घुटनों तक पानी में 3 घंटे बैठे विधायक, जलभराव पर फूटा गुस्सा; नाले के टेंडर के आश्वासन के बाद खत्म हुआ धरना
कांग्रेस विधायक साहब सिंह गुर्जर ने कहा कि वर्षा के दौरान हर साल शंकरपुर के लोगों को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ता है। सड़कें तालाब में तब्दील हो जाती हैं और लोगों को घरों से निकलने में परेशानी होती है।
जलभराव के विरोध में सड़क पर उतरे विधायक, घुटनों तक भरे पानी में 3 घंटे बैठे; नाले के टेंडर का मिला आश्वासन
ग्वालियर। पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश ने ग्वालियर शहर की जल निकासी व्यवस्था की स्थिति सामने ला दी है। शुक्रवार सुबह हुई तेज बारिश के बाद वार्ड क्रमांक 64 के शंकरपुर गांव में हालात बिगड़ गए। गांव की मुख्य सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया, जबकि कई घरों में भी पानी घुसने की स्थिति बन गई। जलभराव के कारण स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। समस्या से नाराज ग्रामीण और क्षेत्रीय नागरिक नगर निगम प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़क पर उतर आए।
जलभराव की सूचना मिलने के बाद ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक साहब सिंह गुर्जर भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थानीय नागरिकों की समस्या को देखते हुए अधिकारियों के सामने विरोध दर्ज कराया। विधायक ने लोगों के साथ घुटनों तक भरे पानी में बैठकर धरना शुरू कर दिया। करीब तीन घंटे तक चले इस धरने के दौरान विधायक और स्थानीय नागरिक पानी के बीच बैठे रहे और क्षेत्र में जल निकासी की स्थायी व्यवस्था किए जाने की मांग करते रहे।
घुटनों तक पानी में बैठकर जताया विरोध
शंकरपुर गांव में बारिश के बाद सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो गई थीं। स्थिति यह थी कि लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा था। कई स्थानों पर जलभराव इतना अधिक था कि पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया। स्थानीय लोगों का कहना था कि बारिश के दौरान हर साल इसी तरह की स्थिति बनती है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
विधायक साहब सिंह गुर्जर ने ग्रामीणों के साथ सड़क पर ही बैठकर नगर निगम प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। उन्होंने कहा कि शंकरपुर में जलभराव कोई नई समस्या नहीं है। पिछले दो वर्षों से लगातार इस समस्या को नगर निगम और प्रशासन के सामने उठाया जा रहा है, लेकिन अभी तक स्थायी जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई।
विधायक के धरने पर बैठने के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी उनके साथ जुट गए। लोगों ने क्षेत्र में नालों की उचित व्यवस्था, जल निकासी और बारिश के पानी की निकासी के लिए स्थायी समाधान की मांग की।
हर बारिश में सड़क बन जाती है तालाब
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, शंकरपुर में बारिश होते ही मुख्य सड़क और आसपास के निचले इलाकों में पानी भर जाता है। तेज बारिश होने पर हालात और खराब हो जाते हैं। सड़कों पर पानी जमा होने के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी होती है।
ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव के कारण कई बार घरों के अंदर तक पानी पहुंचने की स्थिति बन जाती है। सड़क पर पानी जमा रहने से वाहन चालकों को भी परेशानी होती है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। लोगों का आरोप है कि समय रहते नालों की सफाई और पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश के दौरान समस्या गंभीर रूप ले लेती है।
नगर निगम की कार्यप्रणाली पर विधायक ने उठाए सवाल
धरने के दौरान विधायक साहब सिंह गुर्जर ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि हर वर्ष बारिश के दौरान एक ही इलाके में जलभराव की समस्या सामने आती है तो इसका स्थायी समाधान क्यों नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि केवल बारिश के बाद मौके पर मशीनें भेजकर पानी निकाल देना समस्या का समाधान नहीं है। जब तक क्षेत्र में पर्याप्त और व्यवस्थित नालों का निर्माण नहीं होगा, तब तक बारिश के मौसम में लोगों को इसी तरह परेशानी झेलनी पड़ेगी।
विधायक ने अधिकारियों से मांग की कि शंकरपुर में जल निकासी की पूरी व्यवस्था का सर्वे कराया जाए और जहां भी आवश्यकता है, वहां नए नालों का निर्माण कराया जाए। साथ ही पुराने नालों की सफाई और उनकी क्षमता बढ़ाने की दिशा में भी काम किया जाए।
तीन घंटे बाद मौके पर पहुंचे नगर निगम अधिकारी
करीब तीन घंटे तक चले धरने के बाद नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के साथ फायर ब्रिगेड और पानी निकासी से संबंधित मशीनरी भी मौके पर लाई गई। इसके बाद जलभराव वाले स्थानों से पानी निकालने की कार्रवाई शुरू की गई।
नगर निगम के सहायक अभियंता रजनीश गुप्ता ने विधायक और स्थानीय नागरिकों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि शंकरपुर क्षेत्र में जल निकासी की समस्या को दूर करने के लिए नाले का टेंडर हो चुका है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही नाले का निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
अधिकारियों की ओर से यह भी आश्वासन दिया गया कि क्षेत्र में जहां अतिरिक्त जल निकासी की आवश्यकता है, वहां अन्य नालों के निर्माण के लिए भी जल्द टेंडर जारी किए जाएंगे।
स्थायी समाधान की मांग पर अड़े विधायक
नगर निगम अधिकारियों के आश्वासन के बावजूद विधायक मौके पर जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की मांग पर अड़े रहे। उनका कहना था कि हर साल बारिश के समय पानी निकालने के लिए फायर ब्रिगेड या मशीनरी भेजना अस्थायी व्यवस्था है। इससे कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है, लेकिन अगली बारिश में समस्या फिर सामने आ जाएगी।
विधायक ने अधिकारियों से कहा कि नाले का निर्माण जल्द शुरू कराया जाए और काम की गुणवत्ता पर भी नजर रखी जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले बारिश के पानी की निकासी पर्याप्त क्षमता वाले नालों के जरिए हो सके।
उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों को हर बारिश में जलभराव से परेशान नहीं होना चाहिए। प्रशासन को बारिश शुरू होने से पहले ही जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कर लेनी चाहिए थी।
नगर निगम में कांग्रेस ही सत्तारूढ़
शंकरपुर में जलभराव को लेकर हुए इस विरोध प्रदर्शन की राजनीतिक दृष्टि से भी चर्चा हो रही है। खास बात यह है कि ग्वालियर नगर निगम में कांग्रेस ही सत्तारूढ़ है और विरोध प्रदर्शन करने वाले विधायक भी कांग्रेस से हैं। ऐसे में विधायक द्वारा नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जाने से यह मुद्दा और चर्चा में आ गया है।
विधायक का कहना है कि उनका विरोध किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि क्षेत्र के नागरिकों की समस्या को लेकर है। उन्होंने कहा कि जनता को बारिश के दौरान होने वाली परेशानी से राहत दिलाना प्राथमिकता होनी चाहिए।
लगातार बारिश से ग्रामीण इलाकों में भी हालात खराब
ग्वालियर में पिछले तीन दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई जगह जलभराव की स्थिति बनी हुई है। निचले इलाकों में पानी जमा होने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। कई सड़कों पर बारिश का पानी जमा होने के कारण वाहन चालकों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे रास्तों की स्थिति भी खराब हो गई है। लोगों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में बारिश का दौर जारी रहा तो जलभराव की समस्या और बढ़ सकती है।
अब नाले के निर्माण पर टिकी लोगों की उम्मीद
शंकरपुर के लोगों को अब नगर निगम द्वारा किए गए नाले के निर्माण के आश्वासन से उम्मीद जगी है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि प्रस्तावित नाले का निर्माण समय पर और सही तरीके से हो जाता है तो लंबे समय से चली आ रही जलभराव की समस्या से राहत मिल सकती है।
हालांकि, लोगों की नजर अब इस बात पर है कि नगर निगम नाले का निर्माण कब शुरू कराता है और इसे कितनी तेजी से पूरा किया जाता है। ग्रामीणों की मांग है कि केवल एक नाले के निर्माण तक सीमित न रहते हुए पूरे क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था की समीक्षा की जाए।
फिलहाल नगर निगम की टीम ने मौके पर जल निकासी का काम शुरू कर दिया है। वहीं विधायक और स्थानीय नागरिकों ने साफ कर दिया है कि उन्हें केवल अस्थायी राहत नहीं, बल्कि शंकरपुर को हर बारिश में होने वाले जलभराव से स्थायी निजात चाहिए।
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प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस