‘ये लोग मार डालेंगे’, अस्पताल में चीख रही थी कल्पना; ऑपरेशन के बाद जच्चा-बच्चा की मौत, दो डॉक्टर निलंबित
रीवा में गांधी मेमोरियल अस्पताल में गर्भवती कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की संदिग्ध मौत हो गई. मौत से पहले पीड़िता ने रोते हुए जान बचाने की गुहार लगाई थी. परिजनों ने रिश्वत मांगने, जहर देने की धमकी और एनेस्थीसिया ओवरडोज के गंभीर आरोप लगाए हैं. मामले में दो नर्सों को निलंबित कर दिया गया है.
रीवा के गांधी मेमोरियेल हॉस्पिटल में लापरवाही के चलते महिला व बच्चे की मौत, पिता का आरोप- नर्स बोली थी जहर का इंजेक्शन दे देंगे.
रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा स्थित गांधी मेमोरियल अस्पताल में गर्भवती महिला और उसके नवजात बच्चे की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में ड्यूटी पर तैनात दो महिला डॉक्टरों को निलंबित कर दिया गया है। इससे पहले दो नर्सिंग अधिकारियों को भी निलंबित किया जा चुका है। यह कार्रवाई उस वीडियो के सामने आने के बाद हुई है, जिसमें मौत से कुछ घंटे पहले गर्भवती महिला अस्पताल के डिलीवरी वार्ड से बाहर निकलकर परिजनों से मदद की गुहार लगाती नजर आ रही थी।
श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय के डीन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. सुनील अग्रवाल ने दोनों डॉक्टरों के निलंबन के आदेश जारी किए हैं। निलंबित डॉक्टरों में प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की ड्यूटी डॉक्टर डॉ. सोनल अग्रवाल और निश्चेतना विभाग की डॉ. निधि पाण्डेय शामिल हैं।
निलंबन आदेश में दोनों डॉक्टरों के खिलाफ प्रथम दृष्टया कार्य के प्रति घोर लापरवाही और गंभीर अनुशासनहीनता का उल्लेख किया गया है। आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान दोनों डॉक्टर संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक, गांधी स्मारक चिकित्सालय के कार्यालय में पदस्थ रहेंगी। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
पहले दो नर्सिंग अधिकारियों पर हुई थी कार्रवाई
इस मामले में अस्पताल प्रबंधन की ओर से पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है। 27 अगस्त की शाम नर्सिंग अधिकारी साधना वर्मा और सीमा मुजाल्दे को निलंबित किया गया था। अब दो डॉक्टरों के निलंबन के बाद मामले में कार्रवाई का दायरा और बढ़ गया है।
अस्पताल में गर्भवती महिला और उसके नवजात बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया था। परिजनों की ओर से ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की भूमिका की जांच कर कार्रवाई की मांग की गई थी।
पहली डिलीवरी के लिए अस्पताल आई थी कल्पना
मृतका की पहचान 25 वर्षीय कल्पना मिश्रा के रूप में हुई है। वह रीवा जिले के बैकुंठपुर क्षेत्र के हटवा गांव की रहने वाली थीं। कल्पना अपनी पहली डिलीवरी के लिए गांधी मेमोरियल अस्पताल में भर्ती हुई थीं।
परिजनों के मुताबिक, अस्पताल में भर्ती होने के बाद महिला का इलाज चल रहा था। इसी दौरान उसकी तबीयत बिगड़ती चली गई। 26 अगस्त की रात करीब 11 बजकर 55 मिनट पर कल्पना की मौत हो गई। इसी दौरान उनके नवजात बच्चे की भी मौत हो गई।
एक साथ मां और नवजात की मौत की खबर से परिवार में मातम पसर गया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाते हुए इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया।
मौत से कुछ घंटे पहले सामने आया VIDEO
इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा उस वीडियो की हो रही है, जो कल्पना की मौत से कुछ घंटे पहले का बताया जा रहा है। वीडियो में कल्पना डिलीवरी वार्ड से बाहर निकलती दिखाई दे रही हैं। वह रो रही हैं और अपने परिजनों से मदद मांगती नजर आ रही हैं।
वीडियो में महिला कथित तौर पर कहती सुनाई दे रही है—“मैं नहीं बचूंगी... बचा लीजिए मां। मुझे मार डालेंगे।”
इस दौरान ड्यूटी पर मौजूद नर्सिंग स्टाफ महिला को रोकने और समझाने का प्रयास करता दिखाई देता है। वीडियो में स्टाफ की ओर से महिला को यह कहते हुए भी सुना जा सकता है—“तू पागल हो गई है क्या?”
कल्पना लगातार रोते हुए अपने इलाज को लेकर सवाल उठा रही थीं। वह वार्ड से बाहर जाने की जिद करती नजर आ रही थीं। महिला यह भी कह रही थीं कि उनका गलत तरीके से इलाज किया जा रहा है और उनकी जान को खतरा है।
बाद में अस्पताल का स्टाफ उन्हें समझाकर वापस वार्ड के अंदर ले गया। इसके कुछ घंटे बाद महिला की मौत हो गई। वीडियो सामने आने के बाद मामले को लेकर लोगों में भी सवाल उठने लगे और अस्पताल की कार्यप्रणाली पर चर्चा शुरू हो गई।
पिता ने डॉक्टरों पर लगाए थे गंभीर आरोप
कल्पना के पिता रामशरण मिश्रा ने अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि उन्होंने कई बार डॉक्टरों से अपनी बेटी की हालत देखने और उसका चेकअप करने का अनुरोध किया था, लेकिन उनकी बात पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।
परिजनों का आरोप था कि समय पर उचित इलाज नहीं मिलने के कारण कल्पना की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। उनका कहना था कि यदि समय रहते डॉक्टरों ने महिला की गंभीर स्थिति को समझकर उचित उपचार किया होता तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी।
महिला और नवजात की मौत के बाद परिवार ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई। परिजनों ने ड्यूटी डॉक्टर और संबंधित स्टाफ पर कार्रवाई की मांग की।
अस्पताल के मुख्य गेट पर किया प्रदर्शन
मौत से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के मुख्य गेट के बाहर बैठकर प्रदर्शन भी किया था। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
परिजनों का कहना था कि वे अपनी बेटी को स्वस्थ हालत में डिलीवरी के लिए अस्पताल लेकर आए थे, लेकिन इलाज के दौरान उसकी और नवजात बच्चे की मौत हो गई। परिवार ने अस्पताल की व्यवस्था और इलाज के तरीके पर सवाल उठाए।
मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों ने घटनाक्रम की जानकारी जुटानी शुरू की। इसके बाद नर्सिंग अधिकारियों के निलंबन की कार्रवाई हुई और अब दो डॉक्टरों को भी निलंबित कर दिया गया है।
अस्पताल अधीक्षक ने लापरवाही से किया था इनकार
हालांकि, घटना के बाद अस्पताल अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने इलाज में लापरवाही के आरोपों से इनकार किया था। उनका कहना था कि महिला का इलाज चिकित्सकीय प्रोटोकॉल के अनुसार किया गया और डॉक्टरों की ओर से किसी तरह की लापरवाही नहीं हुई।
अस्पताल अधीक्षक ने यह भी कहा था कि परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों के संबंध में जानकारी ली जा रही है।
अब दो डॉक्टरों और दो नर्सिंग अधिकारियों के निलंबन के बाद इस मामले में अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था और ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ की भूमिका जांच के दायरे में आ गई है।
कार्रवाई के बाद उठे कई सवाल
दो डॉक्टरों के निलंबन को मामले में महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। हालांकि, निलंबन आदेश में प्रथम दृष्टया लापरवाही और अनुशासनहीनता का उल्लेख किया गया है। मामले की पूरी जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इलाज के दौरान किस स्तर पर चूक हुई और महिला की मौत के लिए कौन-कौन से कारण जिम्मेदार रहे।
इस घटना ने सरकारी अस्पतालों में प्रसूता महिलाओं के इलाज और आपात स्थिति में चिकित्सा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। खास तौर पर यह सवाल उठ रहा है कि यदि महिला मौत से कुछ घंटे पहले खुद अपनी गंभीर स्थिति को लेकर मदद मांग रही थी, तो उस समय उसकी शिकायत और हालत का किस स्तर पर आकलन किया गया।
फिलहाल, अस्पताल प्रशासन की ओर से कार्रवाई का सिलसिला जारी है। दो डॉक्टरों और दो नर्सिंग अधिकारियों के निलंबन के बाद अब सभी की नजर जांच की अगली कार्रवाई पर है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे और कार्रवाई हो सकती है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस