बारिश से टूटी सड़कों की बदलेगी तस्वीर, सोमवार से 553 किमी सड़कें होंगी गड्ढामुक्त; डीएम ने तय की कार्ययोजना

डीएम समीर ने अधिकारियों को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ काम पूरा करने के दिए निर्देश, तीनों लोक निर्माण खंडों ने तैयार की कार्ययोजना।

बारिश से टूटी सड़कों की बदलेगी तस्वीर, सोमवार से 553 किमी सड़कें होंगी गड्ढामुक्त; डीएम ने तय की कार्ययोजना

डीएम समीर ने अधिकारियों को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ काम पूरा करने के दिए निर्देश, तीनों लोक निर्माण खंडों ने तैयार की कार्ययोजना।

उरई। बारिश के दौरान जिले की सड़कों पर बने गड्ढों और क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत को लेकर जिला प्रशासन ने विशेष अभियान की तैयारी पूरी कर ली है। जिलाधिकारी समीर ने कलेक्ट्रेट सभागार में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर सड़क मार्गों की स्थिति और गड्ढामुक्ति अभियान की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में संबंधित विभागों के अधिशासी अभियंताओं ने अपने-अपने खंडों में चिन्हित सड़कों और प्रस्तावित मरम्मत कार्य की कार्ययोजना जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों पर बने गड्ढों को भरने का काम प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क मरम्मत में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप कराया जाए और इसकी गुणवत्ता पर विशेष नजर रखी जाए। साथ ही उन्होंने मरम्मत कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के निर्देश दिए, ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना न करना पड़े।

बैठक में प्रस्तुत कार्ययोजना के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले के अलग-अलग लोक निर्माण विभाग के खंडों के अंतर्गत कुल 159 मार्गों की 553.220 किलोमीटर लंबाई को गड्ढामुक्त किया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए विभाग ने मार्गवार कार्ययोजना तैयार कर ली है और संबंधित कार्यों के लिए अनुबंध भी गठित किए जा चुके हैं।

योजना के अनुसार प्रांतीय खंड, उरई के अंतर्गत कुल 47 मार्गों को गड्ढामुक्त किया जाएगा। इन मार्गों की कुल लंबाई 189.26 किलोमीटर है। इसी प्रकार निर्माण खंड-1, उरई के अंतर्गत 39 मार्गों की करीब 150 किलोमीटर सड़क की मरम्मत प्रस्तावित है।

वहीं निर्माण खंड-3, उरई के अंतर्गत सबसे अधिक 73 मार्गों को गड्ढामुक्त किए जाने की योजना तैयार की गई है। इन मार्गों की कुल लंबाई 213.96 किलोमीटर बताई गई है। तीनों खंडों को मिलाकर जिले में 553.220 किलोमीटर सड़क मार्ग पर मरम्मत एवं गड्ढामुक्ति का कार्य कराया जाएगा।

जिलाधिकारी ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि बारिश के कारण जिन मार्गों की हालत खराब हुई है, उन्हें चिन्हित कर वहां मरम्मत कार्य जल्द शुरू कराया जाए। उन्होंने कहा कि सड़कें आम लोगों के आवागमन का प्रमुख माध्यम हैं, इसलिए उनकी स्थिति बेहतर रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। विशेष रूप से ऐसे मार्ग जहां बारिश के बाद गड्ढे बड़े हो गए हैं या आवागमन प्रभावित हो रहा है, वहां काम में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि सड़क मरम्मत कार्य की नियमित निगरानी की जाए। संबंधित अधिकारी मौके पर जाकर कार्य की प्रगति और गुणवत्ता का निरीक्षण करें। जिलाधिकारी ने कहा कि केवल गड्ढे भर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित किया जाए कि मरम्मत निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप हो और सड़क लंबे समय तक सुरक्षित एवं सुगम बनी रहे।

लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने जिलाधिकारी को जानकारी दी कि प्रस्तावित कार्यों के लिए आवश्यक अनुबंध गठित किए जा चुके हैं। इसके बाद अब अभियान को धरातल पर उतारने की तैयारी पूरी कर ली गई है। विभाग के अनुसार सोमवार से विशेष गड्ढामुक्ति अभियान शुरू कर दिया जाएगा।

इस अभियान के शुरू होने के बाद जिले के विभिन्न ग्रामीण और प्रमुख संपर्क मार्गों पर मरम्मत कार्य कराया जाएगा। बारिश के कारण जिन सड़कों पर गड्ढे हो गए हैं, उन्हें दुरुस्त किए जाने से वाहन चालकों और राहगीरों को राहत मिलने की उम्मीद है। प्रशासन का जोर सड़क सुरक्षा के साथ-साथ आवागमन को सुचारु बनाए रखने पर है।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान के दौरान कार्यों की प्रगति की लगातार समीक्षा की जाए और निर्धारित लक्ष्य के अनुसार काम पूरा कराया जाए। उन्होंने संबंधित विभागों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने को कहा, ताकि चिन्हित सभी मार्गों पर समय से मरम्मत पूरी हो सके।

बैठक में अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग अमित सक्सेना, सुनील, महेंद्र सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।