जो अपने नेता को जूते लगाए, वही कांग्रेस का परफेक्ट नेता', कैलाश विजयवर्गीय का कांग्रेस पर तीखा हमला; जीतू पटवारी के आवास पर कथित विवाद को लेकर गरमाई सियासत

मध्य प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि "जो अपने नेता को जूते लगाए, वही कांग्रेस का परफेक्ट नेता है।" उनका यह बयान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के आवास पर कथित विवाद के बाद सामने आया।

जो अपने नेता को जूते लगाए, वही कांग्रेस का परफेक्ट नेता', कैलाश विजयवर्गीय का कांग्रेस पर तीखा हमला; जीतू पटवारी के आवास पर कथित विवाद को लेकर गरमाई सियासत

कैलाश विजयवर्गीय का कांग्रेस पर तीखा हमला

जीतू पटवारी के आवास पर कथित विवाद से गरमाई राजनीति

'जूते लगाने वाला ही कांग्रेस का परफेक्ट नेता'—विजयवर्गीय

10 सेकंड के बयान ने मचा दिया सियासी बवाल

इंदौर। मध्य प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी का दौर एक बार फिर तेज हो गया है। प्रदेश सरकार के नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस और उसके प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। इंदौर में मीडिया से बातचीत के दौरान विजयवर्गीय ने कांग्रेस की आंतरिक स्थिति पर कटाक्ष करते हुए कहा, "जो अपने नेता को जूते लगाए, वही कांग्रेस का परफेक्ट नेता है। यही कांग्रेस का असली चरित्र है।" उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है।

यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के इंदौर स्थित आवास पर पार्टी नेताओं की बैठक के दौरान कथित विवाद की चर्चाएं राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। हालांकि बैठक में मारपीट, धक्का-मुक्की या कुर्ता फाड़ने जैसी घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और कांग्रेस की ओर से भी इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसके बावजूद इस कथित घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार जारी है।

मीडिया द्वारा जब कैलाश विजयवर्गीय से कांग्रेस के अंदरूनी विवाद को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने बेहद संक्षिप्त लेकिन तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी में अपने ही नेता सुरक्षित नहीं हैं और जहां नेताओं के बीच इस तरह की स्थिति बनती है, वहां संगठन की संस्कृति पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उनका कहना था कि कांग्रेस में अनुशासन और नेतृत्व के प्रति सम्मान समाप्त हो चुका है।

कैलाश विजयवर्गीय का यह बयान कुछ ही सेकंड का था, लेकिन उसके राजनीतिक मायने काफी व्यापक माने जा रहे हैं। बयान सामने आने के बाद इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। भाजपा समर्थकों ने इसे कांग्रेस पर करारा हमला बताया, जबकि कांग्रेस समर्थकों ने इसे राजनीतिक बयानबाजी और ध्यान भटकाने का प्रयास करार दिया।

बीते दिनों इंदौर में कांग्रेस नेताओं की एक बैठक को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आई थीं। सोशल मीडिया पर ऐसे दावे किए गए कि बैठक के दौरान नेताओं के बीच तीखी बहस हुई, जो कथित रूप से धक्का-मुक्की और कुर्ता फाड़ने तक पहुंच गई। कुछ पोस्टों में जूता चलने जैसी बातें भी कही गईं। हालांकि इन दावों की किसी स्वतंत्र एजेंसी या आधिकारिक स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है। यही कारण है कि पूरे घटनाक्रम को लेकर अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं मानी जा रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मध्य प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बीच पहले से ही तीखी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा चल रही है। ऐसे में किसी भी कथित विवाद या बयान को दोनों दल अपने-अपने राजनीतिक हितों के अनुसार प्रस्तुत करने की कोशिश करते हैं। कैलाश विजयवर्गीय के बयान को भी इसी संदर्भ में देखा जा रहा है।

भाजपा लगातार कांग्रेस की कथित गुटबाजी और संगठनात्मक मतभेदों को मुद्दा बनाती रही है। पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस का नेतृत्व अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं को एकजुट रखने में असफल रहा है। विजयवर्गीय के ताजा बयान ने भाजपा को कांग्रेस की आंतरिक स्थिति पर सवाल उठाने का एक और अवसर दे दिया है।

दूसरी ओर कांग्रेस की ओर से इस बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि पार्टी नेतृत्व इस मामले पर सफाई देता है तो विवाद और अधिक बढ़ सकता है। वहीं यदि कांग्रेस इसे महत्व नहीं देती तो भाजपा इस मुद्दे को आगे भी राजनीतिक रूप से उठाती रह सकती है।

कैलाश विजयवर्गीय अपनी बेबाक शैली और तीखे राजनीतिक बयानों के लिए जाने जाते हैं। इससे पहले भी वे कई बार विपक्ष पर आक्रामक टिप्पणियां कर चुके हैं