शुजालपुर मंडी पुलिस की साइबर ठगी पर बड़ी कार्रवाई: 3 मामलों में ₹2.04 लाख की रकम होल्ड, एक पीड़ित को ₹92,283 वापस कराए

शुजालपुर मंडी पुलिस ने साइबर ठगी के तीन मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए कुल ₹2,04,254 की राशि होल्ड कराई। पीडीएफ फाइल, WhatsApp APK लिंक और ई-चालान लिंक के जरिए हुई ठगी के मामलों में पुलिस ने बैंक से समन्वय कर रकम रोकने की कार्रवाई की। एक मामले में ₹92,283 पीड़ित के खाते में वापस कराए गए, जबकि अन्य दो मामलों में शेष राशि वापस कराने की प्रक्रिया जारी है। कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक शिवकुमार यादव और आरक्षक संजय परमार की अहम भूमिका रही।

शुजालपुर मंडी पुलिस की साइबर ठगी पर बड़ी कार्रवाई: 3 मामलों में ₹2.04 लाख की रकम होल्ड, एक पीड़ित को ₹92,283 वापस कराए

अजय राज केवट माही

प्रखर न्यूज व्यूज एक्सप्रेस भोपाल मध्य प्रदेश

पीडीएफ, WhatsApp APK और ई-चालान लिंक के जरिए हुई ठगी पर पुलिस ने दिखाई तत्परता; बैंक से समन्वय कर ठगी की रकम रोकने में मिली सफलता

शुजालपुर मंडी। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच शुजालपुर मंडी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन अलग-अलग शिकायतों में ठगी गई कुल ₹2,04,254 की राशि होल्ड कराने में सफलता हासिल की है। इनमें से एक मामले में पुलिस की तत्परता और बैंक से समन्वय के चलते ₹92,283 की राशि पीड़ित के बैंक खाते में वापस भी करा दी गई। पुलिस की इस कार्रवाई से साइबर अपराध का शिकार हुए लोगों को बड़ी राहत मिली है।

पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार जिले में साइबर अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों को जल्द राहत दिलाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक श्रीमती प्रियंका शुक्ला के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री महेंद्र तारणेकर तथा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस शुजालपुर श्री निमेष देशमुख के मार्गदर्शन में थाना शुजालपुर मंडी पुलिस ने साइबर ठगी की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की।

पीडीएफ फाइल खोलते ही खाते से उड़ गए ₹97,283

पहला मामला 18 सितंबर 2026 का है। शुजालपुर मंडी के भांजी भाई मार्ग निवासी संजय चिड़ार, उम्र 32 वर्ष ने पुलिस को शिकायत दी कि उनके मोबाइल पर एक पीडीएफ फाइल प्राप्त हुई थी। फाइल खोलने के बाद उनके बैंक खाते से ₹97,283 की राशि साइबर ठगों ने निकाल ली।

शिकायत मिलने के बाद थाना शुजालपुर मंडी पुलिस ने बिना देरी किए संबंधित बैंक से संपर्क किया और साइबर ठगी से संबंधित लेनदेन की जानकारी जुटाकर रकम को रोकने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के परिणामस्वरूप ₹92,283 की राशि होल्ड कराई गई।

इसके बाद बैंक से आवश्यक समन्वय कर उक्त राशि पीड़ित के बैंक खाते में वापस कराने में पुलिस को सफलता मिली। ठगी की रकम वापस मिलने से पीड़ित को बड़ी राहत मिली।

WhatsApp पर APK फाइल के लिंक से ₹72 हजार की ठगी

दूसरा मामला 2 अक्टूबर 2026 का है। ग्राम डाबरी निवासी गजराज सिंह, उम्र 51 वर्ष ने पुलिस को बताया कि उनके मोबाइल पर WhatsApp के माध्यम से एक लिंक प्राप्त हुआ था। लिंक के जरिए उनके बैंक खाते से ₹72,000 की राशि साइबर ठगों ने निकाल ली।

शिकायत मिलते ही थाना शुजालपुर मंडी पुलिस ने संबंधित बैंक और साइबर तंत्र से समन्वय कर ठगी की रकम को ट्रेस करने और रोकने की कार्रवाई शुरू की। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते ₹71,673 की राशि होल्ड कराने में सफलता मिली।

पुलिस के अनुसार शेष राशि पीड़ित के खाते में वापस कराने के लिए बैंक से संपर्क कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। इस मामले ने एक बार फिर मोबाइल पर WhatsApp के जरिए आने वाले अनजान लिंक और APK फाइलों से सावधान रहने की जरूरत को सामने ला दिया है।

ई-चालान लिंक पर क्लिक करना पड़ा महंगा, खाते से निकले ₹44,098

तीसरा मामला 14 अक्टूबर 2026 का है। शुजालपुर मंडी के वेयर हाउस रोड निवासी मोसीन मंसूरी, उम्र 40 वर्ष ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके मोबाइल पर ई-चालान से संबंधित एक लिंक प्राप्त हुआ था। लिंक पर क्लिक करने के बाद उनके बैंक खाते से ₹44,098 की राशि साइबर ठगी के जरिए निकाल ली गई।

शिकायत प्राप्त होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल बैंक से संपर्क किया और ठगी की रकम को रोकने की प्रक्रिया शुरू की। कार्रवाई के दौरान ₹40,298 की राशि होल्ड कराने में सफलता मिली।

शेष राशि पीड़ित के बैंक खाते में वापस कराने के लिए बैंक से संपर्क कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की तत्परता से ठगी गई बड़ी रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने में मदद मिली।

तीन मामलों में ₹2.04 लाख की रकम रोकी

थाना शुजालपुर मंडी पुलिस के अनुसार तीनों शिकायतों में त्वरित कार्रवाई करते हुए कुल ₹2,04,254 की राशि होल्ड कराई गई। इनमें पहले मामले में ₹92,283 की राशि पीड़ित को वापस भी कराई जा चुकी है, जबकि दूसरे और तीसरे मामले में शेष रकम वापस कराने के लिए बैंक स्तर पर कार्रवाई जारी है।

पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी के मामलों में शिकायत जितनी जल्दी दर्ज होती है, उतनी ही जल्दी संबंधित बैंक और साइबर सिस्टम के माध्यम से रकम को होल्ड कराने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे मामलों में पीड़ितों से देरी किए बिना पुलिस को सूचना देने की अपील की गई है।

थाना प्रभारी और आरक्षक की रही अहम भूमिका

साइबर ठगी के इन मामलों में कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी शुजालपुर मंडी निरीक्षक शिवकुमार यादव तथा आरक्षक 564 संजय परमार की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस टीम ने शिकायत प्राप्त होने के बाद संबंधित बैंक से समन्वय स्थापित कर रकम को होल्ड कराने की प्रक्रिया पूरी की।

पुलिस की इस कार्रवाई से यह भी स्पष्ट हुआ कि साइबर ठगी के बाद तत्काल शिकायत करना कितना महत्वपूर्ण है। समय पर सूचना मिलने से बैंकिंग चैनल के जरिए रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने का मौका मिल सकता है।

अनजान लिंक और फाइलों से रहें सावधान

लगातार सामने आ रहे साइबर ठगी के मामलों को देखते हुए मोबाइल यूजर्स को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। अनजान नंबर से प्राप्त PDF, APK फाइल, WhatsApp लिंक, ई-चालान लिंक या अन्य संदिग्ध लिंक को बिना जांचे खोलने से बचना चाहिए। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि करना जरूरी है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बैंक खाते, ATM, OTP, UPI PIN और अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो वह तत्काल पुलिस को सूचना दे, ताकि रकम को होल्ड कराने के लिए समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

शुजालपुर मंडी पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने तीन साइबर ठगी मामलों में ₹2.04 लाख से अधिक की रकम को सुरक्षित करने में अहम भूमिका निभाई है। एक मामले में ₹92,283 की पूरी होल्ड राशि पीड़ित को वापस मिलना पुलिस और बैंक के बीच प्रभावी समन्वय का परिणाम रहा।