टेक्सटाइल PLI योजना का 2033-34 तक विस्तार और आवेदन पोर्टल दोबारा खोलना ऐतिहासिक फैसला : चम्पालाल बोथरा

केंद्र सरकार ने टेक्सटाइल PLI योजना को वित्त वर्ष 2033-34 तक बढ़ाने, न्यूनतम टर्नओवर की सीमा 200 करोड़ से घटाकर 100 करोड़ करने और आवेदन पोर्टल दोबारा खोलने का फैसला लिया है। 31 दिसंबर 2026 तक आवेदन किए जा सकेंगे। टेक्सटाइल एवं गारमेंट ट्रेड इंडस्ट्रीज के राष्ट्रीय चेयरमैन चम्पालाल बोथरा ने इसे ऐतिहासिक और उद्योग के लिए गेम-चेंजर बताते हुए कहा कि इससे मध्यम आकार के निर्माताओं, MSME इकाइयों, निवेश, रोजगार और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।

टेक्सटाइल PLI योजना का 2033-34 तक विस्तार और आवेदन पोर्टल दोबारा खोलना ऐतिहासिक फैसला : चम्पालाल बोथरा

टर्नओवर की सीमा ₹200 करोड़ से घटाकर ₹100 करोड़ करने से मध्यम आकार के निर्माताओं को मिलेगा अवसर, टेक्सटाइल एवं गारमेंट इंडस्ट्रीज ने किया केंद्र सरकार के निर्णय का स्वागत

सूरत, केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा टेक्सटाइल क्षेत्र की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना के चौथे चरण (Round-4) की घोषणा, योजना की अवधि वित्त वर्ष 2033-34 तक बढ़ाने तथा आवेदन पोर्टल दोबारा खोलने के निर्णय का टेक्सटाइल एवं गारमेंट ट्रेड इंडस्ट्रीज ने स्वागत किया है।

टेक्सटाइल गारमेंट ट्रेड इंडस्ट्रीज के राष्ट्रीय चेयरमैन चम्पालाल बोथरा ने इस फैसले को भारतीय टेक्सटाइल उद्योग के लिए ऐतिहासिक और गेम-चेंजर बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने योजना में ऐसे महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जिनसे मध्यम आकार के निर्माताओं और अधिक पात्र उद्यमों की भागीदारी का रास्ता खुलेगा। विशेष रूप से न्यूनतम टर्नओवर की सीमा आधी करना उद्योग के लिए बड़ी राहत है।

सरकार के निर्णय की पांच प्रमुख विशेषताएं

1. PLI योजना का विस्तार 2033-34 तक

पहले यह योजना वित्त वर्ष 2029-30 तक निर्धारित थी। अब राउंड-4 के अंतर्गत स्वीकृत कंपनियों के लिए इसे वित्त वर्ष 2033-34 तक बढ़ाया गया है। इससे निर्माताओं को अपनी उत्पादन क्षमता स्थापित करने और उसका विस्तार करने के लिए लंबी निवेश एवं संचालन अवधि मिलेगी। साथ ही उद्योग में दीर्घकालीन निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।

1. न्यूनतम टर्नओवर की सीमा ₹200 करोड़ से घटाकर ₹100 करोड़

योजना के पार्ट-2 के अंतर्गत न्यूनतम टर्नओवर की अनिवार्य सीमा ₹200 करोड़ से घटाकर ₹100 करोड़ कर दी गई है। इस बदलाव का उद्देश्य मध्यम आकार के निर्माताओं और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करना तथा नए निवेश को आकर्षित करना है।

1. आवेदन पोर्टल दोबारा खुला, 31 दिसंबर 2026 अंतिम तिथि

केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय द्वारा PLI योजना के राउंड-4 के लिए ऑनलाइन आवेदन पोर्टल 1 नवंबर 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक दोबारा खोला गया है। पात्र कंपनियां निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार इस अवधि में आवेदन कर सकती हैं।

1. पुराने आवेदकों को राउंड-4 में माइग्रेशन का अवसर

राउंड-1, 2 और 3 के ऐसे पात्र आवेदकों को, जिन्होंने अभी तक योजना के तहत प्रोत्साहन प्राप्त नहीं किया है, निर्धारित शर्तों के अनुसार राउंड-4 में माइग्रेट करने का विकल्प दिया गया है। इससे पहले आवेदन कर चुके पात्र उद्यमों को भी नए प्रावधानों का लाभ उठाने का अवसर मिलेगा।

1. तीन प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष फोकस

PLI योजना के तहत भारत में विनिर्माण क्षमता बढ़ाने के लिए तीन प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है:

* MMF Apparel: मानव निर्मित फाइबर आधारित परिधान।

* MMF Fabrics: मानव निर्मित फाइबर आधारित कपड़े।

* Technical Textiles: तकनीकी वस्त्र।

इन क्षेत्रों में निवेश, आधुनिक तकनीक, उत्पादन क्षमता और मूल्य संवर्धन बढ़ने से भारत की वैश्विक टेक्सटाइल बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति मजबूत हो सकती है।

चम्पालाल बोथरा ने कहा कि भारत का टेक्सटाइल उद्योग रोजगार, निर्यात और विनिर्माण की दृष्टि से अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। वैश्विक बाजार में चीन, बांग्लादेश और वियतनाम जैसे प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले भारत को अपनी उत्पादन क्षमता, गुणवत्ता और लागत प्रतिस्पर्धा मजबूत करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा PLI योजना की अवधि बढ़ाना, टर्नओवर की सीमा घटाना और आवेदन पोर्टल दोबारा खोलना उद्योग की अपेक्षाओं के अनुरूप सकारात्मक कदम हैं। इन निर्णयों से निवेशकों को दीर्घकालीन योजना बनाने का भरोसा मिलेगा और मध्यम आकार के निर्माताओं को भी आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त होगा।

उन्होंने विशेष रूप से कहा कि सूरत देश का प्रमुख मानव निर्मित फाइबर (MMF) टेक्सटाइल केंद्र है। यहां के टेक्सटाइल निर्माताओं के लिए MMF फैब्रिक्स, गारमेंट्स और टेक्निकल टेक्सटाइल के क्षेत्र में नई उत्पादन इकाइयां स्थापित करने, आधुनिक मशीनरी अपनाने तथा मूल्य संवर्धन के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की अच्छी संभावनाएं हैं।

 बोथरा ने देशभर के टेक्सटाइल एवं गारमेंट निर्माताओं से अपील की कि वे इस योजना की पात्रता और दिशा-निर्देशों का अध्ययन कर 31 दिसंबर 2026 से पहले अपना आवेदन अवश्य करें। उन्होंने कहा कि योजना का वास्तविक लाभ तभी व्यापक रूप से मिलेगा, जब पात्र निर्माताओं को आवेदन, स्वीकृति और प्रोत्साहन प्राप्त करने की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और समयबद्ध मिलेगी।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह निर्णय भारतीय टेक्सटाइल उद्योग को नई गति देने, निवेश और रोजगार बढ़ाने, निर्यात क्षमता मजबूत करने तथा आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए