सपा के डॉक्टर मान सिंह यादव ने झाँसी खंड स्नातक सीट जीती, भाजपा के अशोक राठौर को 27,929 मतों से हराया
इलाहाबाद-झाँसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सपा के डॉ. मान सिंह यादव ने भाजपा के अशोक कुमार राठौर को 27,929 मतों के बड़े अंतर से हराकर दूसरी बार विधान परिषद सदस्य बनने में सफलता हासिल की। डॉ. यादव को 60,411 और राठौर को 32,482 मत मिले। निर्दलीय शिवशंकर पटेल को 3,949 मत मिले, जबकि 9,596 मत अस्वीकृत हुए।
डॉ. मान सिंह यादव ने दूसरी बार जीत दर्ज की
भाजपा के अशोक राठौर को 27,929 मतों से हराया
सपा प्रत्याशी को 60,411, भाजपा को 32,482 वोट मिले
निर्दलीय शिवशंकर पटेल को 3,949 मत मिले
9,596 मत हुए अस्वीकृत
जीत से सपा कार्यकर्ताओं में उत्साह, भाजपा के लिए बड़ा झटका
शिक्षकों, स्नातकों और स्थानीय मुद्दों पर केंद्रित रहा चुनाव प्रचार
उरई। इलाहाबाद-झाँसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के परिणाम ने समाजवादी पार्टी के लिए बड़ी जीत दर्ज की है। सपा के अधिकृत प्रत्याशी डॉ. मान सिंह यादव ने भाजपा प्रत्याशी अशोक कुमार राठौर को एकतरफा मुकाबले में 27,929 मतों के बड़े अंतर से पराजित कर दूसरी बार इस सीट से विधान परिषद सदस्य बनने का सौभाग्य हासिल किया है। इस परिणाम से क्षेत्र में सपा की स्थिति मजबूत हुई है, जबकि भाजपा के लिए यह हार बड़ी चुनौती का संकेत मानी जा रही है।
डॉ. मान सिंह यादव को इस चुनाव में कुल 60,411 मत प्राप्त हुए, जबकि भाजपा प्रत्याशी अशोक कुमार राठौर को 32,482 मत मिले। दोनों प्रमुख प्रत्याशियों के बीच 27,929 मतों का अंतर रहा, जो इस सीट पर सपा की मजबूत पकड़ और मतदाताओं के बीच प्रत्याशी की स्वीकार्यता को दर्शाता है। निर्दलीय प्रत्याशी शिवशंकर पटेल ने भी चुनाव में जोरदार ताल ठोकी और उन्हें 3,949 मत प्राप्त हुए। इसके अलावा इस चुनाव में 9,596 अस्वीकृत मत दर्ज हुए, जिनकी संख्या काफी अधिक मानी जा रही है। अस्वीकृत मतों की यह संख्या इस बात की ओर संकेत करती है कि मतदाताओं में असंतोष या मतदान प्रक्रिया को लेकर चिंता भी थी।
अशोक कुमार राठौर शिक्षक खंड से पिछले दो चुनाव इस निर्वाचन क्षेत्र से लड़ चुके थे। इसके बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ली, लेकिन 2023 के शिक्षक खंड चुनाव के दौरान उन्हें सत्ता के दबाव के चलते भाजपा में शामिल होना पड़ा। 2026 में स्नातक क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए भाजपा हाईकमान ने उन पर भरोसा जताया और उन्हें चुनावी मैदान में उतारा। हालांकि, चुनाव परिणाम ने उनके पक्ष में नहीं जाया और वे डॉ. मान सिंह यादव के सामने बड़े अंतर से हार गए।
चुनाव प्रचार के दौरान शिक्षकों, स्नातकों और स्थानीय मुद्दों को केंद्र में रखा गया। डॉ. मान सिंह यादव की जीत को पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने खुशी का अवसर माना। उनके समर्थकों का कहना है कि उनकी जीत उनके लंबे समय से क्षेत्र की सेवा, संगठनात्मक मजबूती और मतदाताओं से सीधे संपर्क का परिणाम है। वहीं भाजपा के लिए यह परिणाम इस बात की जांच का संकेत है कि स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं और मतदाताओं से जुड़ाव को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
इस जीत के बाद डॉ. मान सिंह यादव ने इलाहाबाद-झाँसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से दूसरी बार विधान परिषद सदस्य के रूप में जनता की सेवा करने का दायित्व संभाला है। उनका कहना है कि वे शिक्षकों, स्नातकों और क्षेत्र के सभी वर्गों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयासरत रहेंगे। चुनाव परिणाम ने स्पष्ट कर दिया है कि इस सीट पर सपा की उपस्थिति अब भी मजबूत है और आगामी राजनीतिक गणित में यह परिणाम महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस