उरई में IAS अधिकारी की शिकायत पर राज्यपाल का सख्त रुख, कोतवाल के खिलाफ कार्रवाई के आदेश

उरई में संयुक्त मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही (IAS) की सुरक्षा संबंधी शिकायत पर राज्यपाल ने सख्त रुख अपनाया है। राज्यपाल के विशेष सचिव ने DGP को पत्र भेजकर शिकायत की जांच, IAS अधिकारी को पर्याप्त सुरक्षा देने और उरई कोतवाल आनंद कुमार सिंह के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मामला तहरीर प्राप्त न करने और सुरक्षा शिकायत को गंभीरता से न लेने से जुड़ा है।

उरई में IAS अधिकारी की शिकायत पर राज्यपाल का सख्त रुख, कोतवाल के खिलाफ कार्रवाई के आदेश

सुरक्षा शिकायत में लापरवाही, कोतवाल पर कार्रवाई के आदेश

IAS की सुरक्षा को लेकर राज्यपाल ने DGP को दिए सख्त निर्देश

तहरीर न लेने पर कोतवाल के खिलाफ कार्रवाई के आदेश
उरई ।  जिलाधिकारी कार्यालय में उप जिलाधिकारी न्यायिक के पद पर  तैनात संयुक्त मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही (IAS) द्वारा लगाई गई गंभीर शिकायतों पर राज्यपाल ने संज्ञान लेते हुए महानिदेशक पुलिस को सख्त आदेश जारी किए हैं।
राज्यपाल के विशेष सचिव श्रीप्रकाश गुप्ता ने पत्रांक पी-2500, दिनांक 24 सितंबर 2026 के माध्यम से महानिदेशक पुलिस को निर्देशित किया है कि उरई कोतवाली में दी गई तहरीर संख्या 309, दिनांक 19 अगस्त 2026 को प्राप्त क्यों नहीं किया गया।  पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि संयुक्त मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही और उनके परिवार की सुरक्षा संबंधी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया, जबकि उन्होंने 2009 में मुजफ्फरनगर में जिला समाज कल्याण अधिकारी के पद पर रहते हुए हुए आत्मघाती हमले का भी संज्ञान कराया था।
कोतवाल आनंद कुमार सिंह के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश
राज्यपाल के पत्र में साफ तौर पर लिखा गया है कि उरई कोतवाल आनंद कुमार सिंह के खिलाफ दंडिक कार्यवाई की जाए।  साथ ही, संयुक्त मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने का भी आदेश दिया गया है। पत्र में यह भी जांच के आदेश दिए गए हैं कि जो तहरीर संयुक्त मजिस्ट्रेट ने दी थी, उसे प्राप्त क्यों नहीं किया गया।
पृष्ठभूमि और विवाद
रिंकू सिंह राही ने पहले भी सोशल मीडिया पर प्रशासनिक व्यवस्था और अधिकारियों पर निशाना साधते हुए अपनी सुरक्षा का सवाल उठाया था।  उन्होंने आरोप लगाया था कि 15 अगस्त को कलेक्ट्रेट सभागार में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान दिए गए भाषण का वीडियो षड्यंत्रकारियों द्वारा काट-छांट कर एडिट किया गया और शहीद भगत सिंह का उदाहरण वाले हिस्से को संदर्भ से हटाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया, जिससे उनकी सामाजिक व प्रशासनिक छवि धूमिल हुई।
इससे पहले शासन ने रिंकू सिंह राही को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था, जिसमें प्रशासनिक अनुशासन, सेवा आचरण और कार्यप्रणाली से जुड़ी शिकायतों का उल्लेख था।  हालांकि, अब राज्यपाल के स्तर से इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
यह मामला उत्तर प्रदेश प्रशासन में अधिकारियों की सुरक्षा और शिकायत निवारण तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।