जीतू पटवारी को गोपाल भार्गव की नसीहत: "मैं भी विपक्ष का नेता रहा हूं, सोशल मीडिया पर वीडियो डालने से पहले तथ्यों की जांच करें"
सागर जिले की कोपरा नदी पर वायरल वीडियो को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति में विवाद गहरा गया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता गोपाल भार्गव ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर बिना तथ्य जांचे वीडियो साझा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पुल का निर्माण कार्य पहले से जारी है और वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध हैं। उन्होंने विपक्ष को जिम्मेदारी के साथ तथ्यात्मक मुद्दे उठाने की सलाह दी और रहली विधानसभा क्षेत्र का दौरा करने का निमंत्रण भी दिया।
जीतू पटवारी को गोपाल भार्गव की नसीहत: "मैं भी विपक्ष का नेता रहा हूं, तथ्यों की पुष्टि के बाद ही उठाएं मुद्दे"
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति में सागर जिले की कोपरा नदी पर बने पुल और छात्राओं के आवागमन को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी मुद्दे को सार्वजनिक करने से पहले उसकी वास्तविक स्थिति और तथ्यों की पूरी जानकारी लेना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि वह स्वयं लंबे समय तक विपक्ष के नेता रहे हैं और जानते हैं कि विपक्ष की भूमिका क्या होती है, लेकिन जनता के सामने तथ्यात्मक और प्रमाणित जानकारी रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
गोपाल भार्गव ने आरोप लगाया कि जीतू पटवारी द्वारा साझा किया गया वीडियो अधूरी जानकारी पर आधारित है और इससे क्षेत्र की गलत तस्वीर पेश की गई। उनके मुताबिक जिस स्थान का वीडियो वायरल किया गया, वहां पहले से ही पुल निर्माण का कार्य चल रहा है और प्रशासन ने लोगों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी कर रखी है। उन्होंने कहा कि केवल एक वीडियो देखकर पूरे क्षेत्र की स्थिति पर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है।
पुल निर्माण को लेकर दी विस्तृत जानकारी
पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने बताया कि लोक निर्माण मंत्री रहते हुए उन्होंने जून 2023 में सागर जिले के बेरखेरी कलां-छुल्ला मार्ग पर कोपरा नदी पर लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से 100 मीटर लंबे हाई लेवल पुल की स्वीकृति दी थी। उन्होंने कहा कि भूमि विवाद के कारण इस परियोजना का कार्य कुछ समय तक प्रभावित रहा, लेकिन अब विवाद समाप्त हो चुका है और निर्माण कार्य तेजी से जारी है।
उन्होंने जानकारी दी कि पुराने पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत कर गैप फिलिंग का कार्य भी कराया गया है, ताकि लोगों का आवागमन पूरी तरह बाधित न हो। भार्गव के अनुसार प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और निर्माण कार्य निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ रहा है।
वैकल्पिक मार्गों का भी किया उल्लेख
गोपाल भार्गव ने कहा कि जिस क्षेत्र को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, वहां केवल यही एक पुल नहीं है। उन्होंने बताया कि महेशा, पिपरिया अहीर और वादीपुरा क्षेत्रों में पहले से तीन हाई लेवल पुल मौजूद हैं, जिनका उपयोग लोग सुरक्षित आवागमन के लिए कर सकते हैं। उनका कहना था कि इन पुलों के रहते क्षेत्र को पूरी तरह संपर्कविहीन बताना वास्तविक स्थिति को दर्शाता नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर वायरल किया गया वीडियो क्षेत्र को बदनाम करने की नीयत से तैयार किया गया प्रतीत होता है। उनका कहना था कि इस तरह के वीडियो लोगों में भ्रम पैदा करते हैं और विकास कार्यों की वास्तविक तस्वीर सामने नहीं आने देते।
"विपक्ष का काम सवाल पूछना है, लेकिन तथ्य जरूरी"
गोपाल भार्गव ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। विपक्ष सरकार से सवाल पूछता है, जनता की समस्याएं उठाता है और प्रशासन को जवाबदेह बनाता है। लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि यह जिम्मेदारी तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर निभाई जानी चाहिए।
उन्होंने जीतू पटवारी को नसीहत देते हुए कहा कि किसी भी वीडियो या सोशल मीडिया पोस्ट को साझा करने से पहले उसकी प्रमाणिकता की जांच अवश्य करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अधूरी जानकारी के आधार पर किए गए आरोपों से जनता भ्रमित होती है और विकास कार्यों पर भी अनावश्यक विवाद खड़े हो जाते हैं।
अपने कार्यकाल के विकास कार्यों का किया जिक्र
पूर्व मंत्री ने अपने विधानसभा क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि सुनार नदी पर लगभग 18 किलोमीटर के दायरे में 10 पुलों का निर्माण कराया गया है। उन्होंने दावा किया कि उनकी प्राथमिकता हमेशा ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सड़क और पुलों से जोड़ने की रही है ताकि लोगों को बरसात के समय किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने यह भी बताया कि ग्राम चौरई में एक परिवार की सुविधा के लिए भी लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से पुल का निर्माण कराया गया। भार्गव ने कहा कि विकास कार्यों का उद्देश्य केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए।
रहली आने का दिया निमंत्रण
गोपाल भार्गव ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को रहली विधानसभा क्षेत्र का दौरा करने का निमंत्रण भी दिया। उन्होंने कहा कि यदि पटवारी क्षेत्र में आकर अटल सेतु, निर्माणाधीन झूला पुल और अन्य विकास परियोजनाओं को देखेंगे तो उन्हें वास्तविक स्थिति का पता चलेगा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक बयान देने से पहले मौके पर जाकर स्थिति का आकलन करना अधिक उचित रहेगा।
सोशल मीडिया पोस्ट के बाद बढ़ी सियासी गर्मी
कोपरा नदी के वीडियो को लेकर शुरू हुआ विवाद अब भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी का विषय बन गया है। कांग्रेस जहां वीडियो के जरिए क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठा रही है, वहीं भाजपा का कहना है कि वीडियो अधूरी जानकारी के आधार पर साझा किया गया है और इससे विकास कार्यों की गलत छवि प्रस्तुत की गई।
आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक राजनीतिक रूप ले सकता है, क्योंकि दोनों दल इसे अपने-अपने दृष्टिकोण से जनता के सामने रख रहे हैं। फिलहाल कोपरा नदी पर पुल निर्माण और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जबकि स्थानीय लोग निर्माण कार्य जल्द पूरा होने की उम्मीद लगाए हुए हैं।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस