजिस्ट्रियल जांच के लिए उच्चस्तरीय कमेटी गठन के लिए जनहित याचिका (PIL) याचिका उच्च न्यायालय हाई कोर्ट इलाहाबाद में दाखिल की है. जिसमें मांग कि है उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप से मृतक रसिक दुलारीशरण उर्फ दीपक लोधी और उनके पीड़ित परिजनों को न्याय मिले.
पुलिस जांच में सहयोग का भरोसा
ट्रस्ट ने कहा कि मामले की निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच के लिए पुलिस प्रशासन के साथ पूरा सहयोग किया जा रहा है. बयान के मुताबिक, घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच के जरिए वास्तविक स्थिति सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है. ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि जांच की प्रक्रिया अपने स्तर पर जारी है और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है. ट्रस्ट ने जांच के निष्कर्षों के सामने आने तक धैर्य रखने की बात कही है.
अफवाहों और अपुष्ट दावों से बचने की अपील
आश्रम ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं, साधकों और आम लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने तक किसी भी अपुष्ट जानकारी को सच मानकर आगे प्रसारित न करें. ट्रस्ट ने कहा कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर बिना पुष्टि के किए गए दावे स्थिति को और भ्रमित कर सकते हैं. इसलिए लोगों से तथ्यों की पुष्टि किए बिना किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचने और किसी तरह की अफवाह फैलाने से बचने की अपील की गई है.
कहा- गलत जानकारी से छवि प्रभावित हो सकती है
ट्रस्ट के अनुसार, जांच पूरी होने से पहले सामने आने वाली अफवाहों और अनुमान आधारित बयानों से आश्रम तथा उससे जुड़े लोगों की छवि प्रभावित हो सकती है. इसी वजह से ट्रस्ट ने लोगों से जिम्मेदारी के साथ जानकारी साझा करने को कहा है. बयान में यह भी कहा गया कि मामले को लेकर किसी भी तरह की जानकारी सामने आने पर उसके स्रोत और सत्यता की पुष्टि करना जरूरी है. ट्रस्ट ने लोगों से संयम बनाए रखने की अपील की है.
जांच के निष्कर्ष का इंतजार करने को कहा
जारी बयान में ट्रस्ट ने पुलिस प्रशासन की जांच पर भरोसा जताया है. ट्रस्ट का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद घटना से जुड़े वास्तविक तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी. इसलिए तब तक किसी भी तरह के अनुमान या अपुष्ट दावे से बचना जरूरी है. ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं और अन्य लोगों से जांच प्रक्रिया में भरोसा रखने तथा आधिकारिक निष्कर्ष सामने आने का इंतजार करने की अपील की है.
आधिकारिक जानकारी पर भरोसा रखने की अपील
ट्रस्ट ने अपने बयान के माध्यम से लोगों से अपील की कि मामले से जुड़ी जानकारी केवल विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोतों के आधार पर ही साझा करें. बयान में कहा गया कि घटना को लेकर किसी भी तरह की जल्दबाजी में राय बनाने के बजाय जांच पूरी होने देना उचित होगा. ट्रस्ट ने प्रभावित परिवार के प्रति अपनी संवेदना दोहराते हुए कहा कि वह मामले की निष्पक्ष जांच में पुलिस प्रशासन को हर संभव सहयोग देता रहेगा.
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस