दतिया उपचुनाव परिणाम से पहले कांग्रेस में बवाल: निष्कासन पर राजेंद्र भारती का पलटवार, बोले- '2028 का चुनाव भी लड़ेंगे, राजनीति कोई नहीं छीन सकता'

भारती ने 2023 के विधानसभा चुनाव में राज्य के तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को 7,700 से अधिक मतों से हराया था।

दतिया उपचुनाव परिणाम से पहले कांग्रेस में बवाल: निष्कासन पर राजेंद्र भारती का पलटवार, बोले- '2028 का चुनाव भी लड़ेंगे, राजनीति कोई नहीं छीन सकता'

मतगणना से पहले कांग्रेस की बड़ी कार्रवाई, राजेंद्र भारती निष्कासित

भीतरघात के आरोप में पार्टी से बाहर किए गए पूर्व विधायक

निष्कासन पर फूटा राजेंद्र भारती का गुस्सा

'निष्कासन से कुछ नहीं होता', कांग्रेस को दिया करारा जवाब

घनश्याम सिंह पर लगाए गंभीर आरोप

दतिया। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा उपचुनाव की मतगणना से ठीक पहले कांग्रेस में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। पार्टी ने पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों और चुनाव में भीतरघात के आरोपों के चलते निष्कासित कर दिया। हालांकि, इस कार्रवाई के कुछ ही घंटों बाद राजेंद्र भारती ने मीडिया के सामने आकर कांग्रेस नेतृत्व और पार्टी प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह पर गंभीर आरोप लगाए तथा स्पष्ट कर दिया कि उनका राजनीतिक सफर रुकने वाला नहीं है।

राजेंद्र भारती ने कहा कि पार्टी से निष्कासन उनके राजनीतिक जीवन का अंत नहीं है। उन्होंने दो टूक कहा कि वह वर्ष 2028 का विधानसभा चुनाव भी लड़ेंगे और जनता के दम पर जीत हासिल करेंगे। उनका कहना था कि राजनीति जनता के भरोसे चलती है, किसी दल के फैसले से खत्म नहीं होती।

कांग्रेस ने क्यों की कार्रवाई?

दतिया उपचुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह लगातार यह आरोप लगा रहे थे कि पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता उनके खिलाफ काम कर रहे हैं और चुनाव में भीतरघात कर रहे हैं। इसी शिकायत के आधार पर प्रदेश कांग्रेस संगठन ने जांच के बाद पूर्व विधायक राजेंद्र भारती के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया।

मतगणना से ठीक पहले हुई इस कार्रवाई ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। माना जा रहा है कि कांग्रेस ने चुनाव के दौरान अनुशासन का संदेश देने के उद्देश्य से यह कदम उठाया।

राजेंद्र भारती का पलटवार

निष्कासन के बाद मीडिया से बातचीत में राजेंद्र भारती ने कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह पर ही सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि घनश्याम सिंह की पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा से सांठगांठ है।

भारती ने दावा किया कि उनके खिलाफ पार्टी में शिकायत भी नरोत्तम मिश्रा के कहने पर कराई गई। उन्होंने कहा कि यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की गई है।

उन्होंने कहा,

"कांग्रेस पार्टी ने जो किया, वह जाने। लेकिन निष्कासन से कुछ नहीं होता। राजनीति कोई नहीं छीन सकता।"

2023 की जीत का दिलाया याद

राजेंद्र भारती ने अपने राजनीतिक योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वह वर्षों से कांग्रेस के लिए संघर्ष करते रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने तत्कालीन गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को हराकर बड़ा राजनीतिक उलटफेर किया था।

उनका कहना था कि पार्टी को उनके योगदान को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए था।

"हम पब्लिक की पॉलिटिक्स करते हैं"

राजेंद्र भारती ने कहा कि उनकी राजनीति किसी पद या पार्टी पर निर्भर नहीं है, बल्कि जनता के विश्वास पर आधारित है। उन्होंने कहा,

"हम पब्लिक की पॉलिटिक्स करते हैं। कोई हमारी राजनीति नहीं छीन सकता। जनता हमारे साथ है।"

उन्होंने दावा किया कि उन्हें जनता का पूरा समर्थन मिलेगा और भविष्य में भी वे सक्रिय राजनीति करते रहेंगे।

टिकट को लेकर भी किया बड़ा दावा

पूर्व विधायक ने एक और बड़ा दावा करते हुए कहा कि कांग्रेस नेतृत्व ने उन्हें उनके परिवार से किसी एक सदस्य को टिकट देने का प्रस्ताव दिया था।

उनके अनुसार,

"कांग्रेस ने पत्नी या बेटे को टिकट देने की बात कही थी, लेकिन हम लालची नहीं हैं। हमने ऐसा कोई प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया।"

हालांकि, इस दावे पर कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

2028 का चुनाव लड़ने का ऐलान

राजेंद्र भारती ने स्पष्ट घोषणा की कि वह आगामी 2028 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में मैदान में उतरेंगे।

उन्होंने कहा,

"हम 2028 का चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे भी। हमें जनता का आशीर्वाद प्राप्त है।"

इस बयान को राजनीतिक विश्लेषक कांग्रेस नेतृत्व के लिए खुली चुनौती के रूप में देख रहे हैं।

दतिया उपचुनाव पर बढ़ी राजनीतिक नजर

दतिया विधानसभा उपचुनाव पहले से ही प्रदेश की प्रतिष्ठित सीट माना जा रहा है। मतगणना से ठीक पहले कांग्रेस के भीतर हुई यह कार्रवाई चुनावी माहौल को और गर्म कर गई है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि पार्टी के भीतर असंतोष गहराता है तो इसका असर चुनाव परिणामों पर भी पड़ सकता है। वहीं कांग्रेस नेतृत्व का कहना है कि संगठन में अनुशासन सर्वोपरि है और पार्टी विरोधी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

अब सभी की निगाहें मतगणना के नतीजों पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस के भीतर की यह कलह चुनाव परिणामों को किस हद तक प्रभावित करती है और राजेंद्र भारती के भविष्य के राजनीतिक दावों को जनता कितना समर्थन देती है।