इंदौर में जर्जर मकान तोड़ते समय दीवार गिरी, 4 महिलाओं की मौत, 5 घायल; मकान मालिक गिरफ्तार,सांवेर के टशन चौराहे पर हादसे से मचा हड़कंप
इंदौर के समीप सांवेर गांव में बुधवार दोपहर एक जर्जर मकान की दीवार गिरने से बड़ा हादसा हो गया. मकान हटाने के दौरान हुए इस हादसे में 4 मजदूर महिलाओं की मौके पर मौत हो गई और 5 लोग घायल हो गए. पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम ने तीन घंटे राहत कार्य चलाया.
इंदौर के सांवेर विधानसभा क्षेत्र में जर्जर मकान ढहने से 4 महिलाओं की मौत हो गई है, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई
इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर जिले के सांवेर क्षेत्र में बुधवार को जर्जर मकान तोड़ने के दौरान बड़ा हादसा हो गया। टशन चौराहे पर जर्जर मकान को तोड़ने का काम चल रहा था, इसी दौरान पास स्थित दूसरे मकान की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। दीवार के मलबे की चपेट में आने से चार महिलाओं की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग घायल हुए हैं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची तथा स्थानीय लोगों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया गया।
जर्जर मकान तोड़ते समय अचानक गिरी दीवार
जानकारी के मुताबिक सांवेर के टशन चौराहे पर स्थित एक मकान लंबे समय से जर्जर हालत में था। बताया गया है कि करीब एक महीने पहले इस मकान का छज्जा भी गिर चुका था। इसके बाद स्थानीय लोगों की सूचना पर नगर परिषद की ओर से मकान मालिक को मकान खाली कराने का नोटिस दिया गया था।
बुधवार को इसी जर्जर मकान को तोड़ने का काम किया जा रहा था। इसी दौरान समीप स्थित दूसरे मकान की दीवार अचानक गिर गई। दीवार के गिरते ही वहां काम कर रहे और आसपास मौजूद लोग इसकी चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों के अनुसार करीब नौ लोग मलबे में दब गए थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा इतना अचानक हुआ कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। दीवार गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़े और मलबे में दबे लोगों को निकालने का प्रयास शुरू किया।
स्थानीय लोगों ने शुरू किया रेस्क्यू
हादसे के बाद सांवेर में हड़कंप की स्थिति बन गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने के लिए स्थानीय लोग जुट गए। कुछ ही देर में पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
राहत एवं बचाव दल ने मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला। हादसे में चार महिलाओं की मौत हो गई। वहीं पांच घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें से चार घायलों को आगे के उपचार के लिए रेफर किया गया है, जबकि एक घायल महिला का उपचार सांवेर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है।
हादसे में चार महिलाओं की मौत
पुलिस के अनुसार हादसे में जान गंवाने वाली महिलाओं की पहचान इस प्रकार हुई है—
रीना पति लखन, उम्र 30 वर्ष, निवासी संत रविदास मोहल्ला, वार्ड नंबर 15, सांवेर।
सीमा बाई पति भेरूलाल, उम्र 33 वर्ष, निवासी सदर।
चंदा बाई पति राहुल सुनवाया, उम्र 30 वर्ष, निवासी सदर।
सुशीला बाई पति रमेश चंद्र, उम्र 50 वर्ष, निवासी कायस्थ खेड़ी कांकड़।
चारों महिलाओं की मौत से उनके परिवारों में मातम पसरा हुआ है। हादसे की सूचना के बाद परिजन घटनास्थल और अस्पताल पहुंचे। अचानक हुए इस हादसे ने स्थानीय लोगों को भी झकझोर दिया।
चार घायलों को किया गया रेफर
हादसे में घायल हुए लोगों में मंजू बाई पति सुनील सोलंकी, उम्र 30 वर्ष, निवासी संत रविदास मोहल्ला, वार्ड नंबर 15 सांवेर; सुंदर बाई पति मायाराम सुनवानिया, उम्र 45 वर्ष, निवासी सदर; सुनील पिता प्रताप, उम्र 25 वर्ष, निवासी कुक्षी; और दिलीप पिता अमर सिंह, उम्र 26 वर्ष, निवासी कुक्षी शामिल हैं।
इन सभी को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है।
इसके अलावा संतोषी बाई पति मनोज, उम्र 30 वर्ष, निवासी संत रविदास मोहल्ला, वार्ड नंबर 15 सांवेर भी हादसे में घायल हुई हैं। उन्हें सांवेर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।
दूसरी दीवार भी बताई जा रही थी जर्जर
स्थानीय लोगों के मुताबिक जिस मकान की दीवार गिरने से हादसा हुआ, वह मकान भी जर्जर हालत में था। बताया जा रहा है कि आसपास के मकानों की स्थिति को लेकर पहले भी लोगों की ओर से चिंता जताई जाती रही थी।
घटना के बाद प्रशासन की टीम ने मौके का जायजा लिया। हादसे की परिस्थितियों और जर्जर मकानों की स्थिति को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने मामले में मकान मालिक को गिरफ्तार किया है। हादसे की जिम्मेदारी और लापरवाही से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।
एक मकान तोड़ने के दौरान दूसरे मकान की दीवार बनी हादसे की वजह
इस घटना ने जर्जर भवनों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस मकान को तोड़ा जा रहा था, उसके संबंध में पहले ही नगर परिषद की ओर से मकान मालिक को नोटिस दिए जाने की बात सामने आई है। इसके बावजूद मकान को तोड़ने की प्रक्रिया के दौरान आसपास के ढांचे की सुरक्षा का सवाल महत्वपूर्ण हो गया है।
दीवार गिरने के कारण मौके पर मौजूद लोगों के मलबे में दबने से चार लोगों की जान चली गई। अब पुलिस और प्रशासन द्वारा यह पता लगाया जा रहा है कि मकान तोड़ने का काम किस तरीके से किया जा रहा था और हादसे से पहले सुरक्षा के लिए कौन-कौन से इंतजाम किए गए थे।
हादसे के बाद सुरक्षा जांच की जरूरत
सांवेर की इस घटना के बाद जर्जर भवनों की पहचान और उनकी स्थिति की जांच का मुद्दा भी सामने आया है। खासकर आबादी वाले इलाकों में ऐसे भवनों के आसपास लोगों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में जर्जर भवनों को खाली कराने, उन्हें सुरक्षित तरीके से गिराने और आसपास के मकानों की स्थिति का आकलन करने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण हो जाती है।
फिलहाल हादसे में चार महिलाओं की मौत और पांच लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। पुलिस ने मकान मालिक को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है। प्रशासन की ओर से घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे के कारणों और जिम्मेदारी से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।
सांवेर के टशन चौराहे पर हुए इस हादसे ने एक बार फिर जर्जर मकानों की सुरक्षा और उन्हें गिराने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे के लिए किन परिस्थितियों और किस स्तर की लापरवाही की भूमिका रही
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस