मेरिट में चयन फिर भी नियुक्ति से वंचित! भोपाल में वर्ग-3 शिक्षक अभ्यर्थियों का चक्काजाम, 24 घंटे का अल्टीमेटम

परीक्षा पास कर मेरिट में चयन के बावजूद नियुक्ति नहीं मिलने से नाराज वर्ग-3 शिक्षक अभ्यर्थियों ने भोपाल के बोर्ड ऑफिस चौराहे पर चक्काजाम किया। थालियां बजाकर विरोध जताया और नियुक्ति-जॉइनिंग शुरू करने की मांग की। आंदोलन लगातार तीसरे दिन भी जारी है।

मेरिट में चयन फिर भी नियुक्ति से वंचित! भोपाल में वर्ग-3 शिक्षक अभ्यर्थियों का चक्काजाम, 24 घंटे का अल्टीमेटम

मेरिट में चयन के बाद भी जॉइनिंग नहीं, भोपाल में वर्ग-3 शिक्षक अभ्यर्थियों का चक्काजाम 

लगातार चार दिनों से चल रहे आंदोलन के बाद बुधवार को सैकड़ों अभ्यर्थी बोर्ड ऑफिस चौराहे पर सड़क पर बैठ गए और थालियां बजाकर नियुक्ति की मांग की। इससे एमपी नगर में लंबा जाम लग गया।

भोपाल। प्राथमिक शिक्षक वर्ग-3 के मेरिट होल्डर अभ्यर्थियों ने नियुक्ति और जॉइनिंग की मांग को लेकर बुधवार को राजधानी भोपाल में जोरदार प्रदर्शन किया। चार दिन से चल रहे धरने के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थी एमपी नगर चौराहे पर सड़क पर बैठ गए और चक्काजाम कर दिया। हाथों में थालियां लेकर अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन करते हुए शासन और शिक्षा विभाग के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई। करीब चार घंटे तक चले प्रदर्शन के कारण सड़क पर यातायात प्रभावित रहा और वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकालना पड़ा।

शाम के समय पीक आवर्स में वाहनों का दबाव बढ़ने के बाद पुलिस और प्रशासन ने अभ्यर्थियों को समझाने का प्रयास किया। एसडीएम लाखन सिंह चौधरी और पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। अधिकारियों ने अभ्यर्थियों का ज्ञापन लिया और उनकी मांगों को वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इसके बाद अभ्यर्थियों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया और सड़क से हट गए।

हालांकि, प्रदर्शन समाप्त करने के साथ ही अभ्यर्थियों ने प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि यदि इस अवधि में शिक्षा मंत्री या मुख्यमंत्री स्तर पर बातचीत नहीं होती और उनकी समस्या के समाधान की दिशा में ठोस पहल नहीं की जाती है, तो वे एक बार फिर सड़क पर उतरकर चक्काजाम करेंगे।

24 घंटे में समाधान नहीं तो फिर चक्काजाम

प्रदर्शन में शामिल चयनित अभ्यर्थी बलराम परमार ने बताया कि उनकी डीएसपी विकास और एसडीएम से बातचीत हुई है। अधिकारियों ने उनकी मांगों से संबंधित ज्ञापन लिया है और उसे उच्च स्तर तक पहुंचाने का भरोसा दिया है।

बलराम ने कहा कि अभ्यर्थी लंबे समय से नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि मेरिट में चयन होने के बावजूद उन्हें नियुक्ति और जॉइनिंग नहीं दी जा रही है। कई दिनों से धरना देने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया।

अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया कि यदि गुरुवार शाम तक शिक्षा मंत्री या मुख्यमंत्री स्तर पर बातचीत नहीं होती और मामले में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तो वे दोबारा चक्काजाम करेंगे। फिलहाल अभ्यर्थी सड़क से हटकर अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे।

क्लॉज 49 को लेकर उठाया जा रहा सवाल

एसडीएम लाखन सिंह चौधरी ने बताया कि प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थी भर्ती नियम के क्लॉज 49 को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज करा रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के समय डीएलएड की डिग्री होना जरूरी था। इसी नियम को लेकर नियुक्ति प्रक्रिया में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

एसडीएम के मुताबिक अभ्यर्थियों की ओर से दिए गए ज्ञापन को स्वीकार कर लिया गया है। उनकी मांगों और समस्या को कलेक्टर के माध्यम से वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। अभ्यर्थी शिक्षा मंत्री, डीपीआई या शिक्षा विभाग के कमिश्नर स्तर पर अधिकारियों से सीधे बातचीत की मांग कर रहे हैं।

मेरिट में 73वीं रैंक, फिर भी नियुक्ति का इंतजार

उज्जैन के रहने वाले अभ्यर्थी बलराम परमार ने अपनी स्थिति बताते हुए कहा कि प्राथमिक शिक्षक वर्ग-3 की मेरिट में उनकी 73वीं रैंक आई थी। इसके बावजूद उन्हें पदस्थापना नहीं दी जा रही है। उनका आरोप है कि नए नियमों के कारण मेरिट में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रक्रिया से बाहर किया जा रहा है।

बलराम का कहना है कि वे पिछले चार दिनों से भोपाल में धरना दे रहे थे, लेकिन उनकी बात सुनने के लिए जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। लगातार अनदेखी के बाद अभ्यर्थियों ने चक्काजाम करने का फैसला लिया।

उनका कहना है कि जब मेरिट में स्थान मिलने के बाद भी नियुक्ति नहीं मिलती है तो अभ्यर्थियों के सामने आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता। वे चाहते हैं कि शासन उनकी स्थिति को स्पष्ट करे और नियमों के आधार पर उन्हें न्याय दिया जाए।

विदिशा की सोनम दांगी भी प्रदर्शन में शामिल

विदिशा की सोनम दांगी ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि वे प्राथमिक शिक्षक वर्ग-3 के मेरिट होल्डर अभ्यर्थियों में शामिल हैं। इसके बावजूद उन्हें नियुक्ति नहीं दी जा रही है।

अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में आवश्यक चरण पूरे किए और मेरिट में स्थान हासिल किया। ऐसे में नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर उत्पन्न विवाद का समाधान सरकार को करना चाहिए। उनका कहना है कि अभ्यर्थियों को नियमों की अस्पष्टता के कारण परेशान नहीं किया जाना चाहिए।

चार दिन से जारी था धरना

प्राथमिक शिक्षक वर्ग-3 के मेरिट होल्डर अभ्यर्थी नियुक्ति और जॉइनिंग की मांग को लेकर पिछले चार दिनों से भोपाल में प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने अपनी मांगों को लेकर प्रशासन और शिक्षा विभाग तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास किया।

बुधवार को अभ्यर्थियों ने आंदोलन को और तेज करते हुए एमपी नगर चौराहे पर सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया। हाथों में थालियां लेकर प्रदर्शन करने वाले अभ्यर्थियों ने सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित करने की कोशिश की।

अभ्यर्थियों का कहना है कि कई दिनों तक शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने के बावजूद जब उनकी सुनवाई नहीं हुई तो उन्हें चक्काजाम का रास्ता अपनाना पड़ा।

चार घंटे बंद रहा रास्ता, यातायात प्रभावित

प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थी बोर्ड ऑफिस की तरफ से एमपी नगर चौराहे की ओर जाने वाले मार्ग पर सड़क पर बैठ गए। इससे इस रास्ते पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ। करीब चार घंटे तक प्रदर्शन चलने के कारण वाहनों को दूसरे वैकल्पिक मार्गों से निकाला गया।

शाम के समय पीक आवर्स होने के कारण सड़क पर वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही थी। यातायात प्रभावित होने के बाद पुलिस और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें सड़क से हटने के लिए समझाया।

एसडीएम और पुलिस अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद अभ्यर्थियों ने तत्काल चक्काजाम समाप्त करने पर सहमति जताई। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि उनका आंदोलन खत्म नहीं हुआ है।

प्रशासन के आश्वासन के बाद हटे अभ्यर्थी

प्रशासन की ओर से अभ्यर्थियों को आश्वासन दिया गया कि उनकी मांगों को उच्च स्तर तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने सड़क खाली कर दी। अधिकारियों ने अभ्यर्थियों से ज्ञापन लेकर उनकी समस्याओं को संबंधित विभाग के अधिकारियों तक भेजने की बात कही।

अभ्यर्थियों ने प्रशासन के आश्वासन को स्वीकार करते हुए चक्काजाम तो खत्म कर दिया, लेकिन 24 घंटे की समय सीमा तय कर दी है। उनका कहना है कि अब वे सरकार की अगली पहल का इंतजार करेंगे।

आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

अभ्यर्थियों ने कहा कि उनका मकसद यातायात बाधित करना नहीं, बल्कि सरकार तक अपनी बात पहुंचाना है। वे चाहते हैं कि शिक्षा मंत्री या मुख्यमंत्री स्तर पर उनकी समस्याओं को सुना जाए और नियुक्ति को लेकर स्पष्ट समाधान निकाला जाए।

अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय में बातचीत नहीं होती या उनकी मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता है, तो वे दोबारा चक्काजाम कर सकते हैं। ऐसे में राजधानी में शिक्षक भर्ती को लेकर आंदोलन और तेज होने की संभावना है।

फिलहाल प्रशासन के आश्वासन के बाद एमपी नगर चौराहे पर स्थिति सामान्य हो गई है, लेकिन मेरिट होल्डर प्राथमिक शिक्षक अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि अगले 24 घंटे में सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से क्या पहल होती है।