जोशीमठ में आसमान से काल बनकर गिरा हेलिकॉप्टर, 6 की मौत: बद्रीनाथ से देहरादून जा रहा था विमान, पायलट समेत सभी यात्रियों ने गंवाई जान
बदरीनाथ धाम में हेलीकॉप्टर हादसे में कर्नाटक के 5 श्रद्धालुओं और दिल्ली के पायलट की मौत हो गई. श्रद्धालु गुरुवार को दर्शन के बाद माना गांव गए थे और उसी दिन लौटने की इच्छा जताई थी, लेकिन मौसम खराब होने के कारण उड़ान नहीं हो सकी.
उत्तराखंड में चमोली जिले के जोशीमठ में शुक्रवार दोपहर को क्रैश हुआ हेलीकॉप्टर कई टुकड़ों में मिला है। इसमें सवार पायलट समेत सभी छह लोगों की मौत हो गई है और उनके शव भी बरामद कर लिए गए हैं। घटना की तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए हैं जो कि काफी झकझोर देने वाले हैं। हादसे के बाद जो वीडियो और तस्वीरें सामने आई हैं उनमें हेलीकॉप्टर के परखच्चे उड़े नजर आ रहे हैं।
जोशीमठ (उत्तराखंड)। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में खराब मौसम के बीच शुक्रवार को एक बड़ा विमान हादसा हो गया। बद्रीनाथ से देहरादून आ रहा एक निजी कंपनी का हेलिकॉप्टर जोशीमठ के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दर्दनाक हादसे में हेलिकॉप्टर के पायलट समेत सभी छह लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद राहत एवं बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर सभी मृतकों के शव बरामद कर लिए हैं। दुर्घटना की खबर सामने आते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए हादसे की जांच के निर्देश दिए हैं।
बद्रीनाथ से देहरादून के लिए भरी थी उड़ान
जानकारी के मुताबिक, ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड का हेलिकॉप्टर शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजकर 14 मिनट पर बद्रीनाथ से देहरादून के सहस्रधारा के लिए रवाना हुआ था। हेलिकॉप्टर में पायलट कैप्टन हिमांशु के अलावा पांच यात्री सवार थे। उड़ान के दौरान जब हेलिकॉप्टर जोशीमठ घाटी के ऊपर से गुजर रहा था, तभी अचानक उसका संपर्क टूट गया।
शुरुआत में हेलिकॉप्टर से संपर्क स्थापित करने की कोशिश की गई, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। इसके बाद ट्रैकिंग सिस्टम पर भी हेलिकॉप्टर की लोकेशन मिलनी बंद हो गई। कुछ ही देर में हेलिकॉप्टर के लापता होने की सूचना संबंधित अधिकारियों तक पहुंची। घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग सक्रिय हो गया तथा खोजबीन शुरू कर दी गई।
दो हेलिकॉप्टरों की मदद से शुरू हुई तलाश
हेलिकॉप्टर के लापता होने के बाद उसकी तलाश के लिए अभियान चलाया गया। आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी के अनुसार, जेपी डैम के ऊपर जंगल वाले क्षेत्र में सफेद रंग की किसी वस्तु में आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद घटनास्थल का पता लगाने के लिए दो हेलिकॉप्टरों की मदद ली गई।
खोजबीन के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हेलिकॉप्टर का मलबा जंगल के दुर्गम पहाड़ी इलाके में मिला। इसके बाद राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचा। घटनास्थल पर हेलिकॉप्टर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हालत में मिला। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हेलिकॉप्टर के कई हिस्से टूटकर अलग-अलग दूरी पर बिखरे हुए थे।
हेलिकॉप्टर में सवार सभी छह लोगों की मौत
इस हादसे में जान गंवाने वालों में पायलट कैप्टन हिमांशु और पांच यात्री शामिल हैं। यात्रियों की पहचान प्रतापा, अरुण, शंकर गौड़ा, सुधीर के. और एचएस नटराज के रूप में बताई गई है। सभी यात्री बेंगलुरु के बताए जा रहे हैं।
दुर्घटना के बाद राहत एवं बचाव दल ने घटनास्थल पर पहुंचकर तलाशी अभियान चलाया। मलबे के आसपास अलग-अलग स्थानों पर हेलिकॉप्टर के टूटे हुए हिस्से मिले। हादसा इतना भीषण था कि हेलिकॉप्टर में सवार किसी भी व्यक्ति को बचाया नहीं जा सका। अधिकारियों के मुताबिक, सभी छह लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं।
चट्टान से टकराने की जताई जा रही आशंका
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आशंका जताई जा रही है कि उड़ान के दौरान हेलिकॉप्टर किसी पहाड़ी चट्टान से टकराया होगा। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हेलिकॉप्टर के मलबे की जांच और अन्य तकनीकी पहलुओं के आधार पर हादसे की वजह का पता लगाया जाएगा।
पहाड़ी क्षेत्र में अचानक बदलने वाला मौसम, कम दृश्यता और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां हवाई उड़ानों के लिए चुनौती बन सकती हैं। हालांकि, इस हादसे में मौसम की भूमिका कितनी रही, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
खराब मौसम के बीच हुआ हादसा
यह दुर्घटना ऐसे समय हुई है, जब उत्तराखंड के कई हिस्सों में मौसम खराब बना हुआ है। राज्य के विभिन्न इलाकों में बारिश और बर्फबारी की स्थिति है। पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदलने के कारण हवाई सेवाओं का संचालन भी प्रभावित हो सकता है।
बद्रीनाथ और आसपास के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम की परिस्थितियां उड़ानों के लिए विशेष सावधानी की मांग करती हैं। ऐसे में हादसे के बाद हेलिकॉप्टर संचालन की सुरक्षा और मौसम संबंधी मानकों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। जांच में यह भी देखा जाएगा कि उड़ान के समय मौसम की स्थिति कैसी थी और हेलिकॉप्टर को उड़ान की अनुमति किन परिस्थितियों में दी गई थी।
ट्रांस भारत एविएशन के सभी हेलिकॉप्टरों की उड़ानें रोकी गईं
हादसे के बाद एहतियाती कदम उठाते हुए ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के सभी हेलिकॉप्टरों की उड़ानें रोक दी गई हैं। इस निर्णय का उद्देश्य कंपनी के हेलिकॉप्टरों की सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी स्थिति की समीक्षा करना है।
हवाई दुर्घटना के बाद संबंधित एजेंसियों द्वारा विमान के रखरखाव, तकनीकी रिकॉर्ड, उड़ान संबंधी जानकारी और मौसम की परिस्थितियों की जांच की जाएगी। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश होगी कि उड़ान के दौरान हेलिकॉप्टर में किसी तरह की तकनीकी खराबी आई थी या दुर्घटना किसी अन्य कारण से हुई।
मुख्यमंत्री धामी ने जताया दुख, जांच के निर्देश
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जोशीमठ के पास हुए हेलिकॉप्टर हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को घटना की जांच करने और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने हादसे को बेहद दुखद बताते हुए प्रशासन को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। वहीं, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से राहत एवं बचाव संबंधी कार्रवाई पूरी की गई।
छह परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
जोशीमठ के पास हुए इस भीषण हेलिकॉप्टर हादसे ने छह परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया है। बद्रीनाथ से देहरादून की यात्रा पर निकले यात्रियों और पायलट की मौत की खबर से उनके परिजनों में मातम छा गया। एक सामान्य हवाई यात्रा अचानक भयावह दुर्घटना में बदल गई और सभी छह लोगों की जान चली गई।
फिलहाल हादसे के कारणों को लेकर जांच का इंतजार है। मलबे की स्थिति, उड़ान का रिकॉर्ड, मौसम संबंधी जानकारी और तकनीकी पहलुओं की जांच के बाद ही दुर्घटना की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। इस हादसे ने एक बार फिर उत्तराखंड के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में हेलिकॉप्टर सेवाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस