बंडा जहरीली शराब कांड पर दिग्विजय सिंह का बड़ा ऐलान, 4 पीड़ित परिवारों को लिया गोद; हर माह ₹10 हजार देंगे, अनाथ बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी उठाएंगे

सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों पर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने बड़ा आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि 45 मौतें हुईं हैं, जबकि प्रशासन ने कम दर्शायी हैं. उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है.

बंडा जहरीली शराब कांड पर दिग्विजय सिंह का बड़ा ऐलान, 4 पीड़ित परिवारों को लिया गोद; हर माह ₹10 हजार देंगे, अनाथ बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी उठाएंगे

बंडा के प्रभावित गांवों में पहुंचे दिग्विजय सिंह, मृतकों के परिजनों से की मुलाकात

चार पीड़ित परिवारों को गोद लेने का ऐलान, हर महीने 10 हजार रुपये देने की घोषणा

अनाथ बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाएंगे दिग्विजय सिंह, राशन व्यवस्था की भी मांग

सागर/बंडा। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह शनिवार को बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के बाद प्रभावित गांवों के दौरे पर पहुंचे। उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। इस दौरान उन्होंने चार पीड़ित परिवारों को गोद लेने और उन्हें आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। दिग्विजय सिंह ने कहा कि इन परिवारों को अपनी ओर से हर माह 10-10 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा जिन परिवारों के बच्चे माता-पिता के निधन के कारण प्रभावित हुए हैं, उनकी शिक्षा का खर्च भी वह उठाएंगे।

दिग्विजय सिंह के मुताबिक जिन परिवारों को गोद लेने की घोषणा की गई है, उनमें झोली ग्राम के मृतक भोला अहिरवार, धुरमार ग्राम के रामस्वरूप अहिरवार, खतोरा खुई ग्राम के भोपाली आदिवासी की पत्नी माया तथा हनौती ग्राम के धनसींग आदिवासी की पत्नी मीना का परिवार शामिल है।

प्रभावित गांवों में जाकर परिजनों से मिले

पूर्व मुख्यमंत्री ने शाहगढ़ के पास स्थित खटोरा गांव से अपना दौरा शुरू किया। इसके बाद उनका काफिला पापेट, मौली, धुरमार, रवारा और बुढ़ना होते हुए गूगरा तक पहुंचा। इन गांवों में उन्होंने जहरीली शराब से मृत लोगों के परिजनों से मुलाकात की और घटना की जानकारी ली।

परिजनों से बातचीत के दौरान उन्होंने उनकी समस्याएं सुनीं और भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से भी पीड़ित परिवारों के संपर्क में रहने और उन्हें सरकारी योजनाओं तथा मुआवजे से जुड़ी प्रक्रिया में मदद करने की अपील की।

गांवों में धमकी दिए जाने का आरोप

पीड़ित परिवारों से मुलाकात के बाद दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि गांव में चंदू राजपूत के लोग पहुंचकर पीड़ितों और ग्रामीणों को धमका रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने हथियार लेकर घूमने और धमकाने की शिकायत की है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने पुलिस और प्रशासन से प्रभावित गांवों में लोगों को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की। उनका कहना था कि घटना के बाद भय के माहौल में रह रहे ग्रामीणों को सुरक्षा का भरोसा मिलना जरूरी है और धमकी देने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए।

‘इतनी मौतें हादसा नहीं, प्रशासन की विफलता’

दिग्विजय सिंह ने जहरीली शराब से हुई मौतों को महज हादसा मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत होना प्रशासन की घोर लापरवाही और सरकारी तंत्र की विफलता का परिणाम है।

उन्होंने दावा किया कि 5, 6 और 7 सितंबर से पहले, रक्षाबंधन के आसपास से ही क्षेत्र में जहरीली शराब से कई लोगों की मौत हुई थी। उनके अनुसार, इनमें से कुछ मामलों में पोस्टमार्टम नहीं कराया गया और एफआईआर भी दर्ज नहीं हुई, जिसके कारण वे सरकारी आंकड़ों में शामिल नहीं हो पाए।

पूर्व मुख्यमंत्री ने मांग की कि ऐसे सभी मृतकों को चिन्हित किया जाए और उनके परिवारों को भी न्याय तथा मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि जो परिवार संबल योजना के दायरे में नहीं आते हैं, उनके लिए सरकार को अलग से 4 लाख रुपये का मुआवजा देना चाहिए।

मौतों के आंकड़े छिपाने का आरोप

दिग्विजय सिंह ने प्रशासन पर इस पूरे मामले में मौतों के वास्तविक आंकड़े छिपाने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब से करीब 45 लोगों की मौत हो चुकी है और आधिकारिक तौर पर मामला सामने आने से कई दिन पहले से ही मौतों का सिलसिला चल रहा था।

हालांकि, प्रशासन की ओर से सामने आए आधिकारिक आंकड़े दिग्विजय सिंह के दावे से अलग हैं। ऐसे में वास्तविक मृतकों की संख्या को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं।

अलग-अलग एफआईआर दर्ज करने की मांग

पूर्व मुख्यमंत्री ने मामले में दर्ज दो-तीन एफआईआर पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मृतक और घटना की परिस्थितियां अलग थीं। ऐसे में सभी मामलों को एक ही एफआईआर में समेटने से जांच प्रभावित हो सकती है।

उन्होंने मांग की कि प्रत्येक घटना की परिस्थितियों के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई हो और किसी भी मामले को कमजोर करने की कोशिश न की जाए। साथ ही उन्होंने अवैध शराब बनाने वालों के साथ-साथ गांव-गांव में जहरीली शराब पहुंचाने वाले अवैध विक्रेताओं की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।

सरकार उठाए पीड़ित परिवारों की जिम्मेदारी

दिग्विजय सिंह ने सरकार से मांग की कि मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा देने के साथ-साथ अनाथ बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी भी सरकार उठाए। उन्होंने प्रभावित परिवारों के लिए राशन व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी रखी।

उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर जहरीली शराब लोगों तक कैसे पहुंची? इसे बनाने और बेचने वाले कौन लोग थे? प्रशासन और सरकारी तंत्र को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली? क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार किसके संरक्षण में चल रहा था? उन्होंने कहा कि इन सभी सवालों का जवाब सरकार को देना होगा।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ की बैठक

प्रभावित गांवों का दौरा पूरा करने के बाद दिग्विजय सिंह जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह मोहासा द्वारा आयोजित प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं की विशेष बैठक में शामिल हुए।

बैठक में उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ पूरे मामले पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से कहा कि वे गांव-गांव जाकर पीड़ित परिवारों के साथ खड़े रहें।

उन्होंने कार्यकर्ताओं को पीड़ित परिवारों की कागजी औपचारिकताएं पूरी कराने, एफआईआर में आवश्यक सुधार कराने और उन्हें उनके अधिकार तथा सरकारी सहायता दिलाने में सहयोग करने के निर्देश दिए।

बीएमसी पहुंचकर मरीजों से मिले

प्रभावित परिवारों से मुलाकात के बाद दिग्विजय सिंह बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) पहुंचे। यहां उन्होंने जहरीली शराब मामले में भर्ती मरीजों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।

उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर उपचार तथा अस्पताल में मिल रही सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने ‘सागर गोल्ड’ नाम की शराब को लेकर भी सवाल उठाए। दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि इसके सेवन से लोगों की मौत हुई और कुछ लोगों की आंखों की रोशनी भी प्रभावित हुई है।

बुलडोजर कार्रवाई को बताया दिखावा

जहरीली शराब कांड के बाद आरोपियों के अवैध निर्माणों पर हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर भी दिग्विजय सिंह ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने इस कार्रवाई को महज दिखावा बताते हुए कहा कि केवल कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने से पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश नहीं होगा।

उन्होंने मामले से जुड़े अन्य लोगों और प्रभावशाली व्यक्तियों की संपत्तियों की जांच कराने की मांग की। साथ ही पूर्व मंत्री और मंत्री से जुड़े होटल एवं बार की भी जांच कराने की बात कही। उनका कहना था कि कार्रवाई निष्पक्ष, व्यापक और बिना किसी राजनीतिक दबाव के होनी चाहिए।

चार परिवारों की जिम्मेदारी लेने का ऐलान

दिग्विजय सिंह ने अपने दौरे के दौरान चार पीड़ित परिवारों के लिए व्यक्तिगत मदद की घोषणा कर इस मामले में अपनी भूमिका स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि चारों परिवारों को वह गोद लेंगे और प्रत्येक परिवार को हर महीने 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देंगे।

इसके अलावा इन परिवारों के अनाथ बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाने की भी घोषणा की। उनके इस ऐलान से प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद है।

कांग्रेस ने आंदोलन की चेतावनी दी

दिग्विजय सिंह ने कहा कि पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस आगे भी आंदोलन करेगी। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग दोहराई।

उन्होंने कहा कि जहरीली शराब से हुई मौतों के पीछे यदि किसी स्तर पर प्रशासनिक लापरवाही, अवैध शराब कारोबारियों का नेटवर्क या किसी प्रभावशाली व्यक्ति का संरक्षण सामने आता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।

बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद अब मामला केवल अवैध शराब की बिक्री तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि मृतकों की वास्तविक संख्या, प्रशासन की भूमिका, एफआईआर, मुआवजा और अवैध शराब के नेटवर्क को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। दिग्विजय सिंह के दौरे और चार परिवारों को गोद लेने की घोषणा के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा के केंद्र में आ गया है।