कौशांबी पटाखा फैक्ट्री विस्फोट: पुलिस पर बड़ी कार्रवाई, थाना प्रभारी समेत 9 पुलिसकर्मी निलंबित; आरोपी का मकान बुलडोजर से ध्वस्त, फैक्ट्री मालिक एनकाउंटर में गिरफ्तार
विस्फोट के कारण 11 लोगों की मौत के बाद कौशांबी प्रशासन ने आदिल उर्फ डीजे के अवैध मकान को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया है.
यूपी के कौशांबी में पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले के मुख्य आरोपी नौशाद अली को पुलिस ने एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ में नौशाद अली के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे घायल हालत में अस्पताल भेजा गया.
कौशांबी के मकदमपुर मनौरी गांव में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के बाद प्रशासन और पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार दोपहर करीब 11:30 बजे हुए इस धमाके ने आसपास के इलाके को हिलाकर रख दिया। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास के तीन मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए, जबकि पांच अन्य मकानों को भी भारी नुकसान पहुंचा। हादसे में 11 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें आठ बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं।
घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठे। अवैध पटाखा फैक्ट्री लंबे समय से संचालित होने और कथित तौर पर पुलिस-प्रशासन की जानकारी के बावजूद कार्रवाई नहीं होने के आरोपों के बीच अधिकारियों ने सख्त कदम उठाया है। लापरवाही के आरोप में थाना प्रभारी समेत कई पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है।
थाना प्रभारी समेत पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
हादसे के बाद पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी समेत कुल नौ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है। इनमें एक इंस्पेक्टर और छह दरोगाओं के साथ दो सिपाही शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा रही है कि आखिर अवैध रूप से संचालित पटाखा फैक्ट्री और गोदाम की जानकारी स्थानीय पुलिस को क्यों नहीं थी और यदि जानकारी थी तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी है।
एनकाउंटर के बाद फैक्ट्री मालिक गिरफ्तार
मंगलवार तड़के पुलिस ने पटाखा फैक्ट्री के मालिक नौशाद को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक नौशाद शहर छोड़कर भागने की फिराक में था। इसी दौरान पुलिस टीम से उसका सामना हुआ। पुलिस के अनुसार मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
पुलिस अब उससे यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फैक्ट्री कब से चल रही थी, इसमें कौन-कौन लोग काम करते थे और इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री कहां से लाई जाती थी। इसके अलावा फैक्ट्री संचालन से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
आरोपी के मकान पर चला बुलडोजर
हादसे के बाद प्रशासन ने आरोपी के कथित अवैध निर्माणों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू कर दी। मकदमपुर मनौरी गांव में आरोपी आदिल उर्फ डीजे के मकान को पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया।
प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। कार्रवाई से पहले कथित तौर पर मकान से भारी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ बरामद किया गया, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया। इसके बाद मकान को जमींदोज कर दिया गया।
घटना के बाद इलाके में लोगों का गुस्सा भी देखने को मिला। कुछ लोगों ने आरोपी के घर पर ईंट-पत्थर फेंके, जिससे मकान के शीशे टूट गए। स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया।
400 मीटर दूर गोदाम भी ढहाया
प्रशासन ने हादसे के बाद आरोपी के एक अन्य पटाखा गोदाम पर भी कार्रवाई की। सोमवार रात करीब साढ़े सात बजे फैक्ट्री से लगभग 400 मीटर की दूरी पर स्थित पटाखा गोदाम को बुलडोजर से ढहा दिया गया।
प्रशासन की ओर से यह कार्रवाई सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि हादसे के बाद आसपास मौजूद विस्फोटक सामग्री से दोबारा खतरा पैदा होने की आशंका थी। पुलिस और फोरेंसिक टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि वहां किस मात्रा में विस्फोटक सामग्री मौजूद थी और उसे किस उद्देश्य से रखा गया था।
मलबे में अपनों को तलाश रहे परिजन
विस्फोट के बाद घटनास्थल पर तबाही का मंजर है। सोमवार से मंगलवार तक लगातार मलबा हटाने का काम जारी रहा। बुलडोजर और अन्य मशीनों की मदद से क्षतिग्रस्त मकानों और फैक्ट्री के मलबे को हटाया जा रहा है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं कोई व्यक्ति अभी भी मलबे के नीचे तो नहीं दबा है।
इसी दौरान एक बुजुर्ग पिता अपने बेटे की तलाश में घटनास्थल पर पहुंचा। उसका कहना था कि उसके बेटे का एक पैर पोस्टमॉर्टम हाउस में मिला है, लेकिन अभी तक उसके बेटे की पूरी लाश नहीं मिली है। बेटे को खोजते इस पिता की तस्वीर और वीडियो ने हादसे की भयावहता को सामने ला दिया।
11 शवों का पोस्टमॉर्टम
हादसे में जान गंवाने वाले 11 लोगों के शवों का पोस्टमॉर्टम कराया जाना है। इनमें आठ बच्चों के शामिल होने की बात सामने आई है। तीन शवों का पोस्टमॉर्टम प्रयागराज में, जबकि आठ शवों का पोस्टमॉर्टम कौशांबी में कराया जाएगा।
शवों की पहचान और परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया भी प्रशासन की निगरानी में की जा रही है। हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है।
विस्फोट की वजह अभी रहस्य
पटाखा फैक्ट्री में इतनी बड़ी तबाही आखिर किस वजह से हुई, इसका स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आया है। घटना के बाद अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
एक महिला के मुताबिक, बिजली का खंभा गिरने के बाद फैक्ट्री में रखे बारूद में तेज धमाका हुआ। हालांकि पुलिस और फोरेंसिक टीम सभी संभावित कारणों की जांच कर रही है। विस्फोटक सामग्री के भंडारण, सुरक्षा मानकों, बिजली व्यवस्था और फैक्ट्री संचालन की अनुमति से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से नमूने जुटाने शुरू कर दिए हैं। इन नमूनों की जांच के बाद ही विस्फोट की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है।
एयरफोर्स स्टेशन के करीब चल रही थी फैक्ट्री
सबसे गंभीर सवाल यह है कि यह फैक्ट्री प्रयागराज के मनौरी एयरफोर्स स्टेशन से करीब दो किलोमीटर की दूरी पर संचालित हो रही थी। इतनी संवेदनशील जगह के आसपास विस्फोटक सामग्री का भंडारण और पटाखा निर्माण सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।
अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि फैक्ट्री के संचालन के लिए कौन-कौन से लाइसेंस और अनुमति मौजूद थे। साथ ही यह भी जांच होगी कि निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
जांच के घेरे में कई सवाल
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर अवैध पटाखा फैक्ट्री इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री के साथ कैसे संचालित हो रही थी। क्या स्थानीय स्तर पर इसकी जानकारी थी? यदि थी तो कार्रवाई क्यों नहीं की गई? क्या फैक्ट्री के पास वैध लाइसेंस था? वहां विस्फोटक सामग्री रखने की अनुमति किसने दी? और सुरक्षा मानकों की निगरानी किस स्तर पर की गई?
इन सभी सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
फिलहाल पुलिस ने फैक्ट्री मालिक को गिरफ्तार कर लिया है, कई पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो चुकी है और आरोपी से जुड़े ठिकानों पर बुलडोजर कार्रवाई भी शुरू हो गई है। वहीं फोरेंसिक टीम घटनास्थल से सबूत जुटा रही है।
कौशांबी का यह हादसा सिर्फ एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट की घटना नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि जांच में दोषी कौन-कौन सामने आते हैं और उनके खिलाफ कितनी सख्त कार्रवाई की जाती है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस