भगवान कृष्ण पर टिप्पणी को लेकर धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ FIR की मांग, थाने पहुंचे सांसद पप्पू यादव; बोले- सजा दिलाकर ही मानेंगे
बागेश्वरधाम सरकार के नाम से मशहूर कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री भगवान श्रीकृष्ण पर टिप्पणी कर बुरे फंस गए हैं। मामला शुद्ध राजनीतिक बन गया है। इसी कड़ी में पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने उन पर मुकदमे की धमकी भी दे दी है।
श्रीकृष्ण को लेकर कथा के दौरान की गई टिप्पणी को लेकर पप्पू यादव ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने कहा कि उनसे बयान दिलवाया गया है।
नई दिल्ली। कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए बयान पर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले में अब सांसद पप्पू यादव भी खुलकर सामने आ गए हैं। भगवान श्रीकृष्ण पर की गई टिप्पणी को लेकर नाराजगी जताते हुए पप्पू यादव दिल्ली के पार्लियामेंट थाने पहुंचे और धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और वह इस मामले में कार्रवाई कराकर ही रहेंगे।
पप्पू यादव के थाने पहुंचने से इस बयान को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। उन्होंने पहले ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही थी। इसके बाद वह अपनी शिकायत लेकर सीधे थाने पहुंच गए। एक्स पर पोस्ट कर जताई थी नाराजगी
सांसद पप्पू यादव ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए एक्स पर लिखा था कि भगवान श्रीकृष्ण का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कथावाचक पर निशाना साधते हुए कहा था कि सत्ता के संरक्षण में रहने वाले ऐसे कथावाचकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
पप्पू यादव ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'भगवान श्रीकृष्ण जी का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। सत्ता संरक्षित टुटपुंजिये फरेबी कथावाचक के खिलाफ आज मैं मुकदमा दर्ज कराने जा रहा हूं। कृष्ण कन्हैया जी को अपमानित कर यह मूर्ख बेईमान अब माफी मांगने की नौटंकी कर रहा है। इसे छोड़ेंगे नहीं, सजा दिलाकर ही मानेंगे।'
इस पोस्ट के जरिए उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि वह केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग करेंगे। इसी सिलसिले में वह दिल्ली के पार्लियामेंट थाने पहुंचे।
29 अक्टूबर को करैरा की कथा में दिया था बयान
दरअसल, पूरा विवाद 29 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के करैरा में आयोजित कथा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा दिए गए एक बयान से शुरू हुआ। कथा के दौरान उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और अपने आराध्य भगवान के स्वरूप की तुलना करते हुए कुछ ऐसी बातें कहीं, जिन पर अब विवाद खड़ा हो गया है।
धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप का वर्णन करते हुए कहा था कि उनके ठाकुर जी की तस्वीर में भगवान तीन जगह से टेढ़े दिखाई देते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भगवान के पैर के ऊपर पैर, कमर लचकती हुई और गर्दन टेढ़ी होती है। इसी मुद्रा में भगवान श्रीकृष्ण बांसुरी बजाते हैं।
इसके बाद उन्होंने अपने आराध्य की तुलना करते हुए कहा कि उनके भगवान सीधे खड़े होते हैं। उनका नाम भी सीधा है, चलना भी सीधा है और उनका स्वरूप भी सीधा दिखाई देता है। वहीं, उन्होंने श्रीकृष्ण के नाम, चाल और खड़े होने की मुद्रा को टेढ़ा बताया।
धनुष, बांसुरी और पर्वत उठाने की भी की तुलना
कथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण और भगवान राम से जुड़े प्रसंगों की तुलना करते हुए आगे कहा था कि बांसुरी बजाना तो खेल है, लेकिन धनुष उठाना खेल नहीं है। उन्होंने गाय चराने और बंदरों को नचाने के प्रसंगों का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा था कि भगवान श्रीकृष्ण ने पर्वत उठाया तो इसमें क्या बड़ी बात है, उनके भगवान के भक्त हनुमान ने तो पूरा पर्वत ही उड़ा दिया था। इसी क्रम में उन्होंने अयोध्या और वृंदावन की तुलना करते हुए कहा था कि उनका धाम अयोध्या सीधा है, जबकि श्रीकृष्ण का वृंदावन टेढ़ा है।
धीरेंद्र शास्त्री के इन बयानों के वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई। कई लोगों ने इसे भगवान श्रीकृष्ण के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी बताते हुए नाराजगी जाहिर की।
यादव समाज सहित कई लोगों ने जताया विरोध
इस बयान को लेकर यादव समाज के लोगों और भगवान श्रीकृष्ण के अनुयायियों की ओर से भी विरोध जताया गया है। अलग-अलग स्थानों पर बयान को लेकर नाराजगी सामने आई है। विरोध करने वालों का कहना है कि भगवान श्रीकृष्ण करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं और उनके स्वरूप, लीलाओं तथा धार्मिक महत्व को लेकर इस तरह की तुलना करना उचित नहीं है।
वहीं, इस विवाद ने धार्मिक मंचों से दिए जाने वाले बयानों और अलग-अलग देवी-देवताओं की तुलना करने के तरीके पर भी बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर लोग अपने-अपने विचार रख रहे हैं। कुछ लोग इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा गंभीर विषय बता रहे हैं, जबकि इस पूरे बयान को उसके कथा के संदर्भ में देखने की बात भी सामने आ रही है।
अब कानूनी कार्रवाई पर टिकी नजरें
पप्पू यादव के पार्लियामेंट थाने पहुंचने के बाद अब इस मामले में पुलिस की अगली कार्रवाई पर नजरें टिकी हैं। सांसद ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है और उन्हें सजा दिलाने की बात कही है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पप्पू यादव शिकायत लेकर थाने पहुंचे हैं। एफआईआर दर्ज होने और पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि अलग विषय है। फिलहाल भगवान श्रीकृष्ण पर की गई टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ विवाद धार्मिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस