अनोखी चोरी: मां इच्छादेवी के पैर छुए, फिर मुकुट-छत्र चुराया, VIDEO में कैद हुई हैरान करने वाली करतूत
बुरहानपुर जिले से आस्था को झकझोर देने वाली चोरी की हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। शाहपुर थाना क्षेत्र के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल मां इच्छादेवी मंदिर में शनिवार रात तीन चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया। हैरानी की बात यह रही कि चोरी करने से पहले चोरों ने माता रानी के चरण स्पर्श किए और इसके बाद मंदिर में चोरी कर फरार हो गए। पूरी वारदात मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई।
चोरों ने मंदिर में प्रवेश करते समय भी माता के चरण छुए और चोरी करने के बाद बाहर निकलते समय भी मां के चरण स्पर्श किए।
बुरहानपुर। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के प्रसिद्ध इच्छादेवी माता मंदिर में चोरी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस के साथ-साथ मंदिर समिति और श्रद्धालुओं को भी हैरान कर दिया है। शनिवार देर रात मंदिर में चोरी करने पहुंचे तीन बदमाशों ने पहले रॉड की मदद से गेट का ताला तोड़ा और अंदर दाखिल हुए। इसके बाद उन्होंने मंदिर से माता का मुकुट और छत्र चोरी कर लिया। लेकिन चोरी की इस पूरी वारदात के दौरान बदमाशों का व्यवहार बेहद चौंकाने वाला रहा।
मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद फुटेज के मुताबिक, बदमाश चोरी करने के लिए मंदिर में दाखिल होने के बाद मां इच्छादेवी की प्रतिमा के सामने पहुंचे। इनमें से एक बदमाश ने माता के चरण छुए। इसके बाद उसने मंदिर से मुकुट और छत्र निकाला और साथियों के साथ बाहर निकल गया। खास बात यह है कि मंदिर से चोरी का सामान लेकर निकलते समय भी बदमाशों ने माता के सामने झुककर प्रणाम किया।
चोरी की यह घटना अब इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तीनों आरोपितों की पहचान करने में जुटी है।
रात करीब एक बजे मंदिर में घुसे तीन बदमाश
पुलिस के अनुसार शनिवार रात करीब एक बजे तीन अज्ञात बदमाश इच्छादेवी माता मंदिर पहुंचे। बदमाशों ने मंदिर के प्रवेश द्वार का ताला रॉड की मदद से तोड़ा। इसके बाद तीनों मंदिर परिसर के अंदर दाखिल हो गए।
बदमाशों ने वारदात को अंजाम देने से पहले आसपास की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद मंदिर के अंदर पहुंचकर उन्होंने माता की प्रतिमा के पास रखे सामान को देखा। सीसीटीवी फुटेज में तीनों की गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं।
फुटेज में एक बदमाश माता के चरणों को छूता हुआ दिखाई दे रहा है। इसके बाद बदमाशों ने मंदिर से मुकुट और छत्र निकाला। चोरी का सामान लेकर बाहर निकलते समय भी वे कुछ क्षण के लिए माता की प्रतिमा के सामने रुके और झुककर प्रणाम किया।
काले कपड़ों में पहुंचे थे बदमाश
सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहे बदमाशों ने काले रंग के कपड़े पहन रखे थे। पुलिस के मुताबिक, बदमाशों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए चेहरे को भी ढक रखा था। इतना ही नहीं, उन्होंने हाथों में ग्लव्स पहन रखे थे।
पुलिस को आशंका है कि बदमाशों ने ग्लव्स इसलिए पहने थे, ताकि वारदात के दौरान उनके फिंगरप्रिंट मंदिर के दरवाजे या दूसरी जगहों पर न आएं। इससे साफ है कि बदमाशों ने चोरी की वारदात को लेकर कुछ तैयारी की थी।
पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज में बदमाशों की चाल-ढाल, कपड़ों और गतिविधियों को बारीकी से देख रही है। आसपास के रास्तों और संभावित भागने के मार्गों की भी जांच की जा रही है।
सुबह पुजारी मंदिर पहुंचे तो खुला चोरी का राज
वारदात का पता सुबह उस समय चला, जब पुजारी रोजाना की तरह मंदिर खोलने पहुंचे। मंदिर के गेट का ताला टूटा हुआ था। अंदर जाकर देखने पर मंदिर से मुकुट और छत्र गायब मिले।
इसके बाद पुजारी ने मंदिर समिति के सदस्यों को घटना की जानकारी दी। चोरी की खबर मिलते ही मंदिर समिति में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पुलिस ने मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली। फुटेज में तीन संदिग्ध बदमाश मंदिर में प्रवेश करते और चोरी के बाद बाहर निकलते दिखाई दिए। इसी फुटेज को अब पुलिस की जांच में अहम सुराग माना जा रहा है।
दानपेटी की रकम पहले ही निकाल ली जाती है
शाहपुर थाना प्रभारी अखिलेश मिश्रा के मुताबिक, मंदिर समिति रोजाना दानपेटी में जमा होने वाली रकम को पहले ही निकाल लेती है। इसलिए वारदात के समय दानपेटी में बड़ी रकम मौजूद नहीं थी।
मंदिर में रखी अन्य बहुमूल्य सामग्री को भी सुरक्षित स्थान पर रखा जाता है। इस वजह से बदमाशों को मंदिर से कोई बड़ी कीमत की सामग्री हाथ नहीं लगी।
पुलिस के अनुसार चोरी हुआ मुकुट और छत्र भी बहुत अधिक मूल्यवान नहीं हैं। दोनों पर केवल पॉलिश की गई थी। हालांकि धार्मिक दृष्टि से इनका महत्व मंदिर और श्रद्धालुओं के लिए काफी अधिक है।
सोने का मंगलसूत्र और नथ नहीं ले जा सके
बदमाश मंदिर में चोरी करने के इरादे से आए थे, लेकिन वे देवी की प्रतिमा पर मौजूद सोने के आभूषण नहीं ले जा सके। माता के गले में सोने का मंगलसूत्र और नाक में सोने की लोंग मौजूद थी।
सीसीटीवी फुटेज के अनुसार बदमाशों ने मुकुट और छत्र निकाल लिया, लेकिन सोने के मंगलसूत्र और नथ को नहीं ले जा सके। इससे यह भी माना जा रहा है कि बदमाशों के पास मंदिर के अंदर वारदात को पूरा करने के लिए सीमित समय था।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बदमाशों को मंदिर की व्यवस्था के बारे में पहले से जानकारी थी या उन्होंने मौके पर ही चोरी करने का फैसला किया।
पुलिस ने शुरू की बदमाशों की तलाश
घटना के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पुलिस आसपास के इलाकों में लगे दूसरे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाल रही है, ताकि मंदिर तक आने और वारदात के बाद वहां से भागने वाले रास्ते का पता लगाया जा सके। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि तीनों बदमाश किसी वाहन से आए थे या पैदल मंदिर तक पहुंचे थे।
थाना प्रभारी अखिलेश मिश्रा ने बताया कि आरोपितों की तलाश जारी है और पुलिस जल्द ही बदमाशों को गिरफ्तार कर चोरी की वारदात का खुलासा करने का प्रयास कर रही है।
चोरी से ज्यादा चर्चा में बदमाशों का व्यवहार
इच्छादेवी मंदिर में हुई चोरी की इस घटना में सबसे ज्यादा चर्चा बदमाशों के व्यवहार की हो रही है। चोरी करने आए बदमाशों ने पहले माता के चरण छुए और चोरी का सामान लेकर निकलते समय भी देवी के सामने झुककर प्रणाम किया।
एक तरफ बदमाशों ने मंदिर का ताला तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया, वहीं दूसरी तरफ देवी की प्रतिमा के सामने उनके इस व्यवहार ने पूरे मामले को अलग ही रूप दे दिया है।
अब पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती सीसीटीवी फुटेज में नजर आ रहे तीनों बदमाशों की पहचान कर उन्हें पकड़ना है। पुलिस को उम्मीद है कि मंदिर के आसपास और शहर के अन्य स्थानों पर लगे कैमरों की मदद से आरोपितों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकता है।
फिलहाल इच्छादेवी मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मंदिर समिति और पुलिस की जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि बदमाशों ने वारदात की योजना कैसे बनाई और मंदिर को ही चोरी के लिए क्यों चुना।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस