उरई नगर पालिका जांच पर घमासान: ईओ और एसडीएम न्यायिक आमने-सामने, पत्राचार में एक-दूसरे पर लगाए छवि धूमिल करने के आरोप

उरई नगर पालिका में जांच को लेकर विवाद गहराया, ईओ राम अचल कुरील और एसडीएम न्यायिक रिंकू सिंह राही के बीच पत्राचार तेज, दोनों पक्षों ने लगाए गंभीर आरोप

उरई नगर पालिका जांच पर घमासान: ईओ और एसडीएम न्यायिक आमने-सामने, पत्राचार में एक-दूसरे पर लगाए छवि धूमिल करने के आरोप

उरई नगर पालिका ईओ और एसडीएम न्यायिक (आईएएस) के बीच तकरार,पत्राचार द्वंद जारी एक दूसरे की छवि खराब करने के आरोप

उरई (जालौन)। नगर पालिका परिषद उरई में चल रही जांच को लेकर प्रशासनिक गलियारों में खींचतान तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर एक पत्र प्रसारित होने के बाद नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) राम अचल कुरील ने उपजिलाधिकारी (न्यायिक) रिंकू सिंह राही को एक पत्र भेजकर कड़ी आपत्ति जताई है। ईओ ने एसडीएम पर पूर्वाग्रह से ग्रसित होने और पालिका की छवि धूमिल करने का आरोप लगाया है।

अधिशासी अधिकारी राम अचल कुरील ने बताया कि सोशल मीडिया पर एसडीएम (न्यायिक) का एक पत्र (संख्या-c-147/रीडर) प्रसारित हो रहा है, जो जिलाधिकारी जालौन को संबोधित है। हालांकि, यह पत्र अभी तक नगर पालिका कार्यालय को आधिकारिक रूप से प्राप्त नहीं हुआ है। इस वायरल पत्र में दावा किया जा रहा है कि नगर पालिका द्वारा जांच में सहयोग न करने और दस्तावेज न देने के कारण जांच प्रभावित हो रही है, जिसके चलते 29 जुलाई 2026 को पालिका में 'निवारक अभिलेख संकलन एवं जब्ती' की कार्रवाई प्रस्तावित है।

एसडीएम की इस कथित कार्रवाई की खबरों पर जवाब देते हुए ईओ ने पत्र में लिखा कि "जिलाधिकारी के आदेश (दिनांक 18.06.2026) के तहत इस शिकायत की जांच के लिए अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जा चुकी है, जिसमें एसडीएम जालौन सिर्फ एक सदस्य के रूप में नामित थे।

मामले से जुड़े आवश्यक दस्तावेज पहले ही जांच अधिकारी (अधिशासी अभियंता, लोनिवि) और एडीएम (नमामि गंगे) को उपलब्ध कराए जा चुके हैं और उनके द्वारा जांच भी की जा चुकी है।"

शिकायतकर्ता ने अपनी मूल शिकायत में जिन दस्तावेजों की मांग ही नहीं की थी, एसडीएम (न्यायिक) द्वारा पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर दिन-प्रतिदिन नए तथ्यों के आधार पर वही सूचनाएं जबरन मांगी जा रही हैं, जो पूरी तरह से औचित्यहीन हैं।अधिशाषी अधिकारी राम अचल कुरील ने पद की मर्यादा और शासनादेशों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि उरई नगर पालिका परिषद श्रेणी-2 की पालिका है। नियमों के अनुसार, मुख्यालय पर स्थित ऐसी नगर पालिकाओं की जांच अपर जिलाधिकारी (एडीएम) स्तर के अधिकारी द्वारा ही की जा सकती है, जबकि वर्तमान में पत्र जारी करने वाले अधिकारी उपजिलाधिकारी (न्यायिक) के पद पर कार्यरत हैं।

अधिशासी अधिकारी ने एसडीएम (न्यायिक) से अनुरोध किया है कि वे इस पूरे विषय पर जिलाधिकारी से विचार-विमर्श और परामर्श करें, ताकि वास्तविक स्थिति साफ हो सके। ईओ ने आश्वस्त किया है कि स्थिति स्पष्ट होने पर नियत तिथि को जांच समिति को पूरा सहयोग करते हुए वांछित दस्तावेज उपलब्ध करा दिए जाएंगे।

इस पत्र की प्रतिलिपि जिलाधिकारी जालौन और अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)/प्रभारी अधिकारी स्थानीय निकाय को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी गई है। फिलहाल इस पत्र के सामने आने के बाद जिले के प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज है।