CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान: मध्य प्रदेश में 20 हजार शिक्षकों की होगी भर्ती, 200 नए सांदीपनि स्कूल खुलेंगे; जनजातीय क्षेत्रों में भी बनेंगे 200 नए स्कूल भव
मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग में बड़े पैमाने पर नई भर्तियों और शैक्षणिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की घोषणा की गई है। यही नहीं, शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने और आधुनिक संसाधनों से लैस करने के लिए सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं। दरअसल, सीएम डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा विभाग में 20 हजार पदों पर नई भर्ती करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्कूलों में खाली शिक्षकों के पद भरने की घोषणा की. शिक्षा विभाग में 950 लोगों को अनुकंपा नियुक्त
भोपाल। मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग में जल्द ही बड़े पैमाने पर भर्ती का रास्ता साफ होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा विभाग में 20 हजार पदों पर नई भर्ती करने की घोषणा की। हालांकि, भर्ती की प्रक्रिया कब शुरू होगी, किन-किन पदों पर कितनी नियुक्तियां की जाएंगी और चयन का तरीका क्या होगा, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद शिक्षा क्षेत्र में रोजगार की तैयारी कर रहे युवाओं को बड़ी उम्मीद जगी है।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में प्रदेश में 200 नए सांदीपनि विद्यालय खोलने की भी घोषणा की। इसके साथ ही जनजातीय क्षेत्रों में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 200 नए विद्यालय भवनों के निर्माण को मंजूरी देने की बात कही। सरकार का फोकस स्कूलों में अधोसंरचना मजबूत करने, विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाएं देने और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने पर है।
स्कूल शिक्षा विभाग में 20 हजार पदों पर होगी भर्ती
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार अब तक करीब 85 हजार नियुक्तियां कर चुकी है। अब स्कूल शिक्षा विभाग में आने वाले समय में 20 हजार पदों पर और भर्ती की जाएगी। इससे बड़ी संख्या में युवाओं को सरकारी नौकरी का अवसर मिलने की संभावना है।
हालांकि मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद भर्ती को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारियां अभी स्पष्ट नहीं हैं। भर्ती में शिक्षकों के कौन-कौन से पद शामिल होंगे, विषयवार कितने पद होंगे, आवेदन कब शुरू होंगे, परीक्षा होगी या मेरिट के आधार पर चयन होगा और भर्ती की समयसीमा क्या रहेगी, इसका खुलासा फिलहाल नहीं किया गया है। इन बिंदुओं की जानकारी विभाग की ओर से जारी होने वाली आधिकारिक अधिसूचना के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
स्कूल शिक्षा विभाग में लंबे समय से भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह घोषणा महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नई भर्ती होने से सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
200 नए सांदीपनि विद्यालय खोलने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों के विस्तार की जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान में 369 सांदीपनि विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। अब सरकार 200 नए सांदीपनि विद्यालय खोलने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
सांदीपनि विद्यालयों का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। नए विद्यालय शुरू होने से अलग-अलग क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
सरकार की ओर से विद्यालयों के विस्तार के साथ-साथ स्कूल भवनों और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
जनजातीय क्षेत्रों में बनेंगे 200 नए स्कूल भवन
मुख्यमंत्री ने जनजातीय क्षेत्रों के लिए भी बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों में 200 नए विद्यालय भवन बनाए जाएंगे। इसका उद्देश्य दूरदराज और जनजातीय इलाकों में विद्यार्थियों के लिए बेहतर स्कूल भवन उपलब्ध कराना है।
नए भवन बनने से विद्यार्थियों को सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण में पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही स्कूलों में आवश्यक संसाधनों और शैक्षणिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि शिक्षा की पहुंच को मजबूत करने के लिए केवल शिक्षकों की नियुक्ति ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि स्कूलों की आधारभूत संरचना को भी मजबूत करना जरूरी है। इसी दिशा में नए स्कूल भवनों को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
करीब 950 लोगों को सौंपे अनुकंपा नियुक्ति के आदेश
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने करीब 950 लोगों को अनुकंपा नियुक्ति के आदेश भी सौंपे। इनमें 661 सहायक ग्रेड-3, 31 प्राथमिक शिक्षक और 262 चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी शामिल हैं।
अनुकंपा नियुक्ति उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण होती है, जिनके किसी कर्मचारी सदस्य की सेवा के दौरान मृत्यु हो जाती है। ऐसे मामलों में आश्रित परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी मिलने से परिवार को आर्थिक संकट से उबरने में मदद मिलती है।
मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति आदेश सौंपते हुए उनसे पूरी ईमानदारी, निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की अपेक्षा की।
पहले नियुक्ति में लग जाते थे सालों: मंत्री
कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि पहले अनुकंपा नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी होने में कई बार वर्षों लग जाते थे। अब मुख्यमंत्री के निर्देश और विभागीय प्रयासों के कारण प्रक्रिया में तेजी लाई गई है।
मंत्री के मुताबिक पदोन्नति के कारण खाली हुए पदों पर नियुक्तियां करने का रास्ता तैयार किया गया। इससे अनुकंपा नियुक्ति के लंबित मामलों को आगे बढ़ाने में मदद मिली है।
उन्होंने कहा कि किसी परिवार के मुखिया की मृत्यु के बाद आश्रितों को समय पर रोजगार मिलना उनके लिए आर्थिक सहारा बनता है। इसी उद्देश्य से नियुक्ति प्रक्रिया को गति देने का प्रयास किया गया है।
स्कूल शिक्षा का बजट 400 करोड़ से बढ़कर 38 हजार करोड़
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2003 से पहले स्कूल शिक्षा विभाग का बजट करीब 400 करोड़ रुपये था। अब यह बढ़कर करीब 38 हजार करोड़ रुपये हो गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार स्कूलों में सुविधाओं के विस्तार और विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार करने पर लगातार काम कर रही है। बजट में वृद्धि के साथ स्कूलों की अधोसंरचना, विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
1.45 लाख विद्यार्थियों को दिए गए लैपटॉप
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही तकनीकी सुविधाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में करीब 500 विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए जाते थे, जबकि अब 1 लाख 45 हजार विद्यार्थियों को लैपटॉप वितरित किए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को स्कूटी जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकार का प्रयास है कि पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक और आवश्यक संसाधनों का लाभ मिले, जिससे वे बदलते समय की जरूरतों के अनुसार आगे बढ़ सकें।
शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री की घोषणाओं को देखें तो सरकार का फोकस एक साथ कई स्तरों पर दिखाई देता है। एक ओर स्कूल शिक्षा विभाग में 20 हजार पदों पर भर्ती की घोषणा की गई है, वहीं दूसरी ओर नए सांदीपनि विद्यालय और जनजातीय क्षेत्रों में नए स्कूल भवन बनाने की योजना सामने रखी गई है।
यदि 20 हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जल्द शुरू होती है, तो इससे स्कूल शिक्षा विभाग में मानव संसाधन की कमी दूर करने में मदद मिल सकती है। वहीं 200 नए सांदीपनि विद्यालय और 200 नए भवन बनने से विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तार होगा।
फिलहाल सबसे ज्यादा नजर 20 हजार पदों की भर्ती की विस्तृत अधिसूचना पर रहेगी। पदों का वर्गीकरण, विषयवार संख्या, आवेदन की तारीख, पात्रता और चयन प्रक्रिया की जानकारी सामने आने के बाद ही अभ्यर्थियों के लिए भर्ती की तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह समेत विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने इस दौरान शिक्षा विभाग में किए जा रहे कार्यों और भविष्य की योजनाओं को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं भी सामने रखीं।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस