चलती बस बनी आग का गोला: खिड़की तोड़कर बाहर निकले यात्री :सूरत से कानपुर जा रही थी; लोगों के कैश-जेवर और कपड़े भी जलकर खाक
धार जिले के सरदारपुर में मंगलवार देर रात सूरत से कानपुर जा रही यात्री बस में भीषण आग लग गई। धुआं भरने के बाद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोगों ने खिड़कियों के कांच तोड़कर बाहर निकलकर जान बचाई।
धार के सरदारपुर में मंगलवार रात सूरत से कानपुर जा रही यात्री बस में अचानक आग लग गई। यात्रियों ने खिड़कियां तोड़कर जान बचाई। कई लोगों का सामान जलकर राख हुआ।
धार जिले के सरदारपुर में सोमवार देर रात सूरत से कानपुर जा रही एक यात्री बस में अचानक भीषण आग लग गई। भोपावर चौकी के पास रात करीब 1 बजे बस से धुआं उठने लगा। देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के दौरान यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कई यात्रियों ने मुख्य दरवाजे से बाहर निकलकर जान बचाई, जबकि पीछे बैठे यात्रियों ने बस की खिड़कियों के कांच तोड़कर बाहर छलांग लगाई। इस दौरान कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आईं।
बस क्रमांक UP 83 BT 3947 गुजरात के सूरत और आसपास के शहरों से यात्रियों को लेकर कानपुर जा रही थी। भोपावर चौकी के पास अचानक बस के अंदर धुआं भरने लगा। यात्रियों को संभलने का मौका मिलता, उससे पहले आग तेजी से फैल गई। आग बढ़ने के बाद चालक बस को सड़क पर छोड़कर वहां से चला गया।
घटना की सूचना मिलते ही सरदारपुर एसडीओपी विश्वदीप सिंह परिहार और थाना प्रभारी अनिल जाधव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर सड़क के एक हिस्से पर यातायात रोक दिया और वाहनों को दूसरे रास्ते से निकाला। दमकल की टीम भी मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी।
दाहोद के पास हुई थी तकनीकी मरम्मत
यात्रियों के मुताबिक, बस को दाहोद के पास एक होटल पर करीब चार घंटे तक रोका गया था। यहां बस में कुछ तकनीकी मरम्मत कराई गई थी। मरम्मत के बाद बस को आगे के सफर के लिए रवाना किया गया। कुछ समय बाद ही बस में आग लग गई। हालांकि, आग लगने की वास्तविक वजह अभी सामने नहीं आई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बेटे को खिड़की से बाहर निकाला
हादसे के दौरान कानपुर निवासी नीलम पाल अपने 8 वर्षीय बेटे के साथ बस में सफर कर रही थीं। बस में धुआं भरने के बाद उन्होंने सबसे पहले अपने बेटे को खिड़की से बाहर निकाला और फिर खुद भी उसी रास्ते से निकलकर अपनी जान बचाई।
आग में नीलम का बैग, उसमें रखी नकदी, चांदी की पायजेब और कपड़े जलकर खाक हो गए। अन्य यात्रियों का सामान भी आग की चपेट में आ गया। कई यात्रियों को अपने कैश, जेवर और जरूरी सामान से हाथ धोना पड़ा।
यात्रियों को दूसरी बसों से भेजा गया
हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन ने यात्रियों की मदद की। इंदौर की ओर जाने वाली अन्य यात्री बसों को रुकवाया गया और यात्रियों को उनकी जरूरत तथा गंतव्य के अनुसार अलग-अलग बसों में बैठाकर आगे रवाना किया गया।
पुलिस अब बस में आग लगने के कारणों का पता लगाने में जुटी है। तकनीकी खराबी और मरम्मत के बाद आग लगने की परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस