रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की गला रेतकर हत्या, कुछ दिन पहले रखा केयरटेकर फरार
भोपाल में राकेश अग्रवाल नाम के रिटायर्ड IAS अधिकारी की हत्या उनके घर में ही कर दी गई. उन्होंने दो दिन पहले ही एक व्यक्ति को हाउस हेल्प के तौर पर रखा था, अब वह लापता है. पुलिस का शक उसी नौकर पर है.
भोपाल में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या कर दी गई है। बुधवार सुबह उनका शव सूरजनगर स्थित घर में मिला। गले पर धारदार हथियार के निशान हैं
भोपाल। राजधानी भोपाल में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की निर्मम हत्या से सनसनी फैल गई। बुधवार सुबह सूरजनगर स्थित उनके घर में उनका शव मिलने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि धारदार हथियार से गला रेतकर उनकी हत्या की गई। वारदात के बाद घर में रखा गया केयरटेकर भी लापता है। पुलिस को उसकी भूमिका पर संदेह है और उसकी तलाश शुरू कर दी गई है।
बताया जा रहा है कि राकेश अग्रवाल ने इस केयरटेकर को महज दो दिन पहले ही काम पर रखा था। उसे 28 सितंबर को पंजाब की एक एजेंसी के माध्यम से नौकरी पर रखा गया था। हत्या के बाद से केयरटेकर का कोई पता नहीं है। खास बात यह भी है कि उसका सामान भी घर में नहीं मिला, जिससे पुलिस को उसके वारदात के बाद फरार होने का संदेह है।
सुबह घर का दरवाजा बाहर से मिला बंद
राकेश अग्रवाल अपनी पत्नी के साथ सूरजनगर स्थित मकान में रहते थे। बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे उनकी पत्नी की नींद खुली। वह रोज की तरह मॉर्निंग वॉक के लिए निकलने की तैयारी कर रही थीं, लेकिन जब उन्होंने घर का मुख्य दरवाजा खोलने की कोशिश की तो वह बाहर से बंद मिला।
इसके बाद उन्होंने घर में काम करने वाले दूसरे नौकर राजन थापा को फोन किया। स्थिति संदिग्ध लगने पर वह राकेश अग्रवाल के कमरे की तरफ गईं। कमरे का दरवाजा खोलने पर अंदर का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। राकेश अग्रवाल का शव जमीन पर पड़ा था और उनके गले पर धारदार हथियार से किए गए हमले के निशान थे।
परिजनों की सूचना के बाद पुलिस को वारदात की जानकारी दी गई। कुछ ही देर में पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और पूरे घर को सुरक्षित कर जांच शुरू कर दी।
घर में फैली थी एलपीजी गैस, आग लगाने की कोशिश का शक
पुलिस की प्रारंभिक जांच में हत्या के साथ-साथ घर में आग लगाने की कोशिश के संकेत भी मिले हैं। बताया जा रहा है कि किचन में एलपीजी सिलेंडर का पाइप निकला हुआ था और पूरे घर में गैस फैल गई थी।
पुलिस को आशंका है कि हत्या के बाद आरोपी ने वारदात के सबूत मिटाने या घर को आग के हवाले करने की कोशिश की हो सकती है। हालांकि इस संबंध में पुलिस की जांच अभी जारी है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर सिलेंडर की गैस के जरिए घर में बड़ा हादसा करने की कोशिश की, लेकिन वह अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सका। इसके बाद वह मौके से फरार हो गया।
कुछ दिन पहले ही रखा गया था केयरटेकर
पुलिस की जांच में सबसे अहम कड़ी केयरटेकर को माना जा रहा है। जानकारी के मुताबिक राकेश अग्रवाल ने 28 सितंबर को ही पंजाब की एक एजेंसी के जरिए उसे काम पर रखा था। यानी हत्या से कुछ ही दिन पहले वह घर में आया था।
वारदात के बाद उसके अचानक गायब होने और उसका सामान भी घर में नहीं मिलने से पुलिस का शक और गहरा गया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि केयरटेकर का पिछला रिकॉर्ड क्या है, उसे किस एजेंसी ने भेजा था और वह वारदात के बाद किस रास्ते से फरार हुआ।
पुलिस उसके मोबाइल फोन, संपर्कों और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाने में भी लगी है। एजेंसी से भी उसके संबंध में जानकारी ली जा रही है।
पुलिस कमिश्नर समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे
हत्या की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार समेत अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया।
फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घर के अंदर से संभावित साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद वस्तुओं और परिस्थितियों को बारीकी से जांचा है। हत्या में इस्तेमाल हथियार की तलाश भी की जा रही है।
इसके अलावा घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात के समय घर के आसपास कौन-कौन लोग मौजूद थे और संदिग्ध के घर से निकलने के बाद वह किस दिशा में गया।
पड़ोसियों से भी पूछताछ
पुलिस ने आसपास रहने वाले लोगों से भी पूछताछ शुरू कर दी है। जांच अधिकारी यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि रात के समय घर के आसपास किसी संदिग्ध व्यक्ति की आवाजाही तो नहीं हुई थी।
पुलिस के सामने यह भी बड़ा सवाल है कि घर का मुख्य दरवाजा बाहर से किसने बंद किया और वारदात के बाद आरोपी किस रास्ते से बाहर निकला। इन सभी बिंदुओं को जोड़कर घटनाक्रम की कड़ी तैयार की जा रही है।
हत्या के कारणों का अभी खुलासा नहीं
फिलहाल पुलिस हत्या के कारणों का पता नहीं लगा सकी है। यह स्पष्ट नहीं है कि वारदात के पीछे लूट, आपसी विवाद, व्यक्तिगत रंजिश या कोई अन्य वजह थी।
पुलिस सभी संभावित एंगल से जांच कर रही है। घटनास्थल से मिले साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और संदिग्ध के संपर्कों की जांच के बाद ही हत्या की वजह और घटनाक्रम की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
राकेश अग्रवाल की हत्या के बाद राजधानी में भी इस वारदात को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पुलिस का मुख्य फोकस फिलहाल फरार केयरटेकर का पता लगाने और हत्या की पूरी कड़ी को जोड़ने पर है।
जांच अधिकारियों का कहना है कि मामले में जल्द ही महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है। फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने घटनास्थल से जुड़े सभी संभावित सबूत सुरक्षित कर लिए हैं और फरार संदिग्ध की तलाश में टीमें लगाई गई हैं।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस