पति पर FIR के बाद सिंधिया पर भड़कीं ममता मीणा, बोलीं- दो-चार केस और करा दो, डरेंगे नहीं; 2029 में देंगे जवाब
पति रघुवीर सिंह मीणा पर FIR के बाद पूर्व विधायक ममता मीणा ने ज्योतिरादित्य सिंधिया पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कार्रवाई से नहीं डरने की बात कहते हुए कानूनी लड़ाई लड़ने और 2029 में जवाब देने की बात कही।
पति रघुवीर सिंह मीणा पर जाति प्रमाणपत्र मामले में FIR के बाद पूर्व विधायक ने जारी किया वीडियो, सिंधिया पर लगाए दबाव बनाने के आरोप
गुना। पूर्व विधायक ममता मीणा के पति और सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी रघुवीर सिंह मीणा के खिलाफ जाति प्रमाणपत्र से जुड़े मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद गुना की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। ममता मीणा ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर सीधे निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मुकदमे दर्ज होने से वह और उनका परिवार डरने वाला नहीं है और हर कार्रवाई का जवाब कानूनी तरीके से दिया जाएगा।
ममता मीणा ने अपने वीडियो में कहा कि अगर उनके खिलाफ और मामले दर्ज कराने हैं तो करा दिए जाएं, लेकिन वह पीछे हटने वाली नहीं हैं। उन्होंने कहा कि लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और किसी दबाव में आकर चुप नहीं बैठेंगी। उनके इस बयान के बाद गुना और आसपास के राजनीतिक क्षेत्रों में सियासी चर्चा और तेज हो गई है।
सिंधिया के दौरे के बाद शुरू हुआ विवाद
पूरे घटनाक्रम की शुरुआत केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के गुना क्षेत्र के दौरे के दौरान हुई बताई जा रही है। एक निजी कार्यक्रम में श्रद्धांजलि अर्पित करने के दौरान सिंधिया के जूते रखे होने को लेकर ममता मीणा ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया था। इसके बाद विवाद बढ़ा और उनके पति रघुवीर सिंह मीणा के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद ममता ने फिर वीडियो जारी कर अपनी प्रतिक्रिया दी।
ममता मीणा ने आरोप लगाया कि उनके परिवार को लंबे समय से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नौकरी में आने के समय से ही उनके पति को अलग-अलग विवादों का सामना करना पड़ा है। उनका कहना है कि अब इस मामले में भी वह कानूनी प्रक्रिया के जरिए जवाब देंगी।
‘कोर्ट-कचहरी में लड़ेंगे, डरने वाले नहीं’
ममता मीणा ने कहा कि एफआईआर दर्ज होना कोई ऐसी बात नहीं है जिससे वह या उनके पति डर जाएं। उन्होंने सिंधिया पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि उन्हें मुकदमे दर्ज कराने का शौक है तो और मामले दर्ज करा दिए जाएं, लेकिन इससे उनका संघर्ष रुकने वाला नहीं है।
उन्होंने साफ कहा कि वह इस मामले को अदालत में लड़ेंगी। ममता के मुताबिक उनका परिवार कानूनी प्रक्रिया का सामना करने के लिए तैयार है और किसी तरह के दबाव के आगे झुकने का सवाल नहीं है।
मतदाता को धमकाने का लगाया आरोप
अपने वीडियो में ममता मीणा ने सिंधिया पर एक मतदाता के साथ कथित तौर पर धमकी भरे अंदाज में बात करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने दावा किया कि इससे संबंधित वीडियो सोशल मीडिया और विभिन्न चैनलों पर मौजूद है।
ममता ने कहा कि सिंधिया अधिकारियों और जनता के सामने अपना प्रभाव दिखा सकते हैं, लेकिन वह उनसे डरने वाली नहीं हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में आम लोगों और किसानों से जुड़े मुद्दों पर भी सवाल उठाए जाएंगे।
हालांकि, मतदाता को धमकाने से संबंधित ममता मीणा के आरोप उनके बयान पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है।
खाद के मुद्दे पर भी सिंधिया को घेरा
ममता मीणा ने किसानों को खाद उपलब्ध कराने के मुद्दे को भी अपने बयान में उठाया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में किसान ई-टोकन और खाद को लेकर परेशान हैं। यदि सिंधिया क्षेत्र में प्रभावशाली भूमिका रखते हैं तो उन्हें किसानों की इस परेशानी को दूर कराने के लिए प्रशासन से काम करवाना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से किसानों तक खाद पहुंचाने की व्यवस्था करने की बात कही। ममता ने दावा किया कि क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सार्वजनिक रूप से जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह उन्हें उचित नहीं लगा।
मुख्यमंत्री से दबाव में नहीं आने की अपील
ममता मीणा ने मुख्यमंत्री से भी अपील की कि वह किसी दबाव में आकर कार्रवाई न करें। उनका आरोप है कि उनके पति के खिलाफ इतनी जल्दी एफआईआर दर्ज होना राजनीतिक दबाव का परिणाम है।
उन्होंने दावा किया कि पुलिस मुख्यालय स्तर पर जल्दबाजी में कार्रवाई की गई। हालांकि, पुलिस की ओर से दर्ज मामले के संबंध में उपलब्ध रिपोर्टों में कार्रवाई को जाति प्रमाणपत्र मामले की जांच और शिकायत से जोड़ा गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सिंधिया पर पुराने राजनीतिक विवादों को लेकर हमला
ममता मीणा ने अपने बयान में सिंधिया परिवार के इतिहास और राजनीतिक भूमिका को लेकर भी तीखी टिप्पणियां कीं। उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई और कांग्रेस से जुड़े पुराने राजनीतिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए सिंधिया पर सत्ता की राजनीति करने के आरोप लगाए।
उन्होंने यह भी दावा किया कि आने वाले समय में भाजपा के भीतर दो धड़े बनने की स्थिति पैदा हो सकती है। ममता ने कहा कि वर्ष 2029 का चुनाव दूर नहीं है और उस समय जनता अपना जवाब देगी।
ममता ने अपने राजनीतिक अभियान को गुना तक सीमित रखने के बजाय ग्वालियर, शिवपुरी, पोहरी, श्योपुर और आसपास के क्षेत्रों तक ले जाने की बात भी कही है।
रघुवीर सिंह मीणा पर क्या है मामला?
रघुवीर सिंह मीणा के खिलाफ दर्ज एफआईआर जाति प्रमाणपत्र से जुड़े आरोपों पर आधारित है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार पुलिस मुख्यालय की सतर्कता शाखा ने शिकायत और पूर्व जांच से जुड़े रिकॉर्ड के आधार पर मामला दर्ज किया है। आरोप है कि सरकारी शिक्षक की नौकरी के दौरान उन्होंने खुद को ओबीसी वर्ग से संबंधित बताया था, जबकि बाद में एमपीपीएससी के माध्यम से पुलिस सेवा में आने के लिए एसटी प्रमाणपत्र का इस्तेमाल किया गया।
रिपोर्टों के मुताबिक, वर्ष 1984 में जारी एसटी प्रमाणपत्र की वैधता पर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। उच्च स्तरीय छानबीन समिति ने प्रमाणपत्र को अमान्य बताया था। इसके बाद मामला अलग-अलग कानूनी प्रक्रियाओं से गुजरा। अब पुलिस ने आपराधिक प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की है।
रघुवीर सिंह मीणा वर्ष 1986 में डीएसपी के पद पर पुलिस सेवा में आए थे और बाद में उन्हें आईपीएस कैडर मिला। उनकी पत्नी ममता मीणा चाचौड़ा विधानसभा सीट से भाजपा विधायक रह चुकी हैं।
FIR के बाद बढ़ी सियासी गर्मी
रघुवीर सिंह मीणा के खिलाफ एफआईआर के बाद मामला केवल कानूनी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। ममता मीणा के लगातार बयानों से यह मुद्दा राजनीतिक टकराव में बदलता नजर आ रहा है। एक तरफ उनके पति के खिलाफ जाति प्रमाणपत्र से संबंधित जांच चल रही है, वहीं दूसरी तरफ ममता मीणा ने इस कार्रवाई को सिंधिया से अपने राजनीतिक मतभेदों से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं।
फिलहाल इस मामले में जांच आगे बढ़ रही है और ममता मीणा ने भी कानूनी लड़ाई जारी रखने की बात कही है। उनके ताजा वीडियो के बाद गुना और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की राजनीति में इस विवाद को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस