बिप्लब देब का BJP संगठन को सख्त संदेश: 3 महीने में गुटबाजी खत्म करो, JCB से फूल बरसाना बंद, नेताओं की जगह योजनाओं का प्रचार
मध्य प्रदेश भाजपा के नए प्रभारी बिप्लब कुमार देब ने भोपाल में कोर कमेटी और पदाधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने नेताओं के स्वागत में जेसीबी से फूल बरसाने पर रोक लगाने और 3 महीने के भीतर गुटबाजी खत्म करने के निर्देश दिए हैं।
मध्य प्रदेश भाजपा के नए प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देब ने भोपाल में अपने पहले संगठनात्मक दौरे के दौरान पार्टी नेताओं को अनुशासन, सादगी और जमीनी कामकाज का स्पष्ट संदेश दिया। कोर कमेटी, प्रदेश पदाधिकारियों और संभाग-जिला प्रभारियों के साथ बैठकों में उन्होंने आपसी मतभेद और गुटबाजी को बातचीत के जरिए तीन महीने में खत्म करने के निर्देश दिए। साथ ही नेताओं के स्वागत में JCB से फूल बरसाने, बड़ी मालाओं और शक्ति प्रदर्शन जैसी गतिविधियों से दूरी बनाने को कहा।
भोपाल में प्रदेश भाजपा के नए प्रभारी बिप्लब कुमार देब ने संगठन की पहली बैठकों में ही अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दीं। उन्होंने संभाग और जिला प्रभारियों से कहा कि पार्टी के भीतर चल रहे आपसी मतभेदों और गुटबाजी को बातचीत के जरिए सुलझाया जाए।
उन्होंने नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच संवाद बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि छोटी-छोटी बातों को विवाद का रूप देने के बजाय संगठन के स्तर पर उनका समाधान किया जाना चाहिए। इसके लिए उन्होंने करीब तीन महीने की समयसीमा तय करने की बात कही।
न मानने वालों की जानकारी प्रदेश नेतृत्व को देने के निर्देश
बिप्लब देब ने संगठनात्मक अनुशासन को लेकर भी स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यदि समझाने और बातचीत के बाद भी कोई व्यक्ति संगठन की कार्यप्रणाली के अनुरूप नहीं चलता है तो ऐसे लोगों की जानकारी प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचाई जाए।
उन्होंने नाम और मोबाइल नंबर सहित सूची उपलब्ध कराने की बात कही, ताकि संगठन स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जा सकें। उनके इस निर्देश को संगठन में अनुशासन मजबूत करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।
JCB से फूल बरसाने की संस्कृति बंद करने को कहा
भाजपा नेताओं के स्वागत में होने वाले बड़े-बड़े आयोजनों और दिखावे पर भी प्रदेश प्रभारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने नेताओं के स्वागत के दौरान JCB से फूल बरसाने की परंपरा को बंद करने के निर्देश दिए।
देब ने कहा कि संगठन के कार्यक्रमों में अनावश्यक दिखावे के बजाय सादगी दिखाई जानी चाहिए। बड़ी-बड़ी मालाओं और शक्ति प्रदर्शन से बचते हुए कार्यकर्ताओं को संगठन के वास्तविक काम पर ध्यान देना चाहिए।
होर्डिंग में नेताओं की तस्वीरों के बजाय योजनाओं को जगह
बिप्लब देब ने पार्टी के प्रचार-प्रसार के तरीके को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि होर्डिंग और बैनर नेताओं की बड़ी तस्वीरों से भरने के बजाय केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने का माध्यम बनें।
उनका जोर इस बात पर रहा कि संगठन का प्रचार व्यक्ति केंद्रित होने के बजाय जनकल्याणकारी कार्यों और सरकार की योजनाओं पर केंद्रित होना चाहिए।
व्यक्तिगत प्रचार के लिए संगठन का इस्तेमाल नहीं
प्रदेश प्रभारी ने पार्टी पदाधिकारियों को यह भी स्पष्ट किया कि संगठन का इस्तेमाल व्यक्तिगत प्रचार के लिए नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पद मिलने के बाद जिम्मेदारी केवल अपना राजनीतिक या व्यक्तिगत प्रचार करने की नहीं, बल्कि संगठन और जनता के बीच मजबूत संपर्क बनाने की होती है।
उन्होंने पदाधिकारियों से कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं, इसे जमीनी स्तर पर देखने की जरूरत है।
अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ
बैठक में बिप्लब देब ने भाजपा के संगठनात्मक कामकाज को सरकार की योजनाओं से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि संगठन की जिम्मेदारी केवल बैठकों और कार्यक्रमों तक सीमित नहीं होनी चाहिए।
कार्यकर्ताओं को गांव, बूथ और समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर यह देखना चाहिए कि सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों को मिल रहा है या नहीं। उन्होंने संगठन को जनता के बीच लगातार सक्रिय रहने का संदेश दिया।
‘संगठन का व्यक्ति हूं, कार्यकर्ताओं से सीखने आया हूं’
मध्य प्रदेश में अपनी नई जिम्मेदारी संभालने के बाद बिप्लब देब ने कार्यकर्ताओं से संवाद को अपनी प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि वह संगठन के व्यक्ति हैं और मध्य प्रदेश के कार्यकर्ताओं से सीखने के लिए आए हैं।
उन्होंने संकेत दिया कि उनका दौरा केवल प्रदेश स्तर की बैठकों तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले समय में जिलों, गांवों और बूथ स्तर तक जाकर संगठन की गतिविधियों को समझने और कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद करने पर जोर रहेगा।
दो-तीन महीने में दिखेंगे बदलाव के परिणाम
बिप्लब देब ने सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल को भी जरूरी बताया। उनका कहना है कि संगठन और सरकार के बीच समन्वय मजबूत होने से योजनाओं का लाभ ज्यादा प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचाया जा सकता है।
उन्होंने आने वाले दो-तीन महीनों में जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिणाम दिखाई देने की उम्मीद जताई। इसके लिए संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को लगातार सक्रिय रहने का संदेश दिया गया।
पहले ही दौरे में स्पष्ट कर दिया अपना एजेंडा
मध्य प्रदेश भाजपा के नए प्रदेश प्रभारी के पहले संगठनात्मक दौरे में दिए गए निर्देशों से उनकी प्राथमिकताएं साफ नजर आईं। गुटबाजी खत्म करना, अनुशासन मजबूत करना, स्वागत में होने वाले दिखावे पर रोक लगाना और नेताओं के व्यक्तिगत प्रचार के बजाय सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाना—इन मुद्दों पर उन्होंने खास जोर दिया।
अब इन निर्देशों को मंडल, जिला और बूथ स्तर तक किस तरह लागू किया जाता है, यह आने वाले महीनों में संगठन के कामकाज में दिखाई देगा।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस