डबलडेकर ब्रिज पर बुलेट दौड़ाते नजर आए कैलाश विजयवर्गीय, पीछे बैठे तुलसीराम सिलावट; 28 अक्टूबर को CM मोहन यादव करेंगे दूसरी भुजा का लोकार्पण
इंदौर के लव-कुश डबल डेकर ब्रिज पर शनिवार को मंत्रियों का अलग अंदाज देखने को मिला। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बुलेट (हंटर) चलाते नजर आए, जबकि मंत्री तुलसीराम सिलावट उनके पीछे बैठे थे। दोनों ने हेलमेट पहन रखा था।
इंदौर के लव-कुश चौराहे पर बने डबलडेकर ब्रिज का निरीक्षण करने पहुंचे मंत्रियों का अंदाज शनिवार को चर्चा में रहा। कैलाश विजयवर्गीय बुलेट (हंटर) चलाते हुए ब्रिज पर निकले और तुलसीराम सिलावट पीछे बैठे दिखाई दिए।
इंदौर। लव-कुश चौराहे पर बने डबलडेकर फ्लाईओवर के निरीक्षण के दौरान शनिवार को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अलग अंदाज में नजर आए। विजयवर्गीय खुद बुलेट मोटरसाइकिल चलाते हुए फ्लाईओवर का निरीक्षण करने पहुंचे। बाइक पर उनके पीछे मंत्री तुलसीराम सिलावट बैठे थे। दोनों मंत्रियों ने हेलमेट पहन रखा था। निरीक्षण के दौरान विजयवर्गीय ने फ्लाईओवर की तकनीकी खूबियों और शहर के यातायात के लिए इसकी उपयोगिता के बारे में जानकारी दी।
करीब 175 करोड़ रुपए की लागत से तैयार लव-कुश डबलडेकर फ्लाईओवर की दूसरी भुजा का लोकार्पण 28 अक्टूबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। फ्लाईओवर की पहली भुजा पर जुलाई 2026 से यातायात शुरू हो चुका है। दूसरी भुजा के शुरू होने के बाद लव-कुश चौराहे पर यातायात व्यवस्था को और बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
बुलेट चलाकर फ्लाईओवर का किया निरीक्षण
शनिवार को मुख्यमंत्री के प्रस्तावित लोकार्पण कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के लिए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और तुलसीराम सिलावट लव-कुश चौराहे पहुंचे। इसी दौरान विजयवर्गीय ने बुलेट पर सवार होकर फ्लाईओवर का निरीक्षण किया। उनके पीछे तुलसीराम सिलावट बैठे थे।
दोनों मंत्रियों ने हेलमेट पहनकर फ्लाईओवर का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों से निर्माण, यातायात व्यवस्था और लोकार्पण कार्यक्रम से जुड़ी तैयारियों की जानकारी ली गई। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को कार्यक्रम की सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए।
सड़क के ऊपर फ्लाईओवर और उसके ऊपर मेट्रो ट्रैक
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि लव-कुश ब्रिज की सबसे खास बात इसकी डबलडेकर संरचना है। उनके मुताबिक यह मध्य प्रदेश का पहला ऐसा ब्रिज है, जहां सड़क यातायात के लिए फ्लाईओवर और उसके ऊपर मेट्रो ट्रैक की व्यवस्था की गई है।
ब्रिज का निर्माण तकनीकी रूप से काफी चुनौतीपूर्ण रहा। विजयवर्गीय ने बताया कि इसके निर्माण को लेकर इंजीनियरों के साथ कई बार चर्चा की गई। अलग-अलग स्तरों पर सड़क यातायात और मेट्रो के लिए व्यवस्था तैयार करने के कारण निर्माण के दौरान तकनीकी पहलुओं का विशेष ध्यान रखा गया।
इस फ्लाईओवर को इंदौर के बढ़ते यातायात दबाव को कम करने और प्रमुख मार्गों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर करने की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है।
175 करोड़ की लागत, करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा है फ्लाईओवर
लव-कुश डबलडेकर फ्लाईओवर के निर्माण पर करीब 175 करोड़ रुपए की लागत आई है। इसकी लंबाई लगभग डेढ़ किलोमीटर बताई गई है। परियोजना में इंदौर विकास प्राधिकरण यानी आईडीए की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
फ्लाईओवर की संरचना में सड़क यातायात और मेट्रो ट्रैक के लिए अलग-अलग स्तर बनाए गए हैं। इसकी वजह से यह परियोजना सामान्य फ्लाईओवर से अलग और तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण बन गई है।
मंत्री के मुताबिक फ्लाईओवर शुरू होने के बाद आसपास के क्षेत्रों से आने-जाने वाले वाहन चालकों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
उज्जैन रोड, सुपर कॉरिडोर और एमआर-10 को मिलेगा फायदा
लव-कुश फ्लाईओवर का सीधा फायदा उज्जैन रोड, सुपर कॉरिडोर, बाणगंगा और एमआर-10 की ओर आने-जाने वाले वाहन चालकों को मिलने की उम्मीद है। इन मार्गों से रोजाना बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं।
फ्लाईओवर की दोनों भुजाएं शुरू होने के बाद चौराहे पर वाहनों की आवाजाही के लिए अतिरिक्त मार्ग उपलब्ध होगा। इससे ट्रैफिक को अलग-अलग दिशाओं में व्यवस्थित करने में सहायता मिल सकती है।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने यह भी कहा कि इंदौर एयरपोर्ट से उज्जैन की कनेक्टिविटी के लिहाज से यह मार्ग काफी महत्वपूर्ण है। आने वाले समय में उज्जैन और इंदौर के बीच यातायात बढ़ने की स्थिति में यह फ्लाईओवर अहम भूमिका निभा सकता है।
सिंहस्थ-2028 के दौरान भी अहम होगी भूमिका
लव-कुश डबलडेकर फ्लाईओवर को सिंहस्थ-2028 के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उज्जैन में सिंहस्थ के दौरान देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में इंदौर से उज्जैन की ओर जाने वाले यातायात को सुचारु रखना बड़ी चुनौती होगी।
इंदौर एयरपोर्ट, सुपर कॉरिडोर और अन्य प्रमुख मार्गों से उज्जैन की ओर जाने वाले वाहनों के लिए लव-कुश क्षेत्र महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी प्वाइंट है। ऐसे में फ्लाईओवर की दोनों भुजाओं के संचालन से यातायात प्रबंधन में मदद मिलने की उम्मीद है।
28 अक्टूबर को CM मोहन यादव करेंगे दूसरी भुजा का लोकार्पण
लव-कुश डबलडेकर फ्लाईओवर की दूसरी भुजा का लोकार्पण 28 अक्टूबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। इसी कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के लिए शनिवार को दोनों मंत्री मौके पर पहुंचे थे।
निरीक्षण के दौरान विधायक रमेश मेंदोला, नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, आईडीए के सीईओ समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। मंत्रियों ने अधिकारियों से कार्यक्रम से जुड़ी तैयारियों की जानकारी ली और व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
मंच, डोम से लेकर पार्किंग तक की तैयारियों की समीक्षा
मुख्यमंत्री के लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर मौके पर कई तरह की व्यवस्थाएं की जा रही हैं। निरीक्षण के दौरान मंच और डोम निर्माण, बैठक व्यवस्था, बिजली, साउंड सिस्टम, एलईडी स्क्रीन, पेयजल, भोजन, पार्किंग और यातायात प्रबंधन जैसे विषयों की समीक्षा की गई।
कार्यक्रम में आने वाले लोगों की सुविधा को देखते हुए प्रवेश, पार्किंग और यातायात व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों से जानकारी ली गई। मंत्रियों ने सभी व्यवस्थाओं को समय से पूरा करने पर जोर दिया, ताकि लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
पहली भुजा का जुलाई में हुआ था लोकार्पण
मंत्री तुलसीराम सिलावट ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 23 जुलाई 2026 को फ्लाईओवर की पहली भुजा का लोकार्पण किया था। इसके बाद अरबिंदो अस्पताल से बाणगंगा की ओर वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई थी।
अब दूसरी भुजा के शुरू होने के बाद चौराहे पर यातायात के लिए एक और रास्ता उपलब्ध हो जाएगा। इससे अलग-अलग दिशाओं से आने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्ग मिलने की संभावना है।
लव-कुश डबलडेकर फ्लाईओवर को इंदौर के परिवहन ढांचे के लिहाज से महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। इसकी डबलडेकर संरचना, सड़क और मेट्रो के लिए अलग-अलग स्तर तथा उज्जैन से जुड़ने वाली कनेक्टिविटी इसे खास बनाती है। आने वाले समय में खासकर सिंहस्थ-2028 के दौरान इस मार्ग पर यातायात का दबाव बढ़ने की संभावना को देखते हुए फ्लाईओवर की उपयोगिता और बढ़ सकती है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस