मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: MP में 15 नए सैटेलाइट टाउन को मंजूरी, 23,288 करोड़ के विकास कार्य जारी रहेंगे; किसानों को भी बड़ी राहत
मध्यप्रदेश कैबिनेट ने 23,288 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों को जारी रखने की मंजूरी दी है। साथ ही बैठक में जानकारी दी गई कि 18 नवंबर को गांधी सागर में कैबिनेट बैठक होगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में 23,228 करोड़ की विकास परियोजनाओं को निरंतर रखने की मंजूरी दी गई। वहीं सरकारी कर्मचारियों को 2 फीसदी डीए वृद्धि का बड़ा तोहफा मिला।
भोपाल। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में विकास, शहरी विस्तार, किसान कल्याण और ग्रामीणों को संपत्ति का अधिकार देने से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में 23 हजार 288 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं और विकास कार्यों की निरंतरता को मंजूरी दी गई। सरकार ने प्रदेश में 15 नए सैटेलाइट टाउन विकसित करने, किसानों के लिए धान पंजीयन की तारीख बढ़ाने और नीलगाय व हिरण से फसलों को होने वाले नुकसान पर नियंत्रण के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए।
कैबिनेट मंत्री चेतन कश्यप ने बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार प्रदेश के समग्र विकास के साथ-साथ किसानों, ग्रामीणों और शहरी आबादी की जरूरतों को ध्यान में रखकर योजनाओं को आगे बढ़ा रही है। बैठक में आगामी कार्यक्रमों और विकास योजनाओं की तैयारियों पर भी चर्चा हुई।
23,288 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को जारी रखने की मंजूरी
कैबिनेट बैठक का सबसे महत्वपूर्ण फैसला प्रदेश में 23 हजार 288 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों और योजनाओं की निरंतरता को मंजूरी देना रहा। सरकार का उद्देश्य विभिन्न विभागों के माध्यम से संचालित योजनाओं को लगातार जारी रखना और विकास कार्यों की गति बनाए रखना है।
इन योजनाओं के माध्यम से प्रदेश में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, शहरी विकास, ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं का विस्तार और विभिन्न विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर रहेगा। सरकार का मानना है कि विकास योजनाओं की निरंतरता से प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में चल रहे कार्य प्रभावित नहीं होंगे और विकास की गति बनी रहेगी।
प्रदेश में विकसित होंगे 15 नए सैटेलाइट टाउन
मध्यप्रदेश में तेजी से बढ़ती शहरी आबादी और बड़े शहरों पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए सरकार ने 15 नए सैटेलाइट टाउन विकसित करने की योजना को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में आयोजित अर्बन डेवलपमेंट कार्यक्रम में भी इस योजना का उल्लेख किया था।
सैटेलाइट टाउन विकसित करने का मुख्य उद्देश्य बड़े शहरों के आसपास सुनियोजित शहरी क्षेत्र तैयार करना है, ताकि लोगों को रोजगार, आवास, परिवहन और अन्य जरूरी सुविधाएं अपने नजदीकी क्षेत्रों में उपलब्ध हो सकें।
वर्तमान में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर सहित प्रदेश के प्रमुख शहरों में आबादी का दबाव लगातार बढ़ रहा है। इसके चलते यातायात, आवास और बुनियादी सुविधाओं की मांग भी बढ़ रही है। ऐसे में नए सैटेलाइट टाउन विकसित होने से शहरी विस्तार को व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सरकार की इस पहल से भविष्य में नए आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों के विकास का रास्ता भी खुलेगा। हालांकि इन 15 शहरों के स्थान और विकास की विस्तृत कार्ययोजना को लेकर आगे की प्रक्रिया महत्वपूर्ण रहेगी।
धान उपार्जन के लिए किसानों को राहत, 4 नवंबर तक पंजीयन
कैबिनेट बैठक में किसानों के हित में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। धान उपार्जन के लिए किसानों के पंजीयन की अंतिम तारीख बढ़ाकर 4 नवंबर कर दी गई है। इससे उन किसानों को राहत मिलेगी, जो किसी कारणवश निर्धारित समय में अपना पंजीयन नहीं करा पाए थे।
धान उपार्जन में पंजीयन महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसके माध्यम से किसान समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने के लिए पंजीकृत होते हैं। तारीख बढ़ाए जाने से अधिक किसानों को सरकारी खरीदी व्यवस्था से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
सरकार की कोशिश है कि पात्र किसान पंजीयन से वंचित न रहें और उन्हें अपनी उपज बेचने में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
ग्रामीणों को मुफ्त रजिस्ट्री, 20 लाख का लक्ष्य
प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उनकी संपत्ति का कानूनी अधिकार दिलाने के लिए निशुल्क रजिस्ट्री कराई जा रही है। इस योजना के अंतर्गत अब तक प्रदेश में करीब 15 लाख रजिस्ट्रियां पूरी हो चुकी हैं।
सरकार ने 15 नवंबर तक 20 लाख रजिस्ट्रियां पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। योजना के माध्यम से करीब 60 लाख लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
इस योजना का उद्देश्य ग्रामीणों को उनकी आवासीय संपत्तियों का आधिकारिक दस्तावेज उपलब्ध कराना है। इससे संपत्ति के स्वामित्व को लेकर विवाद कम करने और ग्रामीण परिवारों को कानूनी अधिकार देने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि जिन गांवों में 100 प्रतिशत रजिस्ट्रियां पूरी हो चुकी हैं, वहां धनतेरस पर दीपावली मनाई जाए। सरकार इस पहल के माध्यम से ग्रामीणों को संपत्ति का अधिकार मिलने की खुशी को उत्सव के रूप में मनाना चाहती है।
नीलगाय और हिरण से फसलों को बचाने के लिए बड़ा कदम
खेतों में नीलगाय और हिरण के पहुंचने से किसानों की फसलों को होने वाले नुकसान की समस्या को देखते हुए सरकार ने इन्हें सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने का निर्णय लिया है।
कैबिनेट मंत्री चेतन कश्यप ने बताया कि बोमा पद्धति के माध्यम से करीब 2 हजार नीलगाय और हिरण को दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है। इस पद्धति का प्रशिक्षण अफ्रीका के विशेषज्ञों ने दिया है।
बोमा पद्धति में विशेष तरीके से घेराबंदी और मार्ग तैयार कर वन्यजीवों को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जाता है। इसका उद्देश्य वन्यजीवों को सुरक्षित रखते हुए किसानों की फसलों को होने वाले नुकसान को कम करना है।
ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से किसान नीलगाय और हिरण द्वारा फसलें खराब किए जाने की शिकायत करते रहे हैं। ऐसे में सरकार के इस फैसले को किसानों की समस्या के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
18 नवंबर को गांधीसागर में होगी अगली कैबिनेट बैठक
मध्यप्रदेश सरकार की अगली कैबिनेट बैठक 18 नवंबर को गांधीसागर में प्रस्तावित है। इस बैठक को डेस्टिनेशन कैबिनेट के रूप में आयोजित किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में कैबिनेट बैठक आयोजित कर वहां के विकास और संभावनाओं पर विशेष ध्यान देना है।
गांधीसागर में होने वाली बैठक में किसान कल्याण वर्ष और उद्योग वर्ष को ध्यान में रखते हुए कृषि और औद्योगिक विकास से जुड़े विषयों पर विशेष फोकस रहेगा।
बैठक के दौरान क्षेत्रीय विकास, किसानों की जरूरतों और उद्योगों को बढ़ावा देने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इससे गांधीसागर और आसपास के क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर रहेगा।
15 नवंबर को तीन स्थानों पर मनाई जाएगी बिरसा मुंडा जयंती
जननायक भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को मध्यप्रदेश में भव्य स्तर पर मनाई जाएगी। इसके लिए प्रदेश में तीन स्थानों पर बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रमों की तैयारियों को लेकर 5 नवंबर को मुख्यमंत्री निवास पर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होगी। इसमें आयोजन की रूपरेखा, व्यवस्थाओं और कार्यक्रमों से जुड़ी तैयारियों पर चर्चा की जाएगी।
बिरसा मुंडा को आदिवासी समाज के महान जननायक और स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख योद्धाओं में गिना जाता है। उन्होंने आदिवासी समाज के अधिकारों और अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष किया था। प्रदेश सरकार उनकी जयंती को विशेष रूप से मनाने की तैयारी कर रही है।
भोपाल की भाजपा रैली में शामिल होंगे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
कैबिनेट मंत्री चेतन कश्यप ने बताया कि भोपाल में आयोजित होने वाली भाजपा की रैली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी मौजूद रहेंगे।
रैली में प्रदेशभर से आम लोगों और महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की तैयारी की जा रही है। कार्यक्रम को लेकर पार्टी स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने स्वदेशी उत्पाद अपनाने की अपील की
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान के अनुरूप प्रदेशवासियों से स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि खरीदारी करते समय लोगों को अधिक से अधिक स्वदेशी उत्पादों को अपनाना चाहिए।
स्वदेशी उत्पादों के उपयोग से देश के घरेलू उद्योगों, स्थानीय कारोबारियों, छोटे उद्यमियों और कारीगरों को प्रोत्साहन मिलता है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने में भी मदद मिलती है।
मुख्यमंत्री की अपील का उद्देश्य प्रदेश में स्वदेशी उत्पादों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और स्थानीय उत्पादों को बाजार में अधिक अवसर उपलब्ध कराना है।
कुल मिलाकर मंगलवार की कैबिनेट बैठक में शहरी विकास से लेकर किसान कल्याण, ग्रामीण संपत्ति अधिकार और औद्योगिक विकास तक कई अहम मुद्दों पर फैसले लिए गए। 15 नए सैटेलाइट टाउन की योजना, 23,288 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की निरंतरता और किसानों के लिए धान पंजीयन की तारीख बढ़ाना बैठक के प्रमुख निर्णय रहे।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस