सांसद जनार्दन मिश्रा का विधायक अभय मिश्रा पर पलटवार, बोले- ‘यौन विकृति से पीड़ित हैं’, स्टेपनी चोरी और पॉकेटमारी से कारोबार शुरू करने का लगाया आरोप
रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा ने संजय गांधी अस्पताल के शवगृह को लेकर कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा के विवादित बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने विधायक की मानसिकता पर सवाल उठाते हुए उन्हें यौन विकृतियों से पीड़ित बताया। सांसद ने डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल के पिता पर टिप्पणी को लेकर भी अभय मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए
रीवा के संजय गांधी अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के दौरान सुंदर महिलाओं के शवों के साथ दुष्कर्म किए जाने संबंधी कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा के बयान को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है।
रीवा के संजय गांधी अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के दौरान सुंदर महिलाओं के शवों से दुष्कर्म के कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा के कथित बयान ने मध्य प्रदेश की सियासत में नया विवाद खड़ा कर दिया है। रविवार को रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा ने विधायक पर तीखा हमला बोलते हुए उनके बयान को बेहद अशोभनीय बताया और व्यक्तिगत आरोप भी लगाए। सांसद ने दावा किया कि अभय मिश्रा यौन विकृति से पीड़ित हैं, जबकि विधायक की ओर से लगाए गए अस्पताल संबंधी आरोपों ने भी प्रशासन और राजनीतिक हलकों में सवाल खड़े किए हैं।
‘ऐसी बात सोचना भी संभव नहीं’
रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा ने विधायक अभय मिश्रा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सामान्य व्यक्ति इस तरह की बात सोच भी नहीं सकता। उन्होंने कहा कि यह विषय इतना गंभीर और संवेदनशील है कि इस पर सवाल पूछते समय भी मर्यादा का पालन करना पड़ता है।
सांसद ने कहा, “मैं दोबारा दोहरा रहा हूं कि अभय यौन विकृतियों से पीड़ित हैं।” उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने पूरे जीवन में ऐसी बात कभी नहीं सोची। पत्रकारों द्वारा सवाल पूछे जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पत्रकार भी इस मुद्दे पर प्रश्न पूछते समय भाषा और मर्यादा का ध्यान रख रहे हैं।
जनार्दन मिश्रा ने आरोप लगाया कि इस तरह की टिप्पणी वही व्यक्ति कर सकता है, जिसकी मानसिकता इस प्रकार की हो। हालांकि, ये सांसद के राजनीतिक आरोप हैं और इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अस्पताल को लेकर विधायक के बयान से शुरू हुआ विवाद
दरअसल, विवाद की शुरुआत कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा के रीवा के संजय गांधी अस्पताल को लेकर दिए गए बयान से हुई। जयस्तंभ चौराहे पर कांग्रेस के धरना-प्रदर्शन के दौरान विधायक ने अस्पताल की पोस्टमॉर्टम व्यवस्था पर बेहद गंभीर आरोप लगाए।
विधायक ने दावा किया कि यदि किसी सुंदर महिला का शव पोस्टमॉर्टम के लिए संजय गांधी अस्पताल लाया जाता है तो उसके साथ दुष्कर्म तक किया जाता है। इसके साथ ही उन्होंने पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया के नाम पर मृतकों के परिजनों से पैसे लिए जाने का भी आरोप लगाया।
विधायक के इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया। भाजपा नेताओं ने इसे आपत्तिजनक बताते हुए कांग्रेस विधायक पर निशाना साधा, जबकि कांग्रेस की ओर से अस्पताल की व्यवस्थाओं और कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे को उठाया गया।
‘भैयालाल शुक्ल का कारोबार ईमानदारी का था’
सांसद जनार्दन मिश्रा ने विधायक अभय मिश्रा की ओर से मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के पिता स्वर्गीय भैयालाल शुक्ल के व्यापार को लेकर की गई टिप्पणी पर भी पलटवार किया।
उन्होंने कहा कि स्वर्गीय भैयालाल शुक्ल यदि कोई व्यवसाय करते थे तो वह ईमानदारी का व्यवसाय था। सांसद ने कहा कि किसी दिवंगत व्यक्ति के व्यवसाय और चरित्र को लेकर टिप्पणी करना उचित नहीं है।
इसके बाद जनार्दन मिश्रा ने अभय मिश्रा पर गंभीर व्यक्तिगत आरोप लगाते हुए दावा किया कि उन्होंने अपना कारोबार स्टेपनी चोरी और स्टेट बैंक में पॉकेटमारी से शुरू किया था। सांसद ने यह भी कहा कि बाद में वह इसी सफर में आगे बढ़ते हुए आज राजनीति में इस मुकाम तक पहुंचे हैं।
‘कोतवाली में अपराधियों वाली फोटो लगी रहती थी’
सांसद ने अपने आरोपों को आगे बढ़ाते हुए दावा किया कि रीवा कोतवाली में जिस तरह अपराधियों की तस्वीरें स्लेट लेकर लगाई जाती थीं, उसी तरह लंबे समय तक अभय मिश्रा की तस्वीर भी वहां लगी रहती थी।
यह दावा भी सांसद की ओर से लगाया गया राजनीतिक आरोप है। उपलब्ध जानकारी के आधार पर इसकी स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। दोनों नेताओं के बीच जारी बयानबाजी अब व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंचती दिखाई दे रही है।
अस्पताल प्रशासन पर लगाए आरोपों ने भी उठाए सवाल
अभय मिश्रा द्वारा संजय गांधी अस्पताल के पोस्टमॉर्टम से जुड़े लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं। यदि किसी सरकारी अस्पताल में पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया के दौरान इस तरह की अनियमितता या अपराध के आरोप लगाए जाते हैं तो उनकी जांच तथ्यात्मक और कानूनी तरीके से होना जरूरी है।
पोस्टमॉर्टम किसी भी मृत्यु की परिस्थितियों को स्पष्ट करने वाली महत्वपूर्ण चिकित्सकीय प्रक्रिया होती है। ऐसे में इससे जुड़े किसी भी आरोप को केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रखने के बजाय संबंधित विभाग और प्रशासन द्वारा तथ्यों के आधार पर जांच किए जाने की मांग उठ सकती है।
वहीं, विधायक के बयान को लेकर सांसद की प्रतिक्रिया ने राजनीतिक विवाद को और तीखा कर दिया है। भाजपा और कांग्रेस के बीच पहले से चल रही राजनीतिक खींचतान के बीच रीवा का यह मामला अब व्यक्तिगत आरोपों तक पहुंच गया है।
रीवा की राजनीति में बयानबाजी ने पकड़ा तूल
रीवा में भाजपा और कांग्रेस के नेताओं के बीच राजनीतिक संघर्ष लंबे समय से चर्चा में रहा है। ऐसे में संजय गांधी अस्पताल जैसे संवेदनशील मुद्दे पर कांग्रेस विधायक के बयान के बाद भाजपा सांसद का पलटवार सियासी तापमान बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
एक ओर विधायक अभय मिश्रा अस्पताल की व्यवस्था और पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं सांसद जनार्दन मिश्रा विधायक की भाषा और उनके आरोपों को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं।
रविवार को सांसद के बयान के बाद अब सबकी नजर इस बात पर है कि कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा इन व्यक्तिगत आरोपों पर क्या जवाब देते हैं और अस्पताल को लेकर लगाए गए अपने आरोपों के समर्थन में क्या तथ्य सामने रखते हैं।
फिलहाल, रीवा का यह विवाद अस्पताल की व्यवस्थाओं से निकलकर भाजपा-कांग्रेस के बीच तीखे राजनीतिक टकराव में बदल चुका है, जहां दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। अस्पताल से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और व्यक्तिगत आरोपों के तथ्य सामने आना इस पूरे विवाद की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट करने के लिए अहम होगा।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस