पैलेट गन से घायल छात्र को लेकर राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस, NEET आंदोलन में कार्रवाई पर उठाए सवाल,बोले- धर्मेंद्र प्रधान क्रिमिनल शिक्षा मंत्री, इस्तीफा दें:उनकी वजह से हजारों लोग सड़क पर

CJP प्रोटेस्ट: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन से घायल हुए छात्र के साथ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि छात्र ने उस हमले में अपनी एक आंख गंवा दी है।

पैलेट गन से घायल छात्र को लेकर राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस, NEET आंदोलन में कार्रवाई पर उठाए सवाल,बोले- धर्मेंद्र प्रधान क्रिमिनल शिक्षा मंत्री, इस्तीफा दें:उनकी वजह से हजारों लोग सड़क पर

NEET पेपर लीक विवाद: राहुल गांधी ने घायल छात्रों के साथ की प्रेस कॉन्फ्रेंस, सरकार पर साधा निशाना; CJP आंदोलन जारी

नई दिल्ली। NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। इसी बीच कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग किया गया और अब उन्हें न्याय मिलना चाहिए।

राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन छात्रों का मुद्दा उठाया, जो संसद मार्च के दौरान घायल हुए थे। उन्होंने घायल छात्रों की तस्वीरें दिखाते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान एक छात्र के आंख में पेलेट गन लगी। राहुल गांधी के मुताबिक, छात्र अपने हाथ में तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहा था, लेकिन उसके साथ ऐसी कार्रवाई हुई, जिससे उसकी आंख प्रभावित हुई।

राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की कोई गलती नहीं थी और वे सिर्फ अपने अधिकारों और भविष्य को लेकर आवाज उठा रहे थे। उन्होंने सरकार से मांग की कि घायल छात्रों को बेहतर इलाज, उचित मुआवजा और न्याय दिया जाए।

छात्रों के समर्थन में राहुल गांधी का सरकार पर हमला

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि NEET विवाद केवल एक परीक्षा का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह देश के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को छात्रों की परेशानियों को समझना चाहिए और उनकी आवाज दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि सबसे पहले उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, जो पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार हैं। दूसरी मांग में उन्होंने प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर कथित बल प्रयोग करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। तीसरी मांग के तौर पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से माफी मांगने की बात कही।

राहुल गांधी ने कहा कि देश के हजारों छात्र मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन अगर परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठते हैं तो इसका असर उनके पूरे करियर पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले में गंभीरता दिखानी चाहिए।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी साधा निशाना

राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि NEET विवाद की जिम्मेदारी से शिक्षा मंत्री बच नहीं सकते।

राहुल गांधी ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था में जो समस्याएं सामने आ रही हैं, उनकी जिम्मेदारी सरकार को लेनी होगी। उन्होंने मांग की कि इस मामले में जवाबदेही तय की जाए और छात्रों को भरोसा दिलाया जाए कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होंगी।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि छात्रों को डराने या दबाने की बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर नागरिक का अधिकार है।

CJP आंदोलन जारी, सरकार से बातचीत का दौर शुरू

NEET पेपर लीक मामले को लेकर आंदोलन कर रहे CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के प्रतिनिधियों और केंद्र सरकार के बीच बातचीत का दौर भी जारी है। शुक्रवार को संगठन के प्रतिनिधियों की केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ बैठक हुई।

बताया गया कि यह बैठक करीब 50 मिनट तक चली। CJP की ओर से दावा किया गया कि सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज मामलों और कार्रवाई से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक रुख दिखाया है।

हालांकि संगठन की प्रमुख मांगों में शामिल शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे पर सरकार ने अभी अंतिम फैसला नहीं दिया है। इस मामले में सरकार ने शनिवार दोपहर तक जवाब देने के लिए समय मांगा है।

CJP ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। संगठन का कहना है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर सरकार को जल्द कदम उठाने चाहिए।

छात्रों की मांगों पर बढ़ता राजनीतिक दबाव

NEET विवाद अब केवल छात्रों के आंदोलन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह राजनीतिक मुद्दा भी बन गया है। विपक्ष लगातार सरकार पर परीक्षा व्यवस्था में सुधार और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई का दबाव बना रहा है।

कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की कमी के कारण छात्रों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं सरकार की ओर से लगातार कहा जा रहा है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

छात्र संगठनों का कहना है कि लाखों उम्मीदवारों ने मेहनत और समय लगाकर परीक्षा दी थी। ऐसे में अगर पेपर लीक या अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती हैं तो इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।

आंदोलन के बीच छात्रों की उम्मीदें और सरकार की चुनौती

NEET विवाद ने एक बार फिर देश की प्रतियोगी परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्र लगातार मांग कर रहे हैं कि परीक्षा प्रक्रिया को और मजबूत बनाया जाए, जिससे भविष्य में ऐसी स्थिति पैदा न हो।

वहीं सरकार के सामने चुनौती है कि वह छात्रों का भरोसा बनाए रखे और मामले का समाधान जल्द निकाले। जांच प्रक्रिया, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और छात्रों की मांगों पर फैसला आने के बाद ही इस विवाद को शांत किया जा सकेगा।

फिलहाल NEET पेपर लीक मामला राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर छात्र न्याय की मांग को लेकर सड़कों पर हैं, वहीं दूसरी ओर विपक्ष सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है। आने वाले दिनों में सरकार के फैसले और आंदोलन की दिशा पर सभी की नजरें रहेंगी।