कैबिनेट के बड़े फैसले: जमीन अधिग्रहण पर किसानों को चार गुना मुआवजा, सिवनी-बालाघाट फोरलेन को मंजूरी; WhatsApp से होगी खाद की बुकिंग

भोपाल स्थित मंत्रालय में मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को कैबिनेट बैठक का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में कई अहम फैसले लिए गए। रोड सहित अन्य योजनाओं और विकास काम के लिए में 10 हजार 630 करोड़ रुपए मंजूर किए।

कैबिनेट के बड़े फैसले: जमीन अधिग्रहण पर किसानों को चार गुना मुआवजा, सिवनी-बालाघाट फोरलेन को मंजूरी; WhatsApp से होगी खाद की बुकिंग

मध्य प्रदेश कैबिनेट ने जमीन अधिग्रहण में किसानों की आपसी सहमति के प्रावधान को मंजूरी दी। ग्रामीण क्षेत्रों में कलेक्टर गाइडलाइन के आधार पर चार गुना तक मुआवजा मिलेगा।

भोपाल। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को मंत्रालय में कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में किसानों, सड़क और परिवहन, खाद वितरण, आर्थिक अपराध, बारिश की स्थिति और सरकार के जनकल्याणकारी अभियानों से जुड़े कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह ने दी।

जमीन अधिग्रहण पर किसानों को कलेक्टर गाइडलाइन से चार गुना तक मुआवजा

कैबिनेट बैठक में जमीन अधिग्रहण को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। सरकार अब जमीन अधिग्रहण के मामलों में कलेक्टर गाइडलाइन के आधार पर चार गुना तक अधिक राशि देने की व्यवस्था करेगी। इसके साथ ही जमीन अधिग्रहण में किसानों की आपसी सहमति के प्रावधान को भी मंजूरी दी गई है।

सरकार का उद्देश्य सड़क और अन्य विकास परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को आसान बनाना और किसानों को उनकी जमीन का उचित मुआवजा उपलब्ध कराना है। आपसी सहमति से जमीन लेने की व्यवस्था से अधिग्रहण संबंधी विवादों को कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

सिवनी-बालाघाट स्टेट हाईवे बनेगा फोरलेन

कैबिनेट ने सिवनी-बालाघाट स्टेट हाईवे को फोरलेन बनाने की मंजूरी दी है। करीब 99.64 किलोमीटर लंबे मार्ग को चार लेन में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना में लगभग 6 किलोमीटर हिस्सा फॉरेस्ट एरिया से होकर गुजरता है। सरकार ने इस क्षेत्र को पर्यटन की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए विकसित करने की बात कही है।

फोरलेन बनने के बाद सिवनी से बालाघाट के बीच यात्रा का समय करीब दो घंटे से घटकर लगभग एक घंटे रह जाने की उम्मीद है। इस परियोजना पर सरकार करीब 3,458 करोड़ रुपये खर्च करेगी। परियोजना की वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है और इसका काम 17 वर्षों में पूरा किया जाएगा।

इसके अलावा प्रदेश की 22 सड़कों को मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम को हस्तांतरित करने का निर्णय भी लिया गया है।

भोपाल-विदिशा समेत कई बड़े सड़क प्रोजेक्ट मंजूर

कैबिनेट बैठक में प्रदेश के कई महत्वपूर्ण सड़क मार्गों के विकास को भी मंजूरी दी गई। इनमें भोपाल-विदिशा मार्ग की करीब 44.83 किलोमीटर लंबी परियोजना के लिए 1,792 करोड़ रुपये की लागत प्रस्तावित है।

वहीं खलघाट-मनावर-मांगोद मार्ग के 93.11 किलोमीटर हिस्से के लिए 3,316 करोड़ रुपये और मंदसौर-सीतामऊ-बसई-सुवासरा मार्ग के 82 किलोमीटर हिस्से के लिए 2,719 करोड़ रुपये की लागत तय की गई है।

पूर्वी भोपाल बाईपास को फोरलेन से सिक्सलेन करने की योजना भी मंजूर की गई है। करीब 91.86 किलोमीटर की इस परियोजना पर 4,031 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

इसके अलावा नीमच-मनासा-रामपुरा-झालावाड़ मार्ग को फोरलेन बनाने के लिए 95.85 किलोमीटर की परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिसकी अनुमानित लागत 5,055 करोड़ रुपये है।

अन्य स्वीकृत मार्गों में इंदौर-देपालपुर, चापड़ा-देवरी-देवास, दिनारा-दतिया-सेवढ़ा, आगर-सारंगपुर, सोयत-माचलपुर-जीरापुर, राहतगढ़-खुरई-खेमलासा और सुंदरासिंगपुर-गोहदा-सिरमोर मार्ग शामिल हैं।

अब गांव-गांव जाकर बनेगी Farmer ID

कैबिनेट बैठक में किसानों से जुड़ी डिजिटल व्यवस्था को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। प्रदेश में 20 अगस्त से Farmer ID बनाने का काम शुरू हो चुका है। अब किसानों को Farmer ID बनवाने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

सरकार ने अधिकारियों और संबंधित अमले को किसानों तक पहुंचकर उनकी Farmer ID बनाने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य प्रक्रिया को गांव स्तर तक पहुंचाना और अधिक से अधिक किसानों को डिजिटल पहचान से जोड़ना है।

WhatsApp से किसान कर सकेंगे खाद की बुकिंग

खाद वितरण व्यवस्था को लेकर भी सरकार ने नई सुविधा की घोषणा की है। अब किसान WhatsApp के माध्यम से खाद की बुकिंग कर सकेंगे। सरकार का उद्देश्य खाद की उपलब्धता और वितरण प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित करना है, ताकि किसानों को जरूरत के समय खाद मिल सके।

इसके साथ ही ई-विकास-2 व्यवस्था में किसान अपनी इच्छा के अनुसार बिना पंजीयन के एक खाद खरीद सकेंगे। WhatsApp के जरिए भी खाद की बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे खाद खरीदने की प्रक्रिया को किसानों के लिए सरल बनाने की कोशिश की गई है।

बारिश को लेकर सरकार अलर्ट

कैबिनेट बैठक में प्रदेश में बारिश की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगातार बारिश और उससे उत्पन्न परिस्थितियों की निगरानी कर रहे हैं। जिन जिलों में अत्यधिक बारिश हुई है, वहां राहत और बचाव कार्य जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

वहीं जिन जिलों में अपेक्षाकृत कम बारिश हुई है, वहां भी प्रशासन को पहले से योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आने वाले दिनों में किसी भी तरह की स्थिति से निपटा जा सके।

लाड़ली बहनों के खातों में अतिरिक्त 250 रुपये

रक्षाबंधन के मद्देनजर लाड़ली बहनों को भी सरकार की ओर से अतिरिक्त राशि दी गई है। 28 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर को देखते हुए लाड़ली बहनों के खातों में 250 रुपये अतिरिक्त भेजे गए हैं।

सरकार के जनविश्वास अभियान को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। अभियान के तीन सप्ताह पूरे हो चुके हैं और मुख्यमंत्री के साथ मंत्री भी लगातार फील्ड में जाकर लोगों से संवाद कर रहे हैं। रक्षाबंधन और जन्माष्टमी के कारण इस बार दोनों त्योहारों के अगले दिन जनविश्वास अभियान आयोजित किया जाएगा।

अब BNS के तहत केस दर्ज कर सकेगा EOW

आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ यानी EOW को लेकर भी कैबिनेट में अहम फैसला लिया गया। मंत्री राकेश सिंह के अनुसार अब आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ भारतीय न्याय संहिता यानी BNS के तहत केस दर्ज कर सकेगा।

भारतीय न्याय संहिता को 1 जुलाई 2024 से लागू किया गया था। इससे पहले आर्थिक अपराध से जुड़े मामलों में भारतीय दंड संहिता, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किए जाते थे। अब EOW को भारतीय न्याय संहिता के तहत केस दर्ज करने के लिए अधिकृत करने का निर्णय लिया गया है।

विकास और किसानों पर फोकस

मध्यप्रदेश कैबिनेट के इन फैसलों से एक ओर जहां प्रदेश में सड़क और कनेक्टिविटी से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट को गति मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर जमीन अधिग्रहण में किसानों को अधिक मुआवजा, Farmer ID के लिए अधिकारियों का गांवों तक पहुंचना और WhatsApp से खाद बुकिंग जैसी व्यवस्थाओं से किसानों को राहत देने की कोशिश की गई है।

सिवनी-बालाघाट फोरलेन, भोपाल बाईपास सिक्सलेन और अन्य सड़क परियोजनाओं पर हजारों करोड़ रुपये का निवेश प्रदेश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। वहीं बारिश की स्थिति पर लगातार निगरानी और राहत-बचाव की तैयारी से सरकार ने प्रशासन को संभावित परिस्थितियों के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।