जीतू पटवारी का सख्त एक्शन, होटल में तीन लड़कियों के साथ पकड़े गए कांग्रेस नेता को पार्टी ने किया निष्कासित

गुना में कांग्रेस नेता को तीन लड़कियों के साथ एक होटल में पकड़ा गया. इसके बाद पार्टी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से पार्टी से निलंबित कर दिया. पार्टी का कहना है कि ऐसे कामों की पार्टी में जगह नहीं है.

जीतू पटवारी का सख्त एक्शन, होटल में तीन लड़कियों के साथ पकड़े गए कांग्रेस नेता को पार्टी ने किया निष्कासित

ब्यावरा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष को गुना के होटल में युवती के साथ आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा गया था। इसके बाद बीजेपी ने हमला बोल दिया है। विरोधियों के तीखे तेवर को देखते हुए कांग्रेस पार्टी ने उसे पार्टी से निकाल दिया ह

गुना/राजगढ़। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने गुना जिले के एक होटल में तीन युवतियों के साथ पकड़े गए राजगढ़ जिले के ब्यावरा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राहुल दांगी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। प्रदेश कांग्रेस ने उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से हटाते हुए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी निष्कासित कर दिया है। कार्रवाई के बाद प्रदेश की सियासत में भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

कांग्रेस के संगठन प्रभारी महासचिव संजय कामले की ओर से सोमवार को जारी आदेश में राहुल दांगी के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी दी गई। आदेश में कहा गया कि दांगी पिछले दिनों कथित तौर पर अनैतिक गतिविधियों में संलिप्त पाए गए। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि इस तरह के कृत्यों का पार्टी हमेशा विरोध करती रही है और ऐसे मामलों के लिए संगठन में कोई स्थान नहीं है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के निर्देश पर कार्रवाई

पार्टी की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देशानुसार राहुल दांगी को तत्काल प्रभाव से ब्यावरा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष पद से मुक्त किया जाता है। इसके साथ ही उनकी कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता भी समाप्त कर दी गई है।

कांग्रेस संगठन ने अपने आदेश में यह संदेश देने की कोशिश की है कि पार्टी के पद पर रहते हुए किसी भी नेता का ऐसा आचरण स्वीकार नहीं किया जाएगा, जिससे संगठन की छवि प्रभावित हो। कार्रवाई को पार्टी अनुशासन के तहत लिया गया फैसला बताया गया है।

होटल में पुलिस ने की थी कार्रवाई

जानकारी के मुताबिक, यह मामला गुना जिले के चांचौड़ा थाना क्षेत्र के बीनागंज स्थित एक होटल से जुड़ा है। शनिवार को पुलिस को होटल में कुछ लोगों के संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने होटल में कार्रवाई की।

पुलिस की कार्रवाई के दौरान राहुल दांगी समेत चार लोगों के अलावा तीन युवतियां भी वहां मिलीं। पुलिस सभी को थाने लेकर पहुंची और मामले की जांच शुरू की गई। घटना की सूचना सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी चर्चा शुरू हो गई।

तीनों युवतियां बालिग, शिकायत नहीं होने पर छोड़ा

पुलिस के अनुसार, मौके से मिली तीनों युवतियां बालिग थीं। मामले में किसी युवती की ओर से शिकायत नहीं किए जाने के कारण पुलिस ने आगे की कार्रवाई नियमानुसार की। युवतियों को तहसील में पेश किया गया, जहां से जमानत मिलने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।

पुलिस की कार्रवाई के बाद यह मामला राजनीतिक स्तर पर भी पहुंच गया। राहुल दांगी कांग्रेस संगठन में महत्वपूर्ण स्थानीय पद पर थे, इसलिए पार्टी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संगठनात्मक कार्रवाई की।

कांग्रेस ने स्पष्ट किया रुख

कांग्रेस की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि इस तरह के कार्यों का पार्टी हमेशा विरोध करती है। पार्टी ने साफ किया कि ऐसे आचरण की संगठन में कोई जगह नहीं है। इसी आधार पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के निर्देश पर राहुल दांगी को पद और प्राथमिक सदस्यता से हटाने का फैसला लिया गया।

इस कार्रवाई को कांग्रेस की ओर से संगठन में अनुशासन बनाए रखने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच भी इस फैसले को लेकर चर्चा है।

राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज

मध्य प्रदेश में कांग्रेस संगठन की ओर से किसी ब्लॉक अध्यक्ष को इस तरह तत्काल प्रभाव से पदमुक्त किए जाने के बाद मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। खासतौर पर इसलिए क्योंकि राहुल दांगी राजगढ़ जिले के ब्यावरा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष जैसे संगठनात्मक पद पर थे।

हालांकि, होटल में हुई पुलिस कार्रवाई के मामले में युवतियों के बालिग होने और किसी शिकायतकर्ता के सामने नहीं आने की बात सामने आई है। ऐसे में पुलिस की ओर से कानूनी कार्रवाई की स्थिति अलग रही, जबकि कांग्रेस ने अपने संगठनात्मक अनुशासन और पार्टी की छवि को ध्यान में रखते हुए राहुल दांगी के खिलाफ कार्रवाई की।

कांग्रेस के इस फैसले से पार्टी ने यह संकेत दिया है कि संगठन से जुड़े पदाधिकारियों के कथित अनुशासनहीन या आपत्तिजनक आचरण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस कार्रवाई और कांग्रेस के संगठनात्मक निर्णय के बाद राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।