शिवराज सिंह चौहान से महंगी चीनी पर पूछा सवाल, कुर्सी से उठ खड़े हुए केंद्रीय मंत्री; बोले- “सब इंतजाम हो रहा है जी, चिंता मत करो”
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान रायसेन दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने बेटियों की शिक्षा और विकास कार्यों को लेकर कई बड़ी बातें कही. लेकिन दौरे के अंत में चीनी के दाम पर पूछे गए सवाल और उनके जवाब ने सबका ध्यान खींच लिया.
महंगी चीनी पर पूछा सवाल, मीटिंग में कुर्सी से उठ खड़े हुए शिवराज सिंह चौहान; पत्रकारों को दिया ये जवाब
रायसेन। त्योहारों के मौसम में चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से सवाल पूछा गया तो उन्होंने संक्षिप्त जवाब देते हुए कहा, “सब इंतजाम हो रहा है जी, चिंता मत करो।” इतना कहने के बाद शिवराज सिंह चौहान अपनी कुर्सी से उठकर वहां से चले गए। उनके इस जवाब के बाद यह सवाल बना हुआ है कि आखिर सरकार की ओर से चीनी की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कौन से इंतजाम किए जा रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान रायसेन में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने राखी पर्व को लेकर बहनों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हमारे लिए बहनें देवियों के समान हैं और सरकार का प्रयास है कि बहनों को आत्मनिर्भर बनाया जाए। इसी दौरान पत्रकारों ने उनसे त्योहारों के सीजन में महंगी होती चीनी को लेकर सवाल कर दिया।
पत्रकारों ने सवाल किया कि त्योहारों का मौसम है, लेकिन चीनी महंगी होने से मिठास कम हो गई है। आम लोगों को बढ़ी कीमतों के कारण परेशानी हो रही है। इस सवाल के जवाब में शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “सब इंतजाम हो रहा है जी, चिंता मत करो।”
केंद्रीय मंत्री के इतना कहते ही वे अपनी कुर्सी से उठ खड़े हुए और वहां से चले गए। उनकी यह प्रतिक्रिया कुछ ही देर में चर्चा का विषय बन गई। पत्रकारों के सवाल के जवाब में उन्होंने यह तो कहा कि सरकार की ओर से इंतजाम किए जा रहे हैं, लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि ये इंतजाम किस तरह के हैं।
त्योहारों के समय चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी आम उपभोक्ताओं के लिए सीधे तौर पर चिंता का विषय बन जाती है। घरों में मिठाइयां और अन्य पकवान बनाने के लिए चीनी की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में कीमतों में बढ़ोतरी का असर घरेलू बजट पर भी पड़ता है। यही वजह है कि पत्रकारों ने केंद्रीय मंत्री से इस मुद्दे पर सरकार की रणनीति और संभावित राहत को लेकर सवाल किया।
शिवराज सिंह चौहान का जवाब हालांकि काफी छोटा था, लेकिन उसमें उन्होंने लोगों को चिंता न करने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि “सब इंतजाम हो रहा है।” हालांकि, मौके पर मौजूद पत्रकारों को इस बात की जानकारी नहीं मिल सकी कि सरकार किन उपायों के जरिए चीनी की कीमतों को नियंत्रित करने की तैयारी कर रही है।
चीनी की कीमतों को लेकर सवाल ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में त्योहारों का माहौल है। रक्षाबंधन जैसे पर्व पर मिठाइयों की मांग बढ़ती है। इसके अलावा घरों में विभिन्न प्रकार के पकवान और मिठाइयां तैयार की जाती हैं। ऐसे में चीनी के दाम में बदलाव का सीधा असर मिठाई कारोबारियों से लेकर आम परिवारों तक दिखाई देता है।
रायसेन में मीडिया से बातचीत के दौरान शिवराज सिंह चौहान का मुख्य जोर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और राखी पर्व की शुभकामनाएं देने पर रहा। उन्होंने बहनों को देवियों के समान बताते हुए उनके सशक्तीकरण की बात कही। इसी बातचीत के बीच चीनी की महंगाई का मुद्दा उठा और माहौल कुछ देर के लिए कीमतों तथा आम उपभोक्ताओं की परेशानी की ओर मुड़ गया।
पत्रकारों ने महंगी चीनी को लेकर केंद्रीय मंत्री से स्पष्ट जवाब जानने की कोशिश की। सवाल यह था कि जब त्योहारों के दौरान चीनी की कीमत बढ़ रही है तो आम लोगों को राहत देने के लिए सरकार क्या कर रही है। इसके जवाब में मंत्री ने विस्तार से जानकारी देने के बजाय सिर्फ इतना कहा कि इंतजाम किए जा रहे हैं और लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है।
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा शिवराज सिंह चौहान के उसी छोटे से जवाब की हो रही है। उन्होंने न तो किसी योजना का नाम बताया और न ही यह बताया कि कीमतों पर नियंत्रण के लिए किस स्तर पर कदम उठाए जा रहे हैं। इसलिए उनके बयान के बाद यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि सरकार की ओर से प्रस्तावित इंतजाम क्या हैं और उनका असर बाजार में कब तक दिखाई देगा।
महंगाई का मुद्दा आम जनता के लिए हमेशा संवेदनशील रहा है। रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी वस्तुओं के दाम बढ़ने पर इसका असर सीधे परिवारों के खर्च पर पड़ता है। त्योहारों के दौरान जब चीनी की खपत बढ़ती है, तब कीमतों में होने वाला बदलाव और अधिक महसूस किया जाता है। मिठाई बनाने वाले कारोबारियों के लिए भी चीनी एक महत्वपूर्ण कच्चा माल है। इसलिए इसके दाम में बढ़ोतरी का असर उत्पादन लागत और अंततः मिठाइयों की कीमतों पर पड़ सकता है।
रायसेन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब यह सवाल उठा तो सभी की नजर केंद्रीय मंत्री के जवाब पर थी। शिवराज सिंह चौहान ने सवाल सुनने के बाद कहा कि इंतजाम हो रहे हैं। इसके बाद वे उठकर चले गए। इस वजह से पत्रकारों को आगे सवाल पूछने या प्रस्तावित कदमों की जानकारी हासिल करने का अवसर नहीं मिल सका।
अब निगाह इस बात पर है कि केंद्र सरकार की ओर से चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर वास्तव में कौन से कदम उठाए जाते हैं। यदि सरकार बाजार में कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कोई फैसला करती है तो उससे त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है। फिलहाल केंद्रीय मंत्री के बयान से इतना संकेत जरूर मिला है कि सरकार इस मुद्दे से अवगत है और उनके अनुसार इस संबंध में इंतजाम किए जा रहे हैं।
हालांकि, किस तरह का इंतजाम किया जा रहा है, कब तक लागू होगा और आम उपभोक्ताओं को इससे कितनी राहत मिलेगी, इन सवालों का जवाब अभी सामने नहीं आया है। केंद्रीय मंत्री ने मीडिया के सामने इन बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी नहीं दी।
शिवराज सिंह चौहान का यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि सवाल सीधे आम आदमी की जेब से जुड़ा था। त्योहारों के समय जब परिवार मिठाई और अन्य पकवानों की तैयारी करते हैं, तब चीनी की कीमत बढ़ने से अतिरिक्त खर्च बढ़ सकता है। ऐसे में लोग सरकार से कीमतों में राहत की उम्मीद करते हैं।
रायसेन में हुई इस बातचीत के दौरान केंद्रीय मंत्री ने बहनों को राखी पर्व की शुभकामनाएं देते हुए महिला सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया। इसके बाद चीनी की कीमतों पर सवाल आया तो उन्होंने अपने जवाब में लोगों को आश्वस्त करने की कोशिश की। लेकिन उनके जवाब में किसी ठोस सरकारी फैसले या योजना का उल्लेख नहीं होने से सवाल अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुआ है।
फिलहाल शिवराज सिंह चौहान के “सब इंतजाम हो रहा है जी, चिंता मत करो” वाले बयान की चर्चा है। अब देखना होगा कि सरकार की ओर से बताए गए ये इंतजाम क्या रूप लेते हैं और क्या त्योहारों के दौरान आम लोगों को महंगी चीनी से राहत मिल पाती है। तब तक उपभोक्ताओं की नजर बाजार की कीमतों और सरकार के अगले कदम पर बनी रहेगी।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस