800 दिन बाकी, अब शिक्षा पर ध्यान दीजिए CM मोहन यादव: जीतू पटवारी का बड़ा हमला, बोले- सत्ता के दिन कब बीत जाएंगे पता भी नहीं चलेगा
सस्ती और सुलभ शिक्षा की मांग, हर जिले में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का ऐलान; छात्रों और अभिभावकों को अभियान से जोड़ने की तैयारी
छात्रों की गूंज’ अब हर जिले में, छात्रों और अभिभावकों को जोड़कर शिक्षा के मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी
इंदौर। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इंदौर में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर निशाना साधा। पटवारी ने मुख्यमंत्री से कहा कि उनके कार्यकाल में अब करीब 800 दिन शेष हैं और इस समय का उपयोग राजनीतिक गतिविधियों के बजाय प्रदेश की जनता, विद्यार्थियों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों के समाधान में किया जाना चाहिए।
जीतू पटवारी ने पत्रकार वार्ता में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सस्ती और सुलभ शिक्षा सुनिश्चित करने की अपील करते हुए कहा कि प्रदेश के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सरकार को शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे कदम उठाने चाहिए, जिससे सामान्य और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल करने में परेशानी न हो।
‘सस्ती शिक्षा उपलब्ध कराना आपकी जवाबदारी’
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को संबोधित करते हुए कहा, “यादव जी, आपसे विनम्र प्रार्थना है कि सस्ती एजुकेशन उपलब्ध कराना आपकी जवाबदारी है।” उन्होंने मुख्यमंत्री के कार्यकाल के बचे समय का उल्लेख करते हुए कहा कि अब करीब 800 दिन शेष हैं और इस अवधि में सरकार को शिक्षा के क्षेत्र में ठोस काम करना चाहिए।
पटवारी ने कहा कि सत्ता में रहने का समय सीमित होता है। ऐसे में सरकार को अपने कार्यकाल के दौरान जनता की मूलभूत जरूरतों और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर प्राथमिकता के साथ काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक परिस्थितियां बदलती रहती हैं, लेकिन विद्यार्थियों को मिलने वाली शिक्षा उनके पूरे भविष्य को प्रभावित करती है।
‘बिना समय गंवाए शिक्षा व्यवस्था पर ध्यान दें’
जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री से शिक्षा व्यवस्था को लेकर तत्काल काम शुरू करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को बिना एक भी पल गंवाए शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की दिशा में कदम उठाने चाहिए। उनके मुताबिक सत्ता और कुर्सी का समय कब समाप्त हो जाए, इसका पता नहीं चलता, इसलिए वर्तमान समय का इस्तेमाल जनहित के कामों के लिए किया जाना चाहिए।
पटवारी ने प्रदेश में शिक्षा को अधिक सुलभ और कम खर्चीला बनाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल कुछ वर्गों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि हर परिवार के बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए।
‘भाजपा के भीतर के लोग ही आपको धक्का मारने में लगे हैं’
पत्रकार वार्ता के दौरान जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री के सामने भाजपा के अंदरूनी राजनीतिक हालात को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पास अब करीब 800 दिन बचे हैं और इस बीच भाजपा के भीतर के लोग ही उन्हें धक्का मारने में लगे हैं।
पटवारी ने मुख्यमंत्री को राजनीतिक खींचतान से अलग होकर जनता से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि सरकार को अपने कार्यकाल का इस्तेमाल विद्यार्थियों, युवाओं और आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए करना चाहिए।
हालांकि भाजपा के अंदरूनी राजनीतिक समीकरणों को लेकर पटवारी की यह टिप्पणी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के राजनीतिक आरोप के रूप में सामने आई है। पत्रकार वार्ता में उन्होंने इसे मुख्यमंत्री के सामने रखी गई राजनीतिक टिप्पणी के तौर पर प्रस्तुत किया।
हर जिले में होगा ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम
जीतू पटवारी ने पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस की ओर से छात्रों से जुड़े एक बड़े अभियान की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मध्य प्रदेश के प्रत्येक जिले में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
पटवारी ने इस कार्यक्रम की रूपरेखा बताते हुए विशेष रूप से कहा कि इसे किसी राजनीतिक दल या कांग्रेस के बैनर के तहत आयोजित नहीं किया जाएगा। उनका कहना था कि कार्यक्रम में छात्रों और उनके अभिभावकों की सीधी भागीदारी होगी तथा शिक्षा से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों और उनके परिवारों की समस्याओं को सामने लाने के लिए जिलास्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने और छात्रों की आवाज को सामने लाने की कोशिश की जाएगी।
छात्रों और अभिभावकों की भागीदारी पर जोर
‘छात्रों की गूंज’ अभियान को लेकर पटवारी ने कहा कि इसमें केवल राजनीतिक कार्यकर्ताओं की भूमिका नहीं होगी। छात्रों और उनके अभिभावकों को सीधे तौर पर जोड़ा जाएगा। उनका जोर इस बात पर रहा कि शिक्षा से संबंधित फैसलों और नीतियों का सबसे सीधा असर विद्यार्थियों और उनके परिवारों पर पड़ता है, इसलिए उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं को भी सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
पटवारी ने कहा कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों में छात्रों से संवाद किया जाएगा और शिक्षा से जुड़े विषयों को उठाया जाएगा। उन्होंने सरकार से इन मुद्दों पर गंभीरता से काम करने की अपील की।
सरकार को जनहित के मुद्दों पर ध्यान देने की नसीहत
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य सरकार को जनहित के मुद्दों पर ध्यान देने की नसीहत देते हुए कहा कि सरकार को अब जनता से जुड़े विषयों पर काम करना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लेने की बात कही।
पटवारी के मुताबिक शिक्षा किसी भी समाज और राज्य के विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला है। विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार को शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में लगातार काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों को केवल राजनीतिक बहस तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। सरकार को इन मुद्दों पर नीतिगत और व्यावहारिक कदम उठाने चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को शिक्षा हासिल करने के दौरान आने वाली परेशानियों को कम किया जा सके।
‘छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता’
पटवारी ने कहा कि छात्रों से जुड़े मुद्दों को सामने लाने के लिए आने वाले दिनों में जिलों में कार्यक्रम किए जाएंगे। ‘छात्रों की गूंज’ के जरिए विद्यार्थियों और अभिभावकों की बात सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने सरकार पर दबाव बनाने के संकेत देते हुए कहा कि जनता और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाबदेह होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को यह समझना होगा कि विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े सवाल लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं किए जा सकते।
शिक्षा व्यवस्था पर राजनीतिक बहस तेज होने के संकेत
जीतू पटवारी के इस बयान के बाद मध्य प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने के संकेत हैं। कांग्रेस जहां छात्रों और अभिभावकों को जोड़कर जिलास्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने की बात कर रही है, वहीं पटवारी ने मुख्यमंत्री से शिक्षा के क्षेत्र में अधिक ध्यान देने की अपील की है।
पटवारी का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब प्रदेश की राजनीति में सरकार और विपक्ष के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर लगातार बयानबाजी हो रही है। उन्होंने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री के कार्यकाल के बचे समय का उल्लेख करते हुए शिक्षा को प्राथमिकता देने की मांग रखी।
कुल मिलाकर, इंदौर की पत्रकार वार्ता में जीतू पटवारी ने शिक्षा को केंद्र में रखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सस्ती और सुलभ शिक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। साथ ही उन्होंने प्रदेश के प्रत्येक जिले में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की, जिसमें छात्रों और अभिभावकों की भागीदारी पर जोर दिया गया। आने वाले दिनों में यह अभियान प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक चर्चा का एक प्रमुख विषय बन सकता है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस