बीच में समंदर आ गया, नहीं तो अरब से चुनाव लड़ते: सीएम मोहन यादव का राहुल गांधी पर तंज
आगर-मालवा में मंच से सियासी हमला तेज हुआ तो निशाने पर सीधे राहुल गांधी और कांग्रेस आ गए। सीएम डॉ. मोहन यादव ने ‘झूठ की गूंज’ से लेकर ‘पप्पू’ तक के तंज कसते हुए कांग्रेस पर देशहित में काम नहीं करने का आरोप लगाया। साथ ही ट्रंप के संदर्भ से लेकर नक्सलवाद, डाकुओं और सिंचाई के मुद्दे तक उन्होंने कांग्रेस को घेरा।
सीएम ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर देशहित में काम नहीं करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, कांग्रेस जनता के बीच पांच साल में केवल एक बार जाती है, नई बातें करती है।
आगर में सीएम ने नक्सलवाद, डाकुओं और सिंचाई के मुद्दे पर उपलब्धियां गिनाईं
राहुल गांधी के इंदौर दौरे से पहले मुख्यमंत्री का हमला, बोले- ‘झूठ की यात्रा’ लेकर मध्य प्रदेश आ रहे हैं; सेना और न्यायालय पर सवाल उठाने को लेकर भी साधा निशाना
आगर-मालवा। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आगामी मध्य प्रदेश दौरे को लेकर तीखा हमला बोला है। रविवार 13 सितंबर को आगर-मालवा पहुंचे मुख्यमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी और गांधी परिवार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी के 19 सितंबर को इंदौर में प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर तंज कसते हुए कहा कि एक नेता मध्य प्रदेश में ‘झूठ की यात्रा’ लेकर आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राहुल गांधी के चुनावी क्षेत्रों को लेकर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि गांधी परिवार के नेताओं ने दिल्ली से चुनाव लड़ने के बजाय अलग-अलग क्षेत्रों को अपना चुनावी मैदान बनाया। राहुल गांधी के अमेठी और रायबरेली से लेकर वायनाड जाने का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर रास्ते में समंदर नहीं आता तो राहुल गांधी अरब जाकर चुनाव लड़ते।
दिल्ली से चुनाव क्यों नहीं लड़ते गांधी परिवार के नेता?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने संबोधन में गांधी परिवार की चुनावी राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और बाद के समय में भी इस परिवार के नेताओं ने दिल्ली से चुनाव लड़ने से दूरी बनाए रखी।
उन्होंने कहा कि दिल्ली के लोग इन नेताओं को अच्छी तरह जानते हैं, इसलिए वे दूसरे क्षेत्रों से चुनाव लड़ने के लिए जाते रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी पहले अमेठी और रायबरेली की राजनीति से जुड़े और बाद में वायनाड चले गए।
इसी संदर्भ में उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि रास्ते में अगर समंदर नहीं आता तो राहुल गांधी अरब जाकर भी चुनाव लड़ने पहुंच जाते।
राहुल गांधी को ‘पप्पू’ कहकर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में राहुल गांधी पर व्यक्तिगत तंज भी कसा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता न्यायालय और सेना पर सवाल उठाते हैं। राहुल गांधी के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘भाई है कि मानता ही नहीं है।’ इसके बाद उन्होंने राहुल गांधी को ‘पप्पू’ कहते हुए कहा कि पप्पू तो पप्पू जैसा ही काम करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी जब भी मध्य प्रदेश आएं, उन्हें यहां आकर माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर कई मुद्दों को लेकर सवाल उठाए और कहा कि कांग्रेस नेताओं को अपने पुराने कार्यकाल और फैसलों का जवाब जनता के सामने देना चाहिए।
19 सितंबर को इंदौर आएंगे राहुल गांधी
राहुल गांधी के मध्य प्रदेश दौरे को लेकर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। राहुल गांधी 19 सितंबर को इंदौर में आयोजित होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल होने वाले हैं। उनके दौरे से पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस नेता पर निशाना साधते हुए कहा कि वे मध्य प्रदेश में ‘झूठ की यात्रा’ लेकर आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री के बयान के बाद राहुल गांधी के दौरे को लेकर प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के संकेत हैं। भाजपा और कांग्रेस के बीच पहले से ही कई मुद्दों पर आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं और राहुल गांधी के प्रदेश दौरे के दौरान इन मुद्दों के और गर्माने की संभावना है।
सेना और न्यायालय के मुद्दे पर भी घेरा
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राहुल गांधी पर सेना और न्यायालय को लेकर सवाल उठाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं और देश की सुरक्षा से जुड़े विषयों पर कांग्रेस नेताओं को जिम्मेदारी के साथ बयान देना चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस के शासनकाल में नक्सलवाद के मुद्दे को भी उठाया। मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि कांग्रेस के लंबे शासन के दौरान नक्सलवाद पूरी तरह खत्म क्यों नहीं हुआ।
मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों का जिक्र करते हुए भाजपा सरकार के प्रयासों को गिनाया। उन्होंने कहा कि बालाघाट को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में उनकी सरकार ने प्रभावी काम किया है।
कांग्रेस शासन में हुई हत्या का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में मध्य प्रदेश की पुरानी राजनीतिक घटनाओं का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान कांग्रेस के मुख्यमंत्री के एक मंत्री की दिनदहाड़े मध्य प्रदेश की धरती पर हत्या हुई थी।
उन्होंने सवाल उठाया कि इस मामले को लेकर आज तक माफी क्यों नहीं मांगी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को पुराने मामलों पर भी जनता को जवाब देना चाहिए।
लाड़ली बहनों को मिली 40वीं किस्त
आगर-मालवा में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने केवल राजनीतिक मुद्दों पर ही बात नहीं की, बल्कि राज्य सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों की सौगात भी दी। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने लाड़ली बहना योजना की 40वीं किस्त जारी की।
मुख्यमंत्री ने एक क्लिक के माध्यम से प्रदेश की करीब 1.25 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में 1,835 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की। सरकार की ओर से इस योजना को महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़कर लगातार प्रमुखता दी जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास से जुड़े कई कार्यों का भी शुभारंभ किया।
225.95 करोड़ के 33 कार्यों का भूमि-पूजन
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आगर-मालवा में 225.95 करोड़ रुपये की लागत वाले 33 विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। इन परियोजनाओं के जरिए क्षेत्र में सड़क, बुनियादी ढांचे और अन्य विकास कार्यों को गति देने का संदेश दिया गया।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने 28.14 करोड़ रुपये की लागत वाले 17 कार्यों का लोकार्पण भी किया। इस तरह कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में विकास परियोजनाओं की शुरुआत और लोकार्पण किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास और जनकल्याण के एजेंडे पर लगातार काम कर रही है। उन्होंने सरकार की योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने की बात कही।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच विकास योजनाओं पर जोर
आगर-मालवा के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का भाषण पूरी तरह राजनीतिक और सरकारी योजनाओं के बीच संतुलित नजर आया। एक तरफ उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखे हमले किए, वहीं दूसरी तरफ लाड़ली बहना योजना की किस्त जारी करने के साथ विकास कार्यों की सौगात दी।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं को जनता के बीच जाकर अपने काम का हिसाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल चुनाव के समय जनता के बीच जाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जनप्रतिनिधियों को लगातार लोगों के संपर्क में रहकर क्षेत्र की समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
राहुल गांधी के 19 सितंबर के इंदौर दौरे से पहले मुख्यमंत्री के इस बयान को मध्य प्रदेश की सियासत में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा जहां राहुल गांधी के बयानों और कांग्रेस की नीतियों पर सवाल उठा रही है, वहीं कांग्रेस भी सरकार की नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर भाजपा को घेरती रही है।
अब राहुल गांधी के इंदौर दौरे के दौरान उनके भाषण और मुख्यमंत्री मोहन यादव के आरोपों पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें रहेंगी। फिलहाल मुख्यमंत्री के ‘समंदर नहीं आता तो अरब जाकर चुनाव लड़ते’ वाले बयान ने प्रदेश की राजनीतिक बयानबाजी को और तीखा कर दिया है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस