जमीन की साझेदारी से पीछे हटने पर धमकी का आरोप, तमंचा लगाकर मांगे 10 लाख रुपये; उरई में मुकदमा दर्ज, आरोपी गिरफ्तार,जमीन के सौदे से शुरू हुआ विवाद जबरन वसूली और जान से मारने की धमकी तक पहुंचा, पीड़ित ने पुलिस को दी तहरीर

उरई में जमीन के सौदे में साझेदारी से पीछे हटने पर विवाद बढ़ गया। उमाकांत राजपूत ने आरोप लगाया कि उनसे रकम वापस मांगने पर धमकियां दी गईं और 12 सितंबर की रात घर पहुंचकर तमंचा लगाकर 10 लाख रुपये देने का दबाव बनाया गया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है।

जमीन की साझेदारी से पीछे हटने पर धमकी का आरोप, तमंचा लगाकर मांगे 10 लाख रुपये; उरई में मुकदमा दर्ज, आरोपी गिरफ्तार,जमीन के सौदे से शुरू हुआ विवाद जबरन वसूली और जान से मारने की धमकी तक पहुंचा, पीड़ित ने पुलिस को दी तहरीर

जमीन के सौदे में 3 लाख रुपये लगाने के बाद साझेदारी से हटे उमाकांत, रकम वापस मांगने पर धमकी का आरोप; रात में घर पहुंचकर 10 लाख रुपये मांगने का भी आरोप

उरई। जमीन के एक सौदे में साझेदारी को लेकर शुरू हुआ विवाद अब गंभीर आरोपों और पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया है। कोतवाली उरई क्षेत्र में एक व्यक्ति ने जमीन के सौदे में अपनी साझेदारी से पीछे हटने और रकम वापस मांगने पर तमंचा लगाकर धमकाने तथा 10 लाख रुपये की मांग किए जाने का आरोप लगाया है। पीड़ित की तहरीर के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार मामले में नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है।

शिकायतकर्ता उमाकांत राजपूत पुत्र स्वर्गीय राम सनेही राजपूत निवासी मोहल्ला महावीर पुरा, उरई ने कोतवाली पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में जमीन के सौदे से जुड़े विवाद का पूरा घटनाक्रम बताया है। शिकायत के अनुसार, जमीन के एक सौदे में साझेदारी के लिए उन्होंने महेंद्र वर्मा सिंघानिया पुत्र स्वर्गीय गया प्रसाद वर्मा को कुल 3 लाख रुपये दिए थे। इनमें 80 हजार रुपये ऑनलाइन और 2 लाख 20 हजार रुपये नकद दिए जाने की बात शिकायतकर्ता ने कही है।

साझेदारी से पीछे हटने पर शुरू हुआ विवाद

शिकायतकर्ता का आरोप है कि बाद में परिस्थितियों के चलते उन्होंने जमीन की साझेदारी से पीछे हटने का निर्णय लिया और अपनी रकम वापस मांगी। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ने लगा। उमाकांत के अनुसार, रकम वापस मांगने पर महेंद्र वर्मा की ओर से उन्हें विभिन्न मुकदमों में फंसाने की धमकी दी जाने लगी।

पीड़ित के मुताबिक, विवाद के बीच महेंद्र वर्मा ने 50 हजार रुपये ऑनलाइन उसके खाते में वापस भी भेजे, लेकिन इसके बाद भी मामला शांत नहीं हुआ। शिकायतकर्ता का आरोप है कि रकम की वापसी को लेकर लगातार दबाव और धमकियों का सिलसिला जारी रहा।

रात दो बजे घर पहुंचने का आरोप

उमाकांत राजपूत ने पुलिस को दी तहरीर में घटना की तारीख 12 सितंबर 2026 बताई है। आरोप के अनुसार, रात करीब दो बजे महेंद्र वर्मा एक महिला मित्र सहित चार साथियों के साथ उनके घर पहुंचा। शिकायतकर्ता का कहना है कि देर रात घर पर पहुंचने के बाद आरोपियों ने दरवाजा खुलवाया और विवाद को लेकर दबाव बनाना शुरू कर दिया।

पीड़ित ने आरोप लगाया कि इसी दौरान महेंद्र वर्मा ने उसकी कनपटी पर तमंचा लगा दिया और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। शिकायत के अनुसार, उसे चेतावनी दी गई कि यदि उसने अपनी रकम वापस लेने की कोशिश की या इस मामले को आगे बढ़ाया तो उसे छेड़छाड़, एससी/एसटी एक्ट समेत अन्य मुकदमों में फंसा दिया जाएगा।

एक सप्ताह में 10 लाख रुपये देने का आरोप

शिकायतकर्ता के अनुसार, विवाद केवल रकम वापस करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उससे उल्टे 10 लाख रुपये की मांग की गई। आरोप है कि उसे एक सप्ताह के भीतर 10 लाख रुपये देने का दबाव बनाया गया और रकम नहीं देने पर मुकदमों में फंसाने की धमकी दी गई।

पीड़ित पक्ष का कहना है कि देर रात घर पर इस तरह पहुंचकर कथित रूप से तमंचा दिखाने और रकम की मांग किए जाने से परिवार के लोग भयभीत हो गए। उमाकांत ने पुलिस से मामले में कार्रवाई करने और अपने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

शिकायत के आधार पर कोतवाली उरई पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(5), 308(6) और 352 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने मामले में नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की बात कही है। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाने में लगी है।

मुकदमे में शंकर कुशवाहा और उसकी पुत्री पूजा कुशवाहा निवासी वघौरा, थाना कोतवाली उरई, यशपाल वर्मा उर्फ बब्बू पुत्र बनवारी, हाल निवासी गीता आश्रम के पास राम नगर, उरई तथा शकील उर्फ रिहान पुत्र मुन्ना, हाल निवासी राधा पैलेस के पास, उरई के नाम शामिल बताए गए हैं।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोपों से संबंधित सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। घटना में शामिल लोगों की भूमिका, कथित धमकी, रकम के लेन-देन और जमीन के सौदे से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा सकती है।

लेन-देन और जमीन के दस्तावेज भी जांच के दायरे में

मामले की शुरुआत जमीन के सौदे में साझेदारी से हुई बताई जा रही है। ऐसे में पुलिस के सामने यह भी महत्वपूर्ण होगा कि जमीन का वास्तविक सौदा किन शर्तों पर हुआ था, रकम किस उद्देश्य से दी गई थी और दोनों पक्षों के बीच हुए लेन-देन के क्या साक्ष्य उपलब्ध हैं।

शिकायतकर्ता ने 80 हजार रुपये ऑनलाइन और 2 लाख 20 हजार रुपये नकद दिए जाने की बात कही है। वहीं 50 हजार रुपये ऑनलाइन वापस किए जाने का भी उल्लेख किया गया है। इन लेन-देन से जुड़े बैंक रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच मामले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकती है।

इसके अलावा, जिस समय कथित रूप से आरोपी पीड़ित के घर पहुंचे, उस समय की परिस्थितियों और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की भी पुलिस जांच कर सकती है। पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपियों का पक्ष भी सामने आएगा, जिसके बाद मामले की वास्तविक स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

आरोपों की जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

कोतवाली प्रभारी के अनुसार, मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सभी पक्षों के बयान और मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।

वहीं पीड़ित पक्ष का कहना है कि उसे और उसके परिवार को लगातार धमकियां मिलने के कारण उन्होंने पुलिस से शिकायत की। उनका कहना है कि वे अपनी रकम वापस लेने की मांग कर रहे थे, लेकिन इसके बजाय उन पर दबाव बनाया गया और कथित रूप से 10 लाख रुपये देने के लिए धमकाया गया।

फिलहाल मामला पुलिस जांच के अधीन है। मुकदमे में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट रूप से हो सकेगी। पुलिस की कार्रवाई और पूछताछ के बाद सामने आने वाले तथ्यों से यह पता चलेगा कि घटना में किसकी क्या भूमिका थी और जमीन के सौदे से जुड़ा विवाद किस तरह जबरन वसूली और आपराधिक धमकी के मुकदमे तक पहुंचा।