सत्य निकेतन में 5 मंजिला इमारत भरभराकर गिरी, एक छात्र की मौत से मचा हड़कंप; मालिक आनंद बंसल पर FIR, CM रेखा गुप्ता ने मौके पर पहुंचकर संभाला मोर्चा

सत्य निकेतन में रविवार (6 सितंबर) को एक इमारत ढह गई है. अब तक यहां 6 छात्रों का रेस्क्यू हो चुका है. घायलों को AIIMS ट्रॉमा सेंटर भेजा जा रहा है.

सत्य निकेतन में 5 मंजिला इमारत भरभराकर गिरी, एक छात्र की मौत से मचा हड़कंप; मालिक आनंद बंसल पर FIR, CM रेखा गुप्ता ने मौके पर पहुंचकर संभाला मोर्चा

दिल्ली के सत्य निकेतन मार्केट इलाक़े में रविवार दोपहर एक पांच मंज़िला इमारत ढह गई, जिसमें पीजी हॉस्टल चल रहा था और स्टूडेंट रह रहे थे.

नई दिल्ली। दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के वक्त इमारत में हॉस्टल संचालित हो रहा था और बताया जा रहा है कि कई छात्र अंदर मौजूद थे। हादसे में अब तक एक छात्र की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव दल ने मलबे से कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। हालांकि, मलबे में अभी कितने लोग फंसे हुए हैं, इसका स्पष्ट आंकड़ा सामने नहीं आया है।

हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गईं। दिल्ली पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस, NDRF, CAT एंबुलेंस, DDMA, MCD और सिविल डिफेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं और युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी घटनास्थल पर पहुंचीं और अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्य की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मलबे में फंसे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाए।

बेसमेंट में चल रही थी खुदाई, तभी हुआ हादसा

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हादसे के समय इमारत में हॉस्टल चल रहा था। चश्मदीदों का कहना है कि जिस वक्त इमारत गिरी, उस समय छात्र अपने कमरों में मौजूद थे। बताया जा रहा है कि इमारत के बेसमेंट में खुदाई का काम भी चल रहा था। इसी दौरान अचानक पूरी पांच मंजिला इमारत ढह गई।

इमारत के अचानक गिरने से आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। देखते ही देखते मौके पर बड़ी संख्या में बचाव दल पहुंच गए। मलबा काफी अधिक होने के कारण रेस्क्यू टीमों को अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने में कठिनाई का सामना करना पड़ा।

अब तक छह लोगों को मलबे से निकाला गया

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, दोपहर करीब 1:34 बजे साउथ कैंपस पुलिस स्टेशन को नानकपुरा गुरुद्वारे के पास एक इमारत गिरने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड, CAT एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं।

बचाव अभियान के दौरान अब तक छह लोगों को मलबे से बाहर निकाला जा चुका है। इनमें से तीन घायलों को गंभीर हालत में एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। एक व्यक्ति को मलबे से जीवित निकाले जाने के बाद एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया।

प्रशासन की ओर से लगातार यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मलबे के नीचे और कितने लोग फंसे हुए हैं। NDRF की टीम भी मौके पर पहुंच चुकी है और अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से मलबे में जीवन के संकेत तलाशे जा रहे हैं।

इमारत मालिक आनंद बंसल के खिलाफ FIR

हादसे के बाद इमारत की सुरक्षा और निर्माण से जुड़े सवाल भी उठने लगे हैं। दिल्ली बीजेपी सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने बताया कि सरकार ने घटना की जांच के लिए एक कमेटी गठित की है। यह कमेटी हादसे के कारणों की जांच करेगी और यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बिधूड़ी के मुताबिक, इमारत के मालिक आनंद बंसल के खिलाफ FIR दर्ज की जा चुकी है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इमारत की संरचनात्मक सुरक्षा कैसी थी, बेसमेंट में खुदाई की अनुमति थी या नहीं और निर्माण अथवा मरम्मत के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इमारत गिरने की वास्तविक वजह क्या थी।

अमित शाह ने गोवा का कार्यक्रम बीच में रुकवाया

दिल्ली में हुए इस हादसे की जानकारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तक पहुंची तो उन्होंने गोवा में चल रहे अपने कार्यक्रम को बीच में रुकवाया। अमित शाह गोवा में बीजेपी के नए कार्यालय के उद्घाटन समारोह में पहुंचे थे। दिल्ली में इमारत गिरने की खबर मिलने के बाद उन्होंने स्थिति की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों से राहत एवं बचाव अभियान की जानकारी प्राप्त की।

हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर लगातार समन्वय किया जा रहा है।

CM रेखा गुप्ता अधिकारियों के संपर्क में

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता हादसे के बाद लगातार अधिकारियों के संपर्क में हैं। मुख्यमंत्री ने राहत एवं बचाव कार्य में किसी तरह की कमी नहीं रहने देने के निर्देश दिए हैं। DM, दिल्ली पुलिस, NDRF समेत संबंधित विभागों के अधिकारियों से वह लगातार जानकारी ले रही हैं।

मुख्यमंत्री स्वयं घटनास्थल पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकालने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल किया जाए। साथ ही घायलों और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

दिल्ली सरकार के मंत्रियों ने भी जताई चिंता

दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने हादसे पर चिंता जताते हुए कहा कि लोगों को जल्द से जल्द मलबे से निकालने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

मंत्री प्रवेश वर्मा ने बताया कि NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, DDMA, MCD, CATS और सिविल डिफेंस की टीमें मौके पर मौजूद हैं। सभी एजेंसियां मिलकर फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने के लिए प्रयास कर रही हैं।

वहीं मंत्री आशीष सूद ने कहा कि सरकार स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है। संबंधित टीमों को घटनास्थल पर मौजूद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

राहुल गांधी ने बचाव दल से की अपील

कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी हादसे पर चिंता जताई। उन्होंने NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और अन्य बचाव दलों से अपील की कि मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाए।

राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस और NSUI के कार्यकर्ता भी घटनास्थल पर मौजूद हैं और जरूरत पड़ने पर हर संभव मदद के लिए तैयार हैं। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।

आतिशी ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग

दिल्ली की नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने भी हादसे पर दुख जताते हुए प्रशासन से राहत और बचाव कार्य पूरी तत्परता से चलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार को हादसे की उच्चस्तरीय जांच करानी चाहिए और यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

कांग्रेस नेता अभिषेक दत्त ने भी हादसे को लेकर सरकार से सवाल किए। उन्होंने कहा कि सबसे पहले मलबे में फंसे बच्चों और अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।

स्मृति ईरानी ने जताया दुख

बीजेपी की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने भी सत्य निकेतन हादसे पर दुख जताया। उन्होंने हादसे में घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और राहत एवं बचाव अभियान में जुटी टीमों के प्रयासों की सराहना की।

हादसे के बाद उठे सुरक्षा पर सवाल

सत्य निकेतन में हॉस्टल वाली पांच मंजिला इमारत के गिरने के बाद सबसे बड़ा सवाल इमारत की सुरक्षा और बेसमेंट में चल रही खुदाई को लेकर उठ रहा है। यदि वास्तव में बेसमेंट में खुदाई के दौरान इमारत की नींव या संरचना प्रभावित हुई थी, तो जांच में इसकी गंभीरता से पड़ताल की जाएगी।

फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और घायलों को बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराने पर है। हादसे के कारणों की विस्तृत जांच के लिए गठित कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही जिम्मेदारी तय हो सकेगी।

सत्य निकेतन हादसे ने एक बार फिर दिल्ली में पुरानी और निर्माणाधीन इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब नजर इस बात पर है कि जांच में हादसे की असली वजह क्या सामने आती है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्रशासन कितनी सख्ती से कार्रवाई करता है।

सीएम रेखा गुप्ता ने इस हादसे पर दुख जताया है. उन्होंने कहा, 'सत्य निकेतन, आरके पुरम में बिल्डिंग गिरने की घटना से बहुत परेशान हूं. DDMA, NDRF, दिल्ली फायर सर्विसेज, दिल्ली पुलिस, MCD, CATS और सिविल डिफेंस की टीमें युद्ध स्तर पर बचाव अभियान चला रही हैं. सावधानी के तौर पर पास की बिल्डिंग को खाली करा दिया गया है.'

मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बचाने और प्रभावित परिवारों को तुरंत मदद देने की हर मुमकिन कोशिश की जा रही है. हालात पर करीब से नज़र रखी जा रही है और सभी संबंधित एजेंसियां ​​मिलकर काम कर रही हैं. हर नागरिक की सुरक्षा और भलाई हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है.

NSUI का फूटा सरकार पर गुस्सा

इस हादसे को लेकर NSUI का सरकार पर गुस्सा फूटा है. NSUI ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में इमारत गिरने की खबर बेहद चिंताजनक है. मलबे में DU के छात्रों के दबे होने की जानकारी सामने आ रही है.'