तेज रफ्तार बस ब्रिज की सेफ्टी वॉल से टकराई, 4 की मौत, 11 घायल; मृतकों में ड्राइवर और बेंगलुरु के साइबर इंस्पेक्टर शामिल

मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा में एक तेज रफ्तार बस हादसे का शिकार हो गई। जिससे 4 यात्रियों की मौत हो गई और 11 यात्री घायल हो गए। मरने वालों में बस ड्राइवर और बेंगलुरु का साइबर इंस्पेक्टर भी शामिल है। बस कानपुर से इंदौर आ जा रही थी।

तेज रफ्तार बस ब्रिज की सेफ्टी वॉल से टकराई, 4 की मौत, 11 घायल; मृतकों में ड्राइवर और बेंगलुरु के साइबर इंस्पेक्टर शामिल

एबी रोड पर राजगढ़ में स्लीपर बस हादसा, घुमावदार ब्रिज पर रगड़ा गई बस, सोते हुए लोग हुआ हादसे का शिकार

राजगढ़/ब्यावरा। मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा में रक्षाबंधन के दिन शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। भोपाल बायपास ब्रिज पर तेज रफ्तार यात्री बस अनियंत्रित होकर ब्रिज की सेफ्टी वॉल से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस की खिड़कियां टूट गईं और ऊपर की स्लीपर सीटों पर बैठे कई यात्री नीचे जा गिरे। हादसे में चार यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 11 लोग घायल हुए हैं। मृतकों में बस ड्राइवर और बेंगलुरु में पदस्थ साइबर इंस्पेक्टर रवि केबी भी शामिल हैं।

हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। कुछ यात्री ब्रिज पर ही गिर पड़े, जबकि कुछ नीचे सड़क पर जा गिरे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सड़क पर हादसे का मंजर बेहद भयावह था और कई शव औंधे मुंह पड़े दिखाई दिए। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं तथा स्थानीय लोगों की मदद से राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।

सुबह करीब 8:30 बजे हुआ हादसा

जानकारी के मुताबिक हादसा शुक्रवार सुबह करीब 8:30 बजे हुआ। बस कानपुर से इंदौर के बीच संचालित हो रही थी। बताया जा रहा है कि बस भोपाल बायपास ब्रिज से गुजर रही थी। इसी दौरान ब्रिज के कर्व वाले हिस्से में बस तेज रफ्तार के कारण अनियंत्रित हो गई और सीधे सेफ्टी वॉल से जा टकराई।

टक्कर के दौरान बस का संतुलन बिगड़ गया। खिड़कियों के शीशे टूटने के कारण स्लीपर सीटों पर बैठे यात्रियों को संभलने का मौका नहीं मिला। कई यात्री बस से बाहर जा गिरे। हादसे की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग तत्काल मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य में जुट गए।

खिड़कियां टूटने से नीचे गिरे यात्री

हादसे की सबसे दर्दनाक तस्वीर यह रही कि बस की खिड़कियां टूटने के बाद कई यात्री नीचे गिर गए। ब्रिज की ऊंचाई और टक्कर की गति के कारण यात्रियों को गंभीर चोटें आईं। कुछ लोग ब्रिज पर ही गिर गए, जबकि कुछ सड़क पर जा गिरे।

स्थानीय लोगों ने बिना देर किए घायल यात्रियों को संभाला। पुलिस के पहुंचने से पहले ही कई ग्रामीण और राहगीर राहत कार्य में जुट गए। लोगों ने बस के अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकालने में भी मदद की।

चार यात्रियों की मौत, 11 घायल

प्रशासन के अनुसार हादसे में कुल चार लोगों की मौत हुई है, जबकि 11 यात्री घायल बताए गए हैं। घायलों में चार की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए भोपाल रेफर किया गया है।

बाकी घायलों को ब्यावरा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने उनका उपचार शुरू किया। हादसे के बाद अस्पताल में भी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

मृतकों में बेंगलुरु के साइबर इंस्पेक्टर भी

हादसे में जान गंवाने वालों में बेंगलुरु में पदस्थ साइबर इंस्पेक्टर रवि केबी, पिता बसप्पा भी शामिल हैं। जानकारी के अनुसार रवि अपनी टीम के साथ एक आरोपी को पकड़ने के लिए इंदौर आ रहे थे।

बताया गया है कि बेंगलुरु की साइबर टीम किसी आरोपी की तलाश में इंदौर की ओर रवाना हुई थी। इसी दौरान उनकी बस हादसे का शिकार हो गई। साइबर टीम के दो अन्य सदस्य विश्वनाथ, पिता मोहन और रमेश, पिता पंडप्पा भी हादसे में घायल हुए हैं।

इस घटना की जानकारी मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। पुलिस मृतकों की पहचान और हादसे के पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

ओवरस्पीड को माना जा रहा हादसे की वजह

राजगढ़ के पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी ने हादसे को लेकर बताया कि प्रथम दृष्टया मामला ओवरस्पीड का लग रहा है। उनके मुताबिक जिस स्थान पर दुर्घटना हुई, वहां ब्रिज कर्व में है। आशंका है कि तेज रफ्तार होने के कारण चालक बस को कर्व पर नियंत्रित नहीं कर पाया और बस सेफ्टी वॉल से टकरा गई।

एसपी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। हादसे में गंभीर रूप से घायल यात्रियों को भोपाल रेफर किया जा चुका है। पुलिस मृतकों की पहचान की प्रक्रिया में भी जुटी हुई है।

हालांकि दुर्घटना की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस बस की रफ्तार, चालक की स्थिति, सड़क की स्थिति और ब्रिज के डिजाइन समेत अन्य पहलुओं की भी जांच कर सकती है।

मंत्री और एसपी अस्पताल पहुंचे

हादसे की जानकारी मिलने के बाद राज्यमंत्री नारायण सिंह पंवार और एसपी अमित तोलानी ब्यावरा के सिविल अस्पताल पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात की और उनका हाल जाना।

अधिकारियों ने डॉक्टरों से घायलों के उपचार और उनकी वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी ली। गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए भोपाल भेजे जाने की व्यवस्था भी की गई।

राज्यमंत्री नारायण सिंह पंवार ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि दुर्घटना में जिन लोगों ने अपनी जान गंवाई है, उनके प्रति उनकी संवेदनाएं हैं। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को घायलों को उचित उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

ब्रिज के कर्व पर संकेतक लगाने की बात

मंत्री नारायण सिंह पंवार ने कहा कि जिस ब्रिज पर हादसा हुआ है, वहां मौजूद कर्व को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कर्व वाले स्थान पर संकेतक और ब्रेकर आदि की व्यवस्था को लेकर संबंधित अधिकारियों से बात की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों की आशंका को कम किया जा सके।

उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की और प्रशासन को उपचार में किसी तरह की कमी नहीं रहने देने के निर्देश दिए।

रक्षाबंधन के दिन मातम में बदली खुशियां

रक्षाबंधन के दिन हुए इस हादसे ने कई परिवारों की खुशियां मातम में बदल दीं। सुबह के समय जब लोग त्योहार की तैयारियों में जुटे थे, उसी दौरान ब्यावरा में हुए इस भीषण हादसे की खबर सामने आई।

एक ओर परिवार अपने भाई-बहनों के साथ रक्षाबंधन का त्योहार मनाने की तैयारी कर रहे थे, वहीं हादसे की सूचना के बाद मृतकों और घायलों के परिवारों में चिंता और शोक का माहौल बन गया।

फिलहाल पुलिस हादसे की विस्तृत जांच में जुटी है। हादसे की वजह ओवरस्पीड और ब्रिज के कर्व को माना जा रहा है, लेकिन जांच के बाद ही दुर्घटना के कारणों की पूरी तस्वीर साफ होगी। प्रशासन की ओर से घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।